Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

आईएमएफ की कोटा प्रणाली की हो समयबद्ध समीक्षा, जेटली ने उठाई मांग TCS की डिजिटल रेवेन्‍यू बढ़ाने की बड़ी तैयारी, कंपनी ने बनाई नए सिरे से योजना कमाल की है ये बचत खाते वाली स्कीम, बैंक से 3 गुना मिल रहा है रिटर्न वीडियोकॉन-ICICI बैंक लोन मामले में हो सकती है फॉरेंसिक जांच, RBI से कंसल्ट करेगा सेबी 2018-19 में तेज होगी भारत की ग्रोथ, विकास दर 7.4% रहने का अनुमान: उर्जित पटेल FIU को जुटाईं रिकॉर्ड 886 सूचनाएं, तैयार की 30 रिपोर्ट्स हवा में एअरइंडिया विमान की खिड़की निकली, 3 यात्री जख्मी; अमृतसर से दिल्‍ली की थी फ्लाइट 250 रुपए महीने करें जमा, सरकार आजीवन देगी 60 हजार सालाना जनधन अकाउंट में डिपॉजिट 80 हजार करोड़ के पार, 31 करोड़ से ज्‍यादा हुए खाताधारक PNB घोटाला: अमेरिका में बैंक के फेवर में सरकार, हांगकांग कोर्ट में पीएनबी ने दाखिल की याचिका मोदी सरकार बनने के बाद पेट्रोल सबसे महंगा, कीमत 74.40 रुपए पर पहुंची आधी से भी कम कीमत में मिल रही हैं ब्रांडेड घड़ियां, उठाएं मौके का फायदा Tech in gadgets: बैटरी नहीं होती जिम्‍मेदार, स्‍मार्टफोन की स्‍लो चार्जिंग के ये हैं 3 दुश्‍मन नीरव मोदी, माल्‍या जैसे भगोड़ों की प्रॉपर्टी होगी जब्‍त, सरकार ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी को बढ़ाएगी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी : प्रभु
बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-Telecomएप्‍पल के आईफोन, आई पैड और मैक पर हैकर्स की नजर, बचने का ये है तरीका

एप्‍पल के आईफोन, आई पैड और मैक पर हैकर्स की नजर, बचने का ये है तरीका

एप्‍पल के आईफोन, आई पैड और मैक पर हैकर्स की नजर, बचने का ये है तरीका
नई दि‍ल्‍ली. एप्‍प्‍ल की ओर से कहा गया है कि‍ कंपनी आईफोन, आई पैड और मैक कम्प्यूटर सभी की चि‍प सि‍क्‍योरि‍टी प्रॉब्‍लम की वजह से प्रभावि‍त हुई हैं। हालांकि‍ कंपनी ने जारी बयान में कहा है कि अभी तक उपभोक्ताओं की तरफ हैकिंग का प्रभाव पड़ने की कोई खबर नहीं आई है। 
 
सि‍क्‍योरि‍टी अपडेट से स्‍लो हो सकती है डि‍वाइस 
 
कम्पनी की तरफ से अपने उपभोक्ताओं को किसी तरह की हैकिंग से बचने के लिए एप्पल की तरफ से जारी ताजा अपडेट को डाउनलोड की सलाह दी गई है। वहीं, कंपनी ने यह भी कहा है कि‍ इसे डाउनलोड करने के बाद हो सकता है फोन और कम्‍प्‍यूटर कुछ स्‍लो हो जाए, लेकि‍न यह आपकी डि‍वाइस को सेफ रखेगा।  
 
एप्‍पल के प्रोडक्‍ट्स में होता है इेंटेल की चि‍प का इस्‍तेमाल 
 
दरअसल इंटैल की चिप का इस्तेमाल करने वाले दुनिया भर के कम्प्यूटर और मोबाइल की सुरक्षा में हैकरों द्वारा सेंध लगाए जाने की संभावना व्यक्त की गई है। एप्पल अपने मैक कम्प्यूटर में इंटैल का प्रोसेसर इस्तेमाल करता है और एप्पल के आईफोन, आईपैड, एप्पल टीवी और एप्पल वाच में भी इसी चिप का इस्तेमाल होता है। 
 
 
एप्‍पल स्‍टोर से डाउनलोड करें ऐप 
 
एप्पल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अभी तक उपभोक्ताओं की ओर से हैकिंग का प्रभाव पड़ने की कोई खबर नहीं आई है लेकिन कम्पनी के सारे कम्प्यूटर हैकरों के निशाने पर आ सकते हैं। एप्पल की तरफ से उपभोक्ताओं को कहा गया है कि वे विश्वसनीय स्रोत से ही डाटा या सॉफ्टवेयर डाऊनलोड करें। एप्पल के यूजर एप स्टोर से जाकर अपने लिए उपयोगी एप्लीकेशन डाऊनलोड कर सकते हैं। 
 
कब-कब जारी कि‍ए अपडेट 
 
एप्पल ने 13 दिसंबर को आई.ओ.एस. 11.2 अपडेट, 6 दिसंबर को मैक के आप्रेटिंग सिस्टम के लिए 10.13.2 और टीवी आप्रेटिंग सिस्टम के लिए 4 दिसंबर 11.2 अपडेट को जारी कि‍या है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि‍ यह अपडेट कि‍सी भी तरह के अपडेट से बचाने में सक्षम हैं। 
 
एप्‍पल वॉच है हैकर्स से सेफ 
 
एप्पल के वाच आप्रेटिंग सिस्टम को किसी तरह की अपडेट की जरूरत नहीं है। कम्पनी की तरफ से कहा गया है कि एप्पल के ब्राऊजर सफारी को हमले से बचाने के लिए सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है जिसे आने वाले दिनों में जारी किया जाएगा। कंपनी का यह नया सॉफ्टवेयर जावा स्क्रिप्ट के जरिए होने वाले संभावित हमले से कम्प्यूटर की रक्षा करेगा। 
 
 
दो कमियां पकड़ी गईं 
 
इंटेल की एडवांस होल्डिंग डिवाइस और एमआरएम  होल्डिंग चिप में 2 तकनीकि‍ खामियां पाई गई हैं। इन दोनों को मैल्टडाऊन और स्पैक्ट्रे का नाम दिया गया है। गूगल के शोधकत्र्ताओं का कहना है कि दुनिया के 90 फीसदी कम्प्यूटरों में यही माइक्रो प्रोसेसर लगे हुए हैं और इन्हीं के सहारे दुनिया के तकरीबन हर फोन को चलाया जा रहा है। यानि दुनिया के अधिकतर फोन और कम्प्यूटर हैकर्स के निशाने पर हैं। 
 
 
क्या कहना है इंटेल का? 
 
इस बीच चिप बनाने वाली कम्पनी इंटेल का कहना है कि इस समस्या से बचाव के लिए कम्पनी ने एक पैच जारी किया है। इस पैच को डाउनलोड करके और ऑप्रेटिंग सिस्टम को अपडेट करके संभावित खतरे से बचा जा सकता है। हालांकि इंटेल के सीईओ ब्रायन के मुताबिक इससे फोन और कम्प्यूटर 2.5 फीसदी तक स्लो हो सकते हैं। वहीं, इसके बाद ऑनलाइन सर्विस से फास्ट डाउनलोडिंग में समस्या आ सकती है।  

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.