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फोन की बैटरी केे बारे में येे हैैं 7 झूठ, दुनि‍या मानती है सच

स्‍मार्टफोन के लि‍ए सबसे जरूरी चीज है उसकी बैटरी, जि‍सका ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है। क्‍योंकि‍ बैटरी को लेकर कई मि‍थ है।

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नई दि‍ल्‍ली. जैसे-जैसे स्‍मार्टफोन यूजर्स की गि‍नती बढ़ रही है। वैसे-वैैैैसे स्मार्टफोन को यूज और मेंटेन करने के तरीके भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्‍मार्टफोन के लि‍ए सबसे जरूरी चीज है उसकी बैटरी, जि‍सका ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है। क्‍योंकि‍ मोबाइल फोन की बैटरी को लेकर कई मिथ हैं। ऐसे में सबसे पहले बता दें कि‍ स्मार्टफोन की बैटरी में ब्लास्ट होने के कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में जब तक आपके फोन का चार्जर ठीक से काम कर रहा है तब तक बैटरी को कोई नुकसान नहीं होगा, फिर चाहे चार्जर किसी भी कंपनी का हो। वहीं, अगर ऑरिजनल चार्जर भी खराब हो तो बैटरी खराब हो सकती है। आज Moneybhaskar.com  बता रहा है कि‍ बैटरी को लेकर क्‍या क्‍या झूठ हैं जि‍न्‍हें लोग सच मानते हैं .... 
 
आगे पढ़ें : क्‍या हैं बैटरी के बारे में कहे गए झूठ 

1. क्‍या है झूठ 
ज्‍यादा चार्ज करने से खराब हो जाती है बैटरी। 
 
क्‍या है सही 
अक्‍सर ऐसा कहा जाता है कि‍ बैटरी को ज्‍यादा चार्ज करो तो वह खराब हो जाती है। लेकि‍न ऐसा नहीं है आजकल स्‍मार्टफोन में आने वाली बैटरी 
 
 
2. क्‍या है झूठ 
चार्जि‍ंग पर लगाकर स्‍मार्टफोन को न करें यूज। फट सकती है बैटरी और गर्म होता है फोन। 
 
क्‍या है सही 
ऐसा नहीं है कि‍ चार्जि‍ंग पर लगाकर फोन को यूज करने से फोन ज्‍यादा गर्म होता है या बैटरी फट सकती है। बल्‍कि‍ स्‍मार्टफोन के हार्डवेयर में दि‍क्‍कत के कारण ऐसी शि‍कायत आती है। 
3. क्‍या है झूठ 
पूरी बैटरी खत्‍म होने के बाद ही चार्ज करें।
 
क्‍या है सही 
यह गलत धारणा है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं और बैटरी को चार्ज करने के लि‍ए उसके जीरो पर्सेंट होने का इंतजार कर रहे हैं तो ऐसा न करें। इससे बैटरी की लाइफ कम होती है। 
 
 
4. क्‍या है झूठ 
बार-बार स्‍वि‍च ऑफ करने से खराब होती है बैटरी। 
 
क्‍या है सही 
ऐसा नहीं होता। ये बैटरी का नॉर्मल नेचर है कि‍ अगर आप फोन को स्‍वि‍च ऑफ कर देंगे तो एक तय समय के बाद उसकी बैटरी खुद ही खत्‍म हो जाएगी। 
5. क्‍या है झूठ 
बार बार चार्ज करने से बैटरी खराब होती है। 
 
क्‍या है सही 
स्‍मार्टफोन का बैटरी बैकअप कम होता है। वहीं, इंटरनेट यूज और बहुत सारे फीचर्स के चलते बैटरी जल्‍दी खत्‍म होती है। ऐसे में यूजर को बार-बार बैटरी चार्ज करनी पड़ती है। इससे बैटरी पर कोई असर नहीं पड़ता। 
 
 
6. क्‍या है झूठ 
ज्‍यादा इंटरनेट यूज करने से बैटरी जल्‍दी खत्‍म होती है। 
 
क्‍या है सही 
नेट सर्फि‍ंग से बैटरी पर ज्‍यादा असर नहीं पड़ता। लेकि‍न अगर आप यूट्यूब पर वीडि‍यो देख रहे हैं या फि‍र डाएनलोडि‍ंग के साथ फेसबुक चला रहे हैं तो बैटरी जल्‍दी खत्‍म होगी है। 
7. क्‍या है झूठ 
बैटरी को बर्फ में रखने से बैटरी की लाइफ बढ़ती है।  
 
क्‍या है सही 
आज कल जो बैटरी स्‍मार्टफोन में आती हैं उन्‍हें बहुत ज्‍यादा या बहुत कम टेम्‍प्रेचर में रखने पर दि‍क्‍कत आने लगती है। ऐसे में यह गलत सोच है कि‍ कुछ देर बैटरी को फ्रि‍जर में रखने से बैटरी बैकअप अच्‍छा हो जाएगा। आजकल की बैटरी के लि‍ए रूम टेम्‍प्रेचर ही बेस्‍ट टेम्‍प्रेचर है। 
 
 
 
8. क्‍या है झूठ 
नए फोन को ऑफ करके चार्ज करें। 
 
क्‍या है सही 
नया फोन खरीदने पर हर कोई यह सलाह देता है कि‍ आप फोन को ऑफ करके फुल चार्ज करें। जबकि‍ ऐसा करने की जरूरत नहीं है। इससे कोई फायदा नहीं होता। बल्‍कि‍ फोन में जि‍तनी बैटरी आती है आप उसे यूज करें और फि‍र उसे खत्‍म होने पर चार्ज करें और तब भी आपको फोन ऑफ करने की जरूरत नहीं है। 
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