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हवाई सफर में मोबाइल और इंटरनेट कर सकेंगे इस्‍तेमाल, टेलीकॉम कमीशन ने दी मंजूरी

हालांकि ये सर्विसेज कुछ शर्तों के साथ मिलेंगी।

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नई दिल्‍ली. टेलीकॉम कमीशन ने डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स और शिप्‍स में भारतीय सैटेलाइट्स और गेटवेज के जरिए मोबाइल फोन कॉल्‍स और इंटरनेट के इस्‍तेमाल के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि ये सर्विसेज कुछ शर्तों के साथ मिलेंगी। मंजूरी मंगलवार को हुई कमीशन की मीटिंग में दी गई। टेलीकॉम सेक्रेटरी अरुणा सुंदरराजन के मुताबिक, कमीशन ने इसके अलावा टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई की कई अन्‍य सिफारिशें भी मान ली हैं। इनमें इंटरनेट टेलीफोनी, पब्लिक वाई-फाई हॉटस्‍पॉट, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, शिकायत निवारण मैकेनिज्‍म और टेलीकॉम सेक्‍टर में लोकपाल की स्‍थापना जैसे मुद्दे शामिल हैं। 

 

 

बता दें कि ट्राई ने 19 जनवरी को डॉमेस्टिक, इंटरनेशनल और ओवर फ्लाइंग फ्लाइट्स में भारतीय एयरस्‍पेस के अंदर वॉइस, डाटा और वीडियो सर्विस दिए जाने को लेकर सिफारिशें पेश की थीं। इसमें इंटरनेट और वॉइस कम्‍युनिकेशन दोनों के लिए अनुमति दिए जाने का प्रस्‍ताव था, साथ ही ट्राई ने यह भी सुझाव दिया था कि हवाई सफर के दौरान कनेक्टिविटी सर्विस देने वाले प्रोवाइडर्स की एक अलग कैटेगरी बनाई जाए। इस सुझाव को भी मान लिया गया है। लाइसेंस के लिए फीस केवल 1 रुपए होगी।  

 

 

विदेशी सैटेलाइट और गेटवेज का नहीं होगा इस्‍तेमाल 
सुंदरराजन ने कहा कि ट्राई की एक सिफारिश को मंजूर नहीं किया गया है, वह यह थी कि हवाई सफर के दौरान कनेक्टिविटी के लिए विदेशी सैटेलाइट और गेटवेज के इस्‍तेमाल की भी अनुमति हो। सेक्रेटरीज की पहले हो चुकी मीटिंग में यह फैसला किया गया कि इस मामले में केवल भारतीय सैटेलाइट या अंतरिक्ष विभाग से अप्रूव्‍ड सैटेलाइट का ही इस्‍तेमाल होगा और गेटवे भी भारत के ही होंगे। यानी फ्लाइट में यात्री केवल भारतीय एयरोस्‍पेस के अंदर ही मोबाइल कॉल्‍स या इंटरनेट का इस्‍तेमाल कर सकेंगे। सुंदरराजन ने कहा कि मुझे लगता है इस सर्विस को शुरू होने में 3-4 महीने लगेंगे। 

 

 

लोकपाल लाने के लिए ट्राई एक्‍ट में करना होगा संशोधन 
सुंदराजन ने कहा कि टेलीकॉम सेक्‍टर के लिए एक लोकपाल (ओमबड्समैन) बनाए जाने के प्रस्‍ताव को भी मंजूरी दी गई है। लोकपाल को ट्राई के तहत स्‍थापित किया जाएगा और इसके लिए ट्राई एक्‍ट में संशोधन की जरूरत होगी। साथ ही शिकायतों के निपटारे के लिए थ्री-टीयर शिकायत निवारण मैकेनिज्‍म भी बनाया जाएगा। प्रस्‍तावित मैकेनिज्‍म के तहत टेलीकॉम कंपनी में शिकायतों को निपटाया जाएगा। अगर कंज्‍यूमर निपटारे से खुश नहीं है, तो वह ग्राहक शिकायत निवारण फोरम में जा सकता है। सबसे आखिर में मामला लोकपाल के पास आएगा। 

 

 

हर तिमाही लगभग 1 करोड़ शिकायतें 
सुंदरराजन ने आगे कहा कि टेलीकॉम सेक्‍टर में हर तिमाही लगभग 1 करोड़ शिकायतें आती हैं। लोकपाल की नई व्‍यवस्‍था एक बेहतर और संतोषजनक शिकायत निवारण सिस्‍टम की ओर ले जाएगी। 

 

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