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पॉलिटिकल स्कैंडल्स के बाद जुकरबर्ग के लिए बढ़ा खतरा, Facebook ने सिक्युरिटी पर 4 गुना बढ़ाया खर्च

Facebook से जुड़े पॉलिटिकल स्कैंडल्स सामने आने के बाद कंपनी के फाउंडर Mark Zuckerberg के लिए खतरा काफी बढ़ गया है।

Facebook spent 140 cr rs last year on Zuckerberg s personal security

दुनिया भर में फेसबुक (Facebook) से जुड़े पॉलिटिकल स्कैंडल्स सामने आने के बाद कंपनी के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) के लिए खतरा काफी बढ़ गया है।


नई दिल्ली. दुनिया भर में फेसबुक (Facebook) से जुड़े पॉलिटिकल स्कैंडल्स सामने आने के बाद कंपनी के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। इसे देखते हुए बीते साल कंपनी ने उनकी सिक्युरिटी पर 2 करोड़ डॉलर (140 करोड़ रुपए) खर्च किए दिए, जो वर्ष 2016 की तुलना में 4 गुना ज्यादा है। फेसबुक (Facebook) ने शुक्रवार को खुद यह ऐलान किया।

 

सिक्युरिटी पर बढ़ाया खर्च

कंपनी द्वारा रेग्युलेटरी फाइलिंग के माध्यम से दी गई जानकारी के मुताबिक 2018 में जुकरबर्ग का कम्पन्सेशन बढ़कर 2.26 करोड़ डॉलर (158 करोड़ रुपए) हो गया, जबकि 2017 में यह 91 लाख डॉलर (63 करोड़ रुपए) था। हालांकि कम्पन्सेशन में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से सिक्युरिटी कॉस्ट के चलते रही। कंपनी ने कहा कि जुकरबर्ग को पर्सनल सिक्युरिटी के लिए वर्ष 2018 में 1 करोड़ डॉलर मिले और साथ में 1 करोड़ डॉलर का प्री-टैक्स अलाउंस मिला। इसमें ‘जुकरबर्ग और उनके परिवार की पर्सनल सिक्युरिटी से संबंधित अतिरिक्त कॉस्ट को भी कवर किया गया।’

 

प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 26 लाख डॉलर का आएगा खर्च

इस फंड को जुकरबर्ग को ‘घर और व्यक्तिगत ट्रैवल के दौरान’ सिक्युरिटी कवर देने के लिए इस्तेमाल किया जाएग। जुकरबर्ग को वर्ष 2017 और 2016 में इसके लिए क्रमशः 76 लाख डॉलर और 51 लाख डॉलर का फंड मिला था।
फाइलिंग में बताया गया कि जुकरबर्ग को मिला पूरा सिक्युरिटी कम्पन्सेशन सुरक्षा के लिए नहीं है। 2 करोड़ डॉलर में से 26 लाख डॉलर ‘प्राइवेट एयरक्राफ्ट के व्यक्तिगत इस्तेमाल पर आने वाली कॉस्ट से संबंधित है।’

 

स्कैंडल्स के बाद बढ़ा खतरा

फेसबुक का एक व्यापक सिक्युरिटी ऑपरेशन है, जिसे विशेष यूजर्स की लोकेशन को ट्रैक करने के लिए जाना जाता है। इसे फेसबुक और उसके एग्जीक्यूटिव्स के लिए खतरा माना जाता है। गौरतलब है कि पॉलिटिकल स्कैंडल सामने आने के बाद वर्ष 2018 में जुकरबर्ग के कम्पन्सेशन में भारी इजाफा किया गया है। इसको लेकर फेसबुक दुनिया भर की सरकारों के निशाने पर आ गई थी।

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