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टैरिफ में मनमानी टेलिकॉम कंपनियों पर पड़ेगी भारी, अब लगेगा प्रति सर्किल 50 लाख रु का जुर्माना

टेलिकॉम कंपनियों के लिए टैरिफ में मनमानी करना खासा भारी पड़ेगा।

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नई दिल्ली. टेलिकॉम कंपनियों पर टैरिफ में मनमानी करना खासा भारी पड़ेगा। टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई ने कहा कि कॉम्पीटिशन को प्रभावित करने के लिए सर्विसेज रेट्स में मनमानी पर ऑपरेटर्स को प्रति सर्किल 50 लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा। टेलिकॉम कंपनियों द्वारा लगातार एक-दूसरे के खिलाफ हो रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।

 

 

प्रति टैरिफ प्लान लगेगा 50 लाख तक जुर्माना

ट्राई ने कहा, 'यदि किसी सर्विस प्रोवाइडर के टैरिफ प्रीडेटरी यानी मनमाने और लाइसेंस के नियम व शर्तों या दिशानिर्देशों के के विपरीत पाए जाते हैं तो उसे जुर्माना देना होगा। जुर्माने की रकम प्रति सर्विस एरिया 50 लाख रुपए प्रति टैरिफ प्लान से ज्यादा नहीं होगी।'

 

 

देश में हैं 22 सर्किल

देश में इस समय कुल 22 टेलिकॉम सर्किल हैं। अग्रणी टेलिकॉम कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया सेल्युलर और रिलायंस जियो के ऑपरेशन सभी सर्किलों में हैं। सरकार के स्वामित्व वाली टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल 20 सर्किलों और एमटीएनएल 2 सर्किलों में सेवाएं देती हैं। चुनिंदा सर्किलों में एयरसेल का ऑपरेशन भी है।

टेलिकॉम रेग्युलेटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के नए नियम भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर के उन आरोपों के बाद सामने आए हैं, जिनमें जियो पर मनमानी प्राइसिंग के आरोप लगाए गए थे।

 

इस स्थिति में प्रीडेटरी माने जाएंगे टैरिफ

ट्राई के अनुसार किसी भी ऐसे टैरिफ को प्रीडेटरी यानी मनमाना माना जाएगा, जिसमें 30 फीसदी से ज्यादा मार्केट शेयर वाली कंपनी उस प्राइस पर सेवाएं देने का आरोप हो, जो एवरेज 'वैरिएबल कॉस्ट' से कम हो। साथ ही इसका मकसद कॉम्पिटीशन को कमजोर करना या प्रतिस्पर्धी कंपनी को बाजार से बाहर करना हो। पिछले साल अप्रैल में रिलायंस जियो ने भी भारती एयरटेल के खिलाफ ट्राई से शिकायत की थी कि एयरटेल ने भ्रामक ऑफर व मनमाने टैरिफ पेश कर टैरिफ नियमों का उल्लंघन किया है।

 

बिना पक्षपात देनी होंगी सेवाएं

रेग्युलेटर कोई शिकायत मिलने पर संबंधित प्रोडक्ट के आधार पर 'संबंधित बाजार' के बारे में डिटेल जुटाएगा, जिसके आधार पर कॉस्ट को डिडक्ट करने के बाद 'वैरिएबल कॉस्ट' तय की जाएगी।

रेग्युलेटर ने यह भी कहा कि टेलिकॉम कंपनियों को समान टैरिफ प्लान के अपने सभी सब्सक्राइबर्स को बिना किसी पक्षपात के अपनी सेवाएं देनी होंगी। 

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