Home » Industry » IT-TelecomTRAI, Draft Rules, Apple: ट्राई ने अनचाही कॉल रोकने वाले ड्राफ्ट रूल्‍स को और कड़ा किया, एप्‍पल के साथ है विवाद

ट्राई ने अनचाही कॉल रोकने वाले ड्राफ्ट रूल्‍स को और कड़ा किया, एप्‍पल के साथ है विवाद

अनचाही काल और SMS रोकने के लिए ट्राई ने प्रपोज्‍ड रेग्‍युलेशन में एक क्‍लॉज और जोड़ा है।

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नई दिल्ली. अनचाही काल और SMS रोकने के लिए ट्राई ने प्रपोज्‍ड रेग्‍युलेशन में एक क्‍लॉज और जोड़ा है। इसमें कहा गया है कि हर डिवाइस में कॉल लॉग और SMS से सीधे ‘डू नॉट डिस्‍टर्ब’ में श्‍ािकायत करने की सुविधा होना जरूरी है। इस मामले में एप्‍पल के साथ ट्राई का विवाद चल रहा है। ट्राई ने इस संबंध में अपने ड्रॉफ्ट रूल्‍स में संशोधन किया है, जिस पर स्‍टेक होल्‍डर्स 11 जून तक अपनी टिप्‍पणी दे सकते हैं।

 
 

ट्राई ने स्‍पष्‍ट किए प्रावधान

ट्राई ने कहा है कि हर मोबाइल सेवा प्रदाता को यह पक्‍का करना होगा कि उसके नेटवर्क में जो भी डिवाइस कनेक्‍टेड हों वे ट्राई के रेग्‍युलेशन 6 (2) और रेग्‍युलेशन 24 (2) का पूरी तरह से पालन करते हों। ट्राई ने 30 मई को जारी ड्राफ्ट रूल्‍स में एक शुद्धिपत्र के माध्‍यम से यह सुधार किया है।
 
 

क्‍या है इसका मतलब

टेलीकॉम कम्‍युनिकेशन कस्‍टमर प्रिफरेंस रेग्‍युलेशन 2018 के क्‍लाज 6 के अनुसार टेलीकॉम आपरेटर शिकायतों को दर्ज करने की सुविधा दे सकते हैं, सब्‍सक्राइबर्स को चेंज की सुविधा देंगे, अनचाही कॉल और SMS की शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
 
 

ट्राई ने जारी किया है ऐप

ट्राई ने अनचाही कॉल और SMS की शिकायत के लिए एक ऐप जारी किया है। इसमें यूजर अपने कॉल लॉग से सीधे शिकायत दर्ज करा सकता है। ऐसा ही वह SMS की शिकायत में भी कर सकता है। ट्राई ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि सब्‍सक्राइबर्स फोन नबंर के अलावा डेट और टाइम की भी जानकारी दें।
 
 

एप्‍पल नहीं दे रही है यह सुविधा

देश में मोबाइल फोन बेचने वाली हर मोबाइल कंपनी ने यह सुविधा दे दी है, लेकिन एप्‍पल ने अभी तक यह सुविधा नहीं दी है। ट्राई के नए एेप के इस्‍तेमाल के लिए यह सुविधा का मिलना जरूरी है। हालांकि एप्‍पल ने अभी तक इस पर अपनी टिप्‍पणी नहीं दी है।
 
 

COAI को मामला सुलझने की उम्‍मीद

जीएसएम मोबाइल आपरेटरों के संगठन COAI के डायरेक्‍टर जनरल राजन एस मैथ्यूज के अनुसार यह मामला ट्राई और एप्‍पल के बीच का है। उन्‍होंने कहा कि ट्राई आपरेटरों को बीच में डाले‍ बिना इस मामले को सुलझा लेगा। उन्‍होंने कहा कि अमेरिका में जब एप्‍पल के साथ यह मामला आया था तो कोर्ट के माध्‍यम से इसे निपटाया गया था, न कि आपरेटरों को जिम्‍मेदार बनाया गया था।
 
 
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