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अटल जी न होते तो हर हाथ में न होता मोबाइल, टेलीकॉम पॉलिसी बदलकर ला दी थी क्रांति

भारत में हर आदमी जो स्मार्टफोन लेकर चल रहा है और देश की कुल आबादी में से करीब 100 करोड़ लोग मोबाइल का प्रयोग करते हैं।

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नई दिल्ली. आज भारत में हर आदमी जो स्मार्टफोन लेकर चल रहा है और देश की कुल आबादी में से करीब 100 करोड़ लोग मोबाइल का प्रयोग करते हैं। इसका श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री को ही जाता है। वो अटल बिहारी वाजपेयी की ही सरकार थी जो नई टेलीकॉम पॉलिसी लेकर आई और भारत में टेलीकॉम क्रांति की शुरुआत हुई। इसमें उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक तय लाइसेंस फीस हटाकर रेवन्यू शेयरिंग की व्यवस्था शुरू की। भारत संचार निगम लिमिटेड का गठन भी नीति निर्माण और सेवा के प्रावधान को अलग करने के लिए किया गया था। वाजपेयी सरकार के इस कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली। 

 
अटल जी की दूरदर्शिता और निर्णय क्षमता की देन है मोबाइल क्रांति 
 
पूर्व ट्राई चीफ प्रदीप बैजल ने बताया कि सरकार की ओर से 1995 में ट्राई एक्ट बनाया। इसके बाद 1997 में इसमें सुधार किया गया। लेकिन इससे बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ। इसके बाद जैसे ही अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार आई तो उन्होंने 2001 में कन्वर्जेंस एक्ट बनाया लेकिन संसदीय कमेटी के पास यह पेंडिंग पड़ा रहा और इश्यू नहीं हुआ। ऐसे में अटल जी ने यूनिफाइड एक्सेस लाइंसेंसिंग शुरू की। इसमें उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक तय लाइसेंस फीस हटाकर रेवन्यू शेयरिंग की व्यवस्था शुरू की। इसका फायदा मिला और मोबाइल पर बात करना सस्ता हो गया। यह अटल जी की दूरदर्शिता की ही देन है कि जहां 2003 में देश में करीब 1 कराेड़ फोन थे। वहीं, आज करीब 100 करोड़ फोन हैं। अटल जी को याद करते हुए पूर्व ट्राई चीफ ने कहा कि उनकी यही खासियत थी कि वे जल्दी निर्णय लेते थे और काम को लेकर लोगों पर विश्वास करते थे। 
आगे पढ़ें ; कॉल सुनने के भी लगते थे पैसे  
 

कॉल सुनने के भी देने पड़ते पैसे 
 
आज जो हम फ्री काॅल्स का मजा उठा रहे हैं ऐसा हमेशा से नहीं था। भारत में मोबाइल का शुरुआती दौर बहुत ही महंगा था। उस समय कॉल करने के अलावा कॉल सुनने यानी इनकमिंग कॉल्स पर भी पैसे देने पड़ते थे। पूर्व ट्राई चीफ प्रदीप बैजल ने बताया कि 2003 में जब फोन सुनने के लिए भी 30 पैसे हर मिनट लिए जाते थे तो तब अटल जी की ही नीति थी की इनकमिंग चार्ज को खत्म किया जाए। इससे बड़ा फायदा हुआ और मोबाइल का बाजार बढ़ता ही चला गया। हालांकि शुरुआत में लोगों को बड़ी मुश्किल से मोबाइल फोन मिल पाता था। इसका कारण था कि यह बहुत महंगे होते थे और केवल बड़े शहरों में ही मोबाइल कॉल की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन तकनीकी विकास और टेलीकॉम सेक्टर में निजी कंपनियों के आने के बाद मोबाइल से कॉल करने बेहद सस्ता हो गया है।  
आगे पढ़ें ; रिलायंस ने सबसे पहले शुरू ही फ्री इनकमिंग सेवा 

फिर आया रिलायंस और शुरू हुई सस्ती टेलिकॉम सेवा 

 
एक तरफ जहां देश में इनकमिंग कॉल पर भी चार्ज वसूला जा रहा था। इसी दौरान रिलायंस ने अपनी सर्विस लॉन्च की और देश में टेलिकॉम सर्विस का नया चैप्टर शुरू किया। इनकी ओर से सबसे पहले फ्री इनकमिंग की सेवा लोगों को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद अन्य प्राइवेट कंपनियों जिनमें ऐयरटेल और हच प्रमुख थीं। उन्होंने भी इनकमिंग को फ्री करने की शुरुआत की।
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