बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-Telecomअंबानी की आंधी में उड़ गई 12 साल की मेहनत, इस शख्स के डूबे 45 हजार करोड़

अंबानी की आंधी में उड़ गई 12 साल की मेहनत, इस शख्स के डूबे 45 हजार करोड़

टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस Jio की एंट्री हुई है, तभी से दूसरी कंपनियों की परेशानी बढ़ने लगी है

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नई दिल्‍ली। जब से टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस Jio की एंट्री हुई है, तभी से दूसरी टेलिकॉम कंपनियों की परेशानी बढ़ने लगी है। छोटी- बड़ी लगभग हर कंपनियां अपने कस्‍टमर्स को लुभाने के लिए प्राइस और डाटा वार में कूद पड़ीं हैं। लेकिन इसका नुकसान ये हुआ कि इनमें से अधिकतर के कारोबार बिकने लगे हैं। उन्‍हीं में से एक टेलिकॉम कंपनी Aircel है। 


भारतीय टेलिकॉम इंडस्‍ट्री की जानी -मानी कंपनी रही Aircel दिवालिया होने की कगार पर है। Aircel पर रिलायंस जियो का ऐसा इफैक्‍ट पड़ा है कि कंपनी से जुड़े शख्‍स टी आनंदा कृष्णन की 12 साल की मेहनत पर पानी फिर गया है और उसे 45 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस रिपोर्ट में हम आपको बताते हैं कि आखिर कौन है टी आनंदा कृष्णन और इस शख्‍स को कैसे इतना बड़ा नुकसान हुआ है।  

 

 

45 हजार करोड़ का निवेश 


दरअसल, टी आनंदा कृष्णन मलयेशिया के बिजनेस टायकून हैं और उनकी होल्डिंग कंपनी मैक्सिस कम्‍युनिकेशन का एयरसेल में 45 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा का निवेश है। यह निवेश पिछले 12 सालों में किया गया है। लेकिन ब्‍लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक एयरसेल के दिवालिया होने की स्थिति में कृष्‍णन के सारे पैसे डूब जाएंगे।  

 

2006 से शुरू किया निवेश 

ब्‍लूमबर्ग के मुताबिक कृष्‍णन ने 2006 से निवेश का सिलसिला शुरू किया। दरअसल,  हावर्ड बिजनेस स्कूल से ग्रेजुएट कृष्‍णन की पहचान मलयेशिया के टॉप अमीरों में होती है। उनके तब के देश के पूर्व प्रधानमंत्री महाशीर मोहम्मद से अच्‍छे रिश्‍ते थे। यही वजह थी कि मलयेशिया की टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में भी कृष्‍णन के फर्म मैक्सिस कम्‍युनिकेशन का प्रभाव था और उन्‍होंने कई टेलिकॉम कंपनियों में निवेश किया। 

 


कारोबार का विस्‍तार किया 

हालांकि मलयेशिया के टेलिकॉम इंडस्‍ट्री में सुस्‍त ग्रोथ था। यही वजह थी कि कृष्‍णन ने अपने कारोबार का विस्‍तार करना शुरू किया। इसी कड़ी में उन्‍होंने भारतीय टेलिकॉम मार्केट में एंट्री की। कृष्‍णन की फर्म ने 2006 में ऐसे समय में भारतीय मार्केट में एंट्री ली जब यहां टेलिकॉम इंडस्‍ट्री का विस्‍तार हो रहा था और मोबाइल यूजर्स की संख्‍या बढ़ रही थी। ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कृष्‍णन को इस बात का अंदाजा था कि भारतीय मार्केट में उनकी मैक्सिस कम्‍युनिकेशन का ग्रोथ है। यहां उन्‍होंने Aircel को सफल बनाने के लिए 45 हजार करोड़ का बड़ा निवेश किया। 

 

मलयेशिया के तीसरे सबसे अमीर 


79 साल के कृष्‍णन मलयेशिया के तीसरे सबसे अमीर शख्‍स हैं। ब्‍लूमबर्ग बिलिनियर इंडेक्‍स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 6.1 बिलियन डॉलर है। फोर्ब्‍स मैगजीन ने उन्‍हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 219वें स्‍थान पर रखा है। आगे पढ़ें - एयरसेल पर कितना है कर्ज 

 

 

 

15 हजार करोड़ रुपए का कर्ज


देश के छठे सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर एयरसेल ने अपनी यूनि‍टों - एयरसेल सेलुलर और डि‍शनेट वायरलैस के साथ नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) में खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन दिया है। कंपनी पर 15 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। आगे पढ़ें - रिलायंस जियो बनी वजह 

 

 

जियो का इफैक्‍ट 


सितंबर 2016 में रिलायंस जियो के लॉन्च के बाद से एयरसेल लगातार घाटे में चल रहा है। कई सर्कल्स में कंपनी की सर्विस बंद होने की वजह से सैकड़ों लोगों के रोजगार पर संकट गहरा गया है। दिसंबर 2017 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी देश की छठी सबसे बड़ी मोबाइल सर्विस ऑपरेटर है और इसके लगभग 8.5 करोड़ उपभोक्ता देशभर में हैं। 

 

 

  

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