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भारत में 2 लाख रु. से की थी शुरुआत, अब अमेरिका में खरीद ली 850 करोड़ की कंपनी

BYJU'S के रविंद्रन कभी पढ़ाते थे ट्यूशन, अब खड़ी की 26 हजार करोड़ की कंपनी

success Story of BYJU's Founder Raveendran

ट्यूशन पढ़ाकर 26 हजार करोड़ रुपए की कंपनी BYJU'S खड़ी करने वाले रविंद्रन एक बार फिर चर्चा में हैं। रविंद्रन ने अमेरिका की कंपनी OSMO खरीदी है। इसकी कीमत 850 करोड़ रुपए बताई गई है। Osmo भी लर्निंग प्लेटफॉर्म है। इससे BYJU'S ने अपने इंटरनेशनल एक्सपेंशन प्लान को आगे बढ़ा दिया है। 

नई दिल्ली. ट्यूशन पढ़ाकर 26 हजार करोड़ रुपए की कंपनी BYJU'S खड़ी करने वाले रविंद्रन एक बार फिर चर्चा में हैं। रविंद्रन ने अमेरिका की कंपनी OSMO खरीदी है। इसकी कीमत 850 करोड़ रुपए बताई गई है। Osmo भी लर्निंग प्लेटफॉर्म है। इससे BYJU'S ने अपने इंटरनेशनल एक्सपेंशन प्लान को आगे बढ़ा दिया है। 

 

क्या करती है Osmo 
Osmo के फाउंडर भारतवंशी है। प्रमोद शर्मा नाम के एक युवा ने बच्चों को टारगेट करते हुए आईपेड और आईफोन के लिए रियल्टी गेम्स बनाए थे और बाद में इसे लर्निंग प्लेटफॉर्म में तब्दील कर दिया।  

 

2 लाख में शुरु की थी कंपनी 
देश के सबसे बड़े ऑनलाइन एजुकेशन स्टार्टअप  (BYJU'S) की शुरुआत रविंद्रन ने लगभग 7 साल पहले कभी 2 लाख रुपए से की थी। केरल के एक छोटे से गांव से पढ़े बायजू रविंद्रन ने कोचिंग क्लास से शुरू कर यह मुकाम हासिल किया है, जिसके बारे में शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा। रविंद्रन ने सिर्फ 2 लाख रुपए खर्चकर अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। कोचिंग पढ़ाने के बीच में ही उन्हें एक खास आइडिया आया और उनकी कोचिंग का तरीका बदला और साथ ही उनकी किस्मत भी। Byju’s की हर महीने की इनकम 100 करोड़ पार कर गई है। अब हर साल 1400 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्‍य रखा है। यहां तक कि कंपनी का विज्ञापन खुद मशहूर एक्टर शाहरुख खान करते हैं।

 

ऐसे शुरू हुआ सफर  

BYJU'S रविंद्रन की शुरुआती शिक्षा कन्नूर जिले में स्थित उनके गांव अझीकोड में हुई थी। कालीकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग पूरी कर शिपिंग कंपनी में नौकरी की। उसी दौरान अपने कुछ दोस्तों को एमबीए के एग्जाम की तैयारी में मदद करने की सोची और उनके लिए टीचिंग शुरू की। बेहतर रिजल्ट मिला तो दोस्तों ने कोचिंग क्लास शुरू करने की सलाह दी। यहीं से बायजू के एक सफल बिजनेसमैन बनने का सफर शुरू हुआ।

 

2011 में बनाया स्टार्ट अप 
BYJU'S ने महज 2 लाख रुपए से अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। बाद में उन्हें ज्यादा लोगों को एजुकेशन प्रोवाइड करने के लिए एक खास आइडिया सूझा और उन्होंने 2011 में बायजू नाम से अपना स्टार्टअप बनाया। आज एजुकेशन प्रोवाइड कराने वाली कंपनी सालाना 1400 करोड़ रुपए कमाई के लक्ष्य पर काम कर रही है।


शुरू किया ऑनलाइन टीचिंग प्रोग्राम
रविंद्रन फुल टाइम कोचिंग क्लास चलाने लगे। वे कई और शहरों में जाकर भी कोचिंग क्लास लेते थे। बाद में उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ही जगह रहकर अपने सभी छात्रों तक पहुंचा जा सके। यहीं उन्होंने पहली बार 2009 में CAT के लिए ऑनलाइन वीडियो बेस्ड लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया। यह ऐसा आइडिया था, जिसके बाद से उनका एक नया सफर हुआ।

 

2011 में अपनी कंपनी शुरू की
रविंद्रन ने BYJU'S नाम से 2011 में अपनी कंपनी शुरू की। कंपनी का फोकस CAT के अलावा चौथी से 12वीं क्लास के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग प्रोवाइड करने पर था। उनकी कोचिंग में छात्रों की संख्‍या बढ़ने लगी। 2015 में उन्होंने अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट Byju’s - द लर्निंग एप लॉन्च किया। यह उनके लिए गेमचेंजर साबित हुआ। स्मार्टफोन की बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनका यह एप भी पॉपुलर होता गया।  

 

2 करोड़ छात्र BYJU'S से जुड़े
कंपनी ऑनलाइल कंटेंट उपलब्ध करवाती है। कुछ कंटेंट तो फ्री हैं, लेकिन एडवांस लेवल के लिए फीस देनी होती है। मौजूदा समय में Byju’s के साक करीब 2 करोड़ छात्र रजिस्टर्उ हैं। इसमें से करीब 13 लाख पेड सब्सक्राइबर्स हैं। मौजूदा समय में बायजू के साथ 1000 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हुए हैं।
 
1400 करोड़ सालाना रेवेन्यू का लक्ष्‍य
रविंद्रन ने जब कोचिंग क्लास शुरू की थी तो सिर्फ 2 लाख रुपए निवेश किया था। कंपनी बनने के बाद 2011-12 में उनकी कंपनी का रेवेन्यू 4 करोड़ रुपए था, जो 2012-13 में बढ़कर 12 करोड़, 2013-14 में बढ़कर 20 करोड़, 2014-15 में बढ़कर 48 करोड़ और 2015-16 में बढ़कर 120 करोड़ रुपए हो गया। यह 2016-17 में बढ़कर 260 करोड़ रुपए हो गया। अब कंपनी का हर महीने रेवेन्यू 100 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इस साल यानी 2018-19 में 1400 करोड़ रुपए रेवेन्यू का लक्ष्‍य है।

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