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हैकरों से बचा सकते हैं अपने सोशल मीडिया अकाउंट को, करें ये उपाय

आप अपने इंटरनेट ब्राउजिंग के तरीके में कुछ बदलाव करके अपने डाटा और अकाउंट को हैकरों से बचा सकते हैं।

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नई दिल्ली।  फेसबुक पर पांच लाख से अधिक लोगों के अकाउंट हैक होने से ऑनलाइन डाटा सिक्योरिटी फिर सवालों के घेरे में आ गई है। भारत सरकार समेत दुनियाभर की सरकारें फेसबुक से इस बारे में जवाब मांग रही हैं। हालांकि हैकरों से निपटना और इंटरनेट के सुरक्षा घेरे को और पुख्ता बनाना इंटरनेट प्रदाता कंपनियों का काम है, लेकिन आप अपने इंटरनेट ब्राउजिंग के तरीके में कुछ बदलाव करके अपने डाटा और अकाउंट को हैकरों से बचा सकते हैं।


तीन सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले ब्राउजर

देश में सर्वाधिक गूगल क्रोम ब्राउजर के जरिए लोग इंटरनेट सर्फ करते हैं। यह एंड्रॉयड डिवाइस पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने का डिफॉल्ट ब्राउजर है। इसके बाद तकरीबन एक-तिहाई मोबाइल इंटरनेट यूजर्स चीन के यूसी ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं। तीसरे नंबर पर फायरफॉक्स है। ये ब्राउजर्स आपके द्वारा इंटरनेट पर किए गए सारे कामों का रिकॉर्ड बना लेते हैं। इसमें यूट्यूब पर देखे गए वीडियो और फेसबुक पर विजिट की गई प्रोफाइल भी शामिल हैं। ज्यादातर इस जानकारी को इसलिए सेव किया जाता है ताकि पेज लोड में कम समय लगे। हालांकि कई बार यही सुविधा आपकी निजी जानकारी हैकरों तक पहुंचा देती है।

 

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ऐसे बचाएं अपना डाटा

 

इंकॉग्निटो मोड का इस्तेमाल करें।

 

क्रोम : अपनी ब्राउजर विंडो के टॉप राइट कॉर्नर में बने मेन्यू बटन पर क्लिक करें। इसमें न्यू इंकॉग्निटो वंडो को चुनें। आप कीबोर्ड से कंट्रोल+शिफ्ट+एन दबाकर भी इंकॉग्निटो विंडो खोल सकते हैं।
इस मोड में आप नॉर्मल मोड जैसे ही इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन यहां वेबसाइट आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री को सेव नहीं कर पाती है। इंकॉग्निटो मोड में आपकी ट्रैकिंग इंफॉर्मेशन भी डिसेबल हो जाती है, जिससे एड ट्रैकर्स यह नहीं देख पाते कि आप इंटरनेट पर क्या सर्च कर रहे थे। इससे आप बेवजह के ऐड देखने से बच जाते हैं।


यूसी ब्राउजर : ब्राउजर खोलते ही उसमें इंकॉग्निटो मोड का आइकन नजर आएगा। उसपर क्लिक करें।
यूसी ब्राउजर तेज ब्राउजिंग के लिए आपके फोन कॉल्स, लोकेशन और स्टोरेज को मैनेज करने के लिए ऐक्सेस मांगता है। अगर आप अपनी प्राइवेसी के प्रति चिंतित हैं तो यह ऐक्सेस न देने में ही आपकी भलाई है।

 

फायरफॉक्स : ब्राउजर विंडो के टॉप राइट कॉर्नर में बने मेन्यू बटन पर क्लिक करें। इसके बाद न्यू प्राइवेट विंडो का ऑप्शन चुनें।
इसी मेन्यू के अंदर आप 'tracking protection' को ऑन कर सकते हैं जिससे विभिन्न डिवाइस पर आपका ब्राउजिंग डाटा इकट्‌ठा करने वाले ऑनलाइन ट्रैकर्स ब्लॉक हो जाएंगे।

 

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सोशल मीडिया पर रहें सुरक्षित

फेसबुक-

 

- प्राइवेसी सेटिंग को दुरुस्त करें।

- सेटिंग्स में जाकर प्राइवेसी पर क्लिक करें। इसमें 'who can see your future posts' में 'Friends' चुनें। ऐसा करके आप अपने फेसबुक पोस्ट्स को अपने दोस्तों तक सीमित कर सकते हैं।

- सेटिंग्स में दिए गए ऑप्शन एप्स एंड वेबसाइट्स पर जाएं। इसमें प्रेफरेंस के नीचे दिए गए एप, वेबसाइट एंड गेम्स में एडिट करके उसे टर्न ऑफ कर दें। ऐसा करने से आपकी सीमित डाटा ही फेसबुक एप्स तक पहुंचेगा।

- प्राइवेसी सेटिंग एंड टूल्स के अंदर 'who can look you up using email address and phone number' में 'Friends' चुनें। ऐसा करने से ऐसे अजनबी आपकी प्रोफाइल तक नहीं पहुंच पाएंगे जिन्हें आपका ईमेल और फोन नंबर पता है।

 

इंस्टाग्राम : अपने सारे पोस्ट्स को प्राइवेट करके रखें जिससे सिर्फ आपके फ्रेंड्स ही उन्हें देख सकें। अपने पोस्ट्स को पब्लिक करने से कोई भी अनजान शख्स आपके फोटोग्राफ देख सकेगा।

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