Home » Industry » IT-TelecomIndia pips US to become 2nd largest smartphone market in Q3: Canalys

भारत बना दुनिया का दूसरा बड़ा स्मार्टफोन मार्केट, अमेरिका को छोड़ा पीछे

10.06 करोड़ स्मार्टफोन शिपमेंट के साथ चीन की बादशाहत कायम

India pips US to become 2nd largest smartphone market in Q3: Canalys

 

 

नई दिल्ली. भारत जुलाई-सितंबर, 2018 तिमाही में अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा बड़ा स्मार्टफोन मार्केट बन गया है। रिसर्च फर्म कैनालिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2018 की तीसरी तिमाही के दौरान भारत में 4.04 करोड़ स्मार्टफोन की शिपमेंट हुई। वहीं चीन 10.06 करोड़ स्मार्टफोन के साथ दुनिया सबसे बड़ा स्मार्टफोन मार्केट बना हुआ है। अमेरिका में इस अवधि के दौरान 4 करोड़ यूनिट्स की शिपमेंट हुई थी।

 

 

कमजोर बिक्री के बावजूद आगे निकला भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘भारत सितंबर तिमाही के दौरान अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा बड़ा स्मार्टफोन मार्केट बन गया। हालांकि दोनों ही देशों में पिछले साल की तुलना में कमजोर बिक्री रही।’

दुनिया भर में जुलाई-सितंबर, 2018 तिमाही के दौरान सालाना आधार पर स्मार्टफोन की शिपमेंट 7.2 फीसदी की गिरावट के साथ 34.89 करोड़ यूनिट रह गई। कैनालिस ने कहा कि यह लगातार चौथी तिमाही है, जब शिपमेंट में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘यह 2015 के बाद लगातार तीसरी तिमाही में सबसे खराब प्रदर्शन रहा। वहीं टॉप 10 मार्केट में से 7 में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह स्मार्टफोन रिप्लेसमेंट साइकल का लंबा खिंचना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेडिंग के हालात बदतर होना और बड़े चीनी वेंडर्स से तरफ से कॉम्पिटीशन में बढ़ोतरी रही।’

 

 

टॉप 10 में सिर्फ 3 देशों में रही ग्रोथ

टॉप 10 में जिन तीन मार्केट में ग्रोथ दर्ज की गई, वे इंडोनेशिया (सालाना आधार पर 13.2 फीसदी की ग्रोथ के साथ 89 लाख यूनिट), रूस (11.5 फीसदी ग्रोथ के साथ 88 लाख यूनिट) और जर्मनी (2.4 फीसदी ग्रोथ के साथ 55 लाख यूनिट) रहे। सितंबर तिमाही के दौरान सालाना आधार पर चीन की स्मार्टफोन शिपमेंट में 15.2 फीसदी, भारत में 1.1 फीसदी और अमेरिका में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

 

 

सैमसंग का मार्केट शेयर सबसे ज्यादा

कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान सैमसंग का मार्केट शेयर 20.4 फीसदी, हुआवेई का 14.9 फीसदी, ऐप्पल का 13.4 फीसदी, शाओमी का 9.6 फीसदी और ओप्पो का 8.9 फीसदी रहा।

कैनालिस के रिसर्च मैनेजर रुषभ दोषी ने कहा, ‘दुनिया भर में स्मार्टफोन मार्केट को अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसकी वजह वेंडर और देश के स्तर पर मार्केट में व्यापक बदलाव रहे हैं। इससे मार्केट में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने वाले आक्रामक वेंडरों को ग्रोथ के मौके मिल रहे हैं।’

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट