बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-TelecomTech in gadgets: दिखने में भले एक जैसा हो, पर हर ईयरफोन नहीं होता सेफ, 4 बातों पर जरूर करें गौर

Tech in gadgets: दिखने में भले एक जैसा हो, पर हर ईयरफोन नहीं होता सेफ, 4 बातों पर जरूर करें गौर

एक गलत ईयरफोन आपके कानों को खराब कर सकता है। आपके सुनने की क्षमता भी प्रभावित होती है। इसलिए सोचसमझकर ईयरफोन खरीदें..

Headphones Cause Hearing Loss here is tips to choose better Ear phones

नई दिल्‍ली. स्‍मार्टफोन की तरह ईयरफोन भी हर व्‍यक्ति की लाइफ का अहम हिस्‍सा बन चुका है। भारत के साथ दुनिया के कई देशों में ईयरफोन अक्‍सर फोन के साथ फ्री में मिलता है। इसके खराब होने के बाद हम कोई दूसरा ईयरफोन मार्केट से खरीद लेते हैं। दुनिया भर में की गई अलग-अलग रिसर्च के मुताबिक, ईयरफोन आपके बहरेपन का कारण भी हो सकता है। अकेले कोरिया में किए गए एक सर्वे के मताबिक, बहरेपन का सबसे बड़ा कारण ईयरफोन ही बनकर उभरा है। गलत ईयरफोन ऊंचा सुनने और तेज बोलने की आदत पैदा करता है।   

 

 

इससे बचने का बेहतर तरीका यह है कि जब भी आप नया ईयरफोन खरीदें तो हमेशा कुछ चीजों पर गौर करें। नहीं तो कोई बड़ी बात नहीं है कि आने वाले कुछ समय में आप बहरे हो जाएं या फिर आपको सुनाई देना कम हो जाए। आज हम आपको ईयरफोन से जुड़ी इन्‍हीं सावधानियों के बारे में बताते हैं। साथ ही अगर आप मार्केट से कोई ईयरफोन खरीद रहे हैं तो हमेशा कुछ सावधानियां जरूर बरतें। जरूरी नहीं कि ऊपर से एक जैसा दिखने वाला हर ईयरफोन आपके कोनों के लिए भी ठीक हो... 

 

समझें डेसिबल की पहेली   
स्‍टोनब्रूक फाउंडेशन के मुताबिक, सिर्फ 85 डेसिबल या उससे नीचे की आवाज आपके कानों के लिए सेफ होती है। ईयरफोन का यूज करते हैं तो लोग अक्‍सर इसे नजरअंदाज करते हैं।

अगर आप इससे ज्‍यादा तेज आवाज सुनते हैं तो लंबे समय तक सुनना खतरनाक हो सकता है। इसलिए ईयरफोन लेते समय हमेशा इसका ध्‍यान रखें कि उसकी फ्रिक्‍वेंसी बहुत ज्‍यादा न हो। फाउंडेशन के मुताबिक, कानाफूसी के दौरान 30 डेसिबल की आवाज निकलती है, जबकि ट्रैफिक से 75 डेसिबल की। ट्रैफिक का शोर हममे से ज्‍यादा लोग बर्दाश्‍त नहीं कर पाते हैं। 

 

नॉइस कैंसिलेंशन को नहीं करें इग्‍नोर ​ 
कोई भी ईयरफोन या हेडफोन खरीदने से पहले उसका नॉइस कैंसिलेशन जरूर चेक करें। नॉइस कैंसिलेशन ईयर या हेडफोन इस्‍तेमाल करने के दौरान बाहर होने वाले शोर को आपके कानों में पहुंचने से रोकता है। अगर बिना म्‍यूजिक चलाए ईयर या हेडफोन पहने हुए आपको बाहर की कोई आवाज नहीं सुनाई पड़ रही है तो समझिए आपका ईयर फोन बेहतर है। अगर ऐसा नहीं है तो आप उस ईयर फोन को खरीद कर बेहरेपन को दावत दे रहे हैं। 

 
चेक करें हेडफोन ड्राइवर 
हेडफोन या ईयरफोन में दूसरी देखनी वाली चीज ड्राइवर हैं। ड्राइवर ही हेडफोन को मिलने वाले सिग्‍नल को आवाज में कन्‍वर्ट करके आपके कोनों तक पहुंचता है। मार्केट में नजर दौड़ाएं तो कई तरह के ड्राइवर्स से लैस हेडफोन मार्केट में मौजूद हैं। इसमें डायनमिक ड्राइवर, बैलेंस्‍ड आर्मचर ड्राइवर, प्‍लेनर मैजेंटिक ड्राइवर भी शामिल हैं। ये सब अलग अलग टेक्‍नोलॉजी पर काम करते हैं। डायनमिक ड्राइवर अक्‍सर हेडफोन में यूज होते हैं। बैलेंस्‍ड आर्मचर ड्राइवर ईयरफोन के लिए यूज होता है। इसका साइज थोड़ छोटा होता है। इसलिए इसे भी जरूर चेक करें। 

 
ईयरफोन से हेडफोन हमेशा बेहतर 

टेक एक्‍स्‍पर्ट अजेंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, अगर आप म्‍यूजिक सुनने के लिए डिवाइस ले रहे हैं तो हमेशा हेडफोन खरीदने की कोशिश करें, क्‍यों कि उसकी तेज आवाज आपके कानों के पर्दों को ईयरफोन के मुकाबले कम नुकसान पहुंचाती है। ईयरफोन के मुकाबले हेडफोन की वाइस डिलेवरी थोड़ा दूर से भी होती है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट