Home » Industry » IT-TelecomApple was on the verge of being bankrupt now its value more than Pakistans GDP

कभी दि‍वालि‍या होने के कगार पर थी Apple, आज पाकिस्‍तान के जीडीपी से भी ज्‍यादा है वैल्‍यू

आईफोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एप्पल (Apple) ने नया इतिहास रच दिया है।

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नई दिल्ली. आईफोन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी एप्पल (Apple) ने नया इतिहास रच दिया है। टेक कंपनी एप्पल 1 लाख करोड़ डॉलर (68 लाख करोड़ रुपए) की मार्केट कैप वाली अमेरिका की पहली और दुनिया की दूसरी कंपनी बन गई है। इससे पहले नवंबर 2007 में शंघाई के शेयर बाजार में पेट्रोचाइना का मार्केट वैल्युएशन इस स्तर पर पहुंचा था। गुरुवार को एप्पल का शेयर 207.05 डॉलर पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी की मार्केट कैप 1 लाख करोड़ डॉलर हो गई। Exxon Mobil, प्रॉक्टर एंड गैंबल औऱ AT&T कंपनियों की कुल मार्केट कैप से एप्पल का मार्केट वैल्यू ज्यादा है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं एप्‍पल के बारे में कुछ खास बातें ... 

 
स्‍टीव जॉब्‍स ने गैराज में शुरू की थी एप्‍पल 
1976 में स्टीव जॉब्स ने अपने गैराज में एप्‍पल की शुरुआत हुई थी। आज यह कंपनी एक ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग 68 लाख करोड़ रुपए की कंपनी हो गई है। इस कंपनी का आकार भारतीय अर्थव्यवस्था का 38 फीसदी है। 
 
 
खरीद सकती है छोटे देश  
आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्‍प्‍ल चाहे तो करीब 3 अरब डॉलर की इकॉनमी वाले पाकिस्तान जैसे देश को खरीदने की क्षमता रखती है। 
आगे पढ़ें : दि‍वालि‍या भी हो गई थी कंपनी 
 
स्‍टीव जॉब्‍स ने छोड़ा साथ तो दि‍वालि‍या हो गई कंपनी 
दुनि‍या के सबसे बड़ी कंपनि‍यों में से एक एप्‍पल के सामने भी एक समय ऐसा आया कि‍ कंपनी दि‍वालि‍या होने के कगार पर थी। 1997 में जब कंपनी पर संकट आया तो इसका स्टॉक की कीमत 1 डॉलर से भी नीचे आ गई थी। ऐसे में फि‍र से स्‍टीव जॉब्‍स को कंपनी का सीईओ बनाया गया। 
 
 
स्टीव जॉब्स की एंट्री 
स्टीव जॉब्स एप्‍पल के सह संस्थापक भी थे, लेकिन 1985 में कंपनी से बाहर हो गए थे। लेकि‍न जब कंंपनी पर संकट आया तो उन्‍हें फि‍र से बुलाया गया। वहीं, इस दौरान माइक्रोसॉफ्ट ने एप्‍पल में 15 करोड़ डॉलर का निवेश भी किया। 
 
आगे पढ़ें : आईफोन ने बदल दी कंपनी की कि‍स्‍मत 
 
फि‍र आया आईफोन और बदल गई कि‍स्‍मत 
स्टीव जॉब्स ने कंपनी का रूप ही बदल दिया। उन्होंने iPhone जैसा प्रोडक्‍ट बाजार में लॉन्‍च कि‍या। इसके बाद कंपनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यही कारण है कि‍ आज पूरी दुनि‍या में आईफोन के चाहने वालों की कमी नहीं है। कमाई की बात करें तो साल 2017 में स्‍मार्टफोन से कमाई के मामले में एप्‍प्‍ल का नाम सबसे पहले आता है। 
आगे पढ़ें : स्‍टीव जॉब्‍स के बाद टि‍म कुक ने दी कंपनी को नई दि‍शा  
 
टिम कुक ने कंपनी को और आगे बढ़ाया 
स्‍टीव जॉब्स की मौत के बाद एप्‍पल की तरक्‍की की स्‍पीड कम नहीं हुई। कि‍सी ने नहीं सोचा था कि‍ जॉब्स के बि‍ना कंपनी कैसे चलेगी। लेकि‍न टि‍म कुक ने उनकी जगह लेकर कंपनी को नई दि‍शा दी। यह भी एप्‍पल के लिए एक सफल कदम था। कुक के नेतृत्व में ऐपल का रेवेन्यू डबल हो गया। 
 
 
कैंसर ने ली स्‍टीव जॉब्स की जान 
2004 में स्टीव जॉब्स को कैंसर हो गया था। इसके बाद कंपनी के लगभग सभी काम टि‍म कुक ही देख रहे थे। ऐसे में जब 2011 में उनकी मौत के बाद कुक को आधिकारिक रूप से सीईओ बनाया गया। 
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