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टेंडर रूल्स में मनमानी पर बरसी Jio, कहा-2जी अनिवार्य होने से सरकार को होगा 5 हजार Cr. का नुकसान

Reliance Jio सरकार द्वारा फंडेड मोबाइल सर्विस प्रोजेक्ट के लिए जारी किए गए टेंडर नॉर्म्स पर जमकर बरसी है।

Reliance Jio cries foul over tender rules of govt funded telecom projects

 

नई दिल्ली. Reliance Jio सरकार द्वारा फंडेड मोबाइल सर्विस प्रोजेक्ट के लिए जारी किए गए टेंडर नॉर्म्स पर जमकर बरसी है। कंपनी ने आरोप लगाया कि इन प्रोजेक्ट्स में दूसरी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए 2जी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाया गया है। कंपनी ने कहा कि सूत्रों के मुताबिक इससे सरकारी खजाने को लगभग 5,000 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है।

 

 

यूएसओएफ को जियो ने लिखा लेटर

मुकेश अंबानी की अगुआई वाली कंपनी ने इस क्लॉज को हटाने के लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) एडमिनिस्ट्रेटर संजय सिंह को एक लेटर भी लिखा गया है,जिसे टेलिकॉम मिनिस्टर मनोज सिन्हा और टेलिकॉम सेक्रेटरी अरुणा सुंदरराजन को भी मार्क किया गया है।

 

 

अंडमान निकोबार में 2जी टेक्नोलॉजी का यूज अनिवार्य बनाना गलत

25 जून को भेजे लेटर में जियो ने कहा, ‘हम पुरानी टेक्नोलॉजी को अनिवार्य नहीं करने की कई वजह होने के बावजूद अंडमान और निकोबार आइसलैंड के लिए हाल में जारी टेंडर में वॉयस के लिए 2जी टेक्नोलॉजी को अनिवार्य बनाने का फैसला खासा निराशाजनक है, जो पूरी तरह से अनुचित, मनमाना, भेदभावपूर्ण, प्रतिबंधात्मक और पीछे ले जाने वाला फैसला है।’

 

 

अंडमान निकोबार में लगने हैं 214 टावर

टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने कई गांवों और नेशनल हाईवेज के लिए अंडमान निकोबार आइसलैंड में 214 मोबाइल टावर लगाने के लिए जून के पहले हफ्ते में बिड आमंत्रित की थीं। ये ऐसे इलाके हैं, जो अभी तक टेलिकॉम सर्विसेस से अछूते हैं। सरकार इन प्रोजेक्ट के लिए यूएसओएफ के माध्यम से फंडिंग करेगी, जो टेलिकॉम सब्सक्राइबर्स द्वारा की जाने वाली हर कॉल के माध्यम से जुटाए गए पैसे से तैयार कॉर्पस है।  

जियो ने कहा 2जी रोलआउट को अनिवार्य बनाया जाना भेदभावपूर्ण है और इससे 4जी ऑपरेटर्स के लिए इस बिड में भाग लेने पर रोक लग गई है।

 

 

पुराने और बेकार नेटवर्क को खपा सकती हैं कंपनियांः जियो

जियो ने लेटर में आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट में 2जी टेक्नोलॉजी के अनिवार्य रूप से इस्तेमाल से दूसरी कंपनियों को अपने पुराने और बेकार नेटवर्क को अंडमान निकोबार आइसलैंड में खपाने का मौका मिल जाएगा, जबकि वे देश के दूसरे हिस्सों में 4 जी नेटवर्क में अपग्रेड हो चुके हैं।

प्रोजेक्ट का प्रबंधन कर रही यूएसओएफ विंग ने नक्सल प्रभावित राज्यों और पूर्वोत्तर के अनकनेक्टेड गांवों के टेलिकॉम कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के लिए इस क्लॉज का प्रस्ताव किया है।

 

प्री-बिड मीटिंग में जियो ने लगाए कई आरोप

19 जून को हुई प्री-बिड मीटिंग में जियो के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र और मेघालय में टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर रोलआउट प्रोजेक्ट में इस क्लॉज के एक्सटेंशन से सरकारी खजाने को 5,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

 

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