बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-Telecomएक और विवाद में फेसबुक; एप्‍पल-सैमसंग समेत 60 मोबाइल कंपनियों से डाटा शेयर करने का आरोप

एक और विवाद में फेसबुक; एप्‍पल-सैमसंग समेत 60 मोबाइल कंपनियों से डाटा शेयर करने का आरोप

कंपनी ने एप्‍पल, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट जैसे मोबाइल मेकर्स के साथ यूजर्स के संबंधियों का भी डाटा शेयर किया...

1 of

नई दिल्‍ली. कैम्ब्रिज एनॉलिटिका डाटा लीक मामले के बाद फेसबुक एक और कन्‍ज्‍यूमर डाटा लीक विवाद में घिरती दिखाई दे रही है। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया कंपनी ने एप्‍पल, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट समेत स्‍मार्टफोन बनाने वाली दुनिया की करीब 60 प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ अपने यूजर्स और उनके संबंधियों की निजी जानकारी साझा की। 

 

डील अब भी प्रभाव में है.. 
रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक एप के स्‍मार्टफोन प्‍लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर आने से पहले ही फेसबुक ने डिवाइस मेकर्स के साथ डाटा शेयरिंग पार्टनरशिप से जुड़ी यह डील कर ली थी। कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, डिवाइस मेकर्स के साथ की गई यह डील अब भी प्रभाव में है। इस पार्टनरशिप से फेसबुक को अपनी रीच बढ़ाने में मदद मिली। साथ ही फोन मेकर मैसेजिंग या लाइक बटन और एड्रेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क से जुड़े पॉपुलर फीचर का ऑफर दे सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल मेकर्स के साथ ये डील 2010 से पहले ही कर ली गई थीं।  जि‍न कंपनियों के साथ डील की गई उसमें ब्‍लैकबेरी भी शामिल है, जो अब बाजार में न के बराबर एक्टिव है। 

 

सीधे तौर पर कानून का उल्‍लंघन 
न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स के मुताबिक, यह डील अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन के साथ फेसबुक की ओर से 2011 में प्राइवेसी प्रोटेक्‍शन एंड कम्‍प्‍लाइंस पर की गई कन्‍सेंट डिक्री का सीधा सीधा उल्‍लंघन है। 

 

पहले से कैम्ब्रिज एनॉलिटिका केस में हो रही कंपनी की किरकिरी 
बता दें, कैम्ब्रिज एनॉलिटिका डाटा लीक स्‍कैंडल सामने आने के बाद फेसबुक पहले से ही करोड़ों यूजर्स के डाटा का मिसयूज करने को लेकर फजीहत झेल रही है। फेसबुक का दावा है कि कैम्ब्रिज एनॉलिटिका ने फेसबुक के डाटा तक पहुंच का गलत फायदा उठाया। एक तरीके से कहें तो उसने डाटा की पहुंच से जुड़ी पाबंदियों का उल्‍लंघन भी किया। 

 

पूरी जानकारी नहीं 
फेसबुक अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि डिवाइस मेकर्स के साथ कंपनी ने जो समझौता किया है, उसके तहत डाटा पहुंच को लेकर डिवाइस मेकर्स के लिए कोई सीमा तय की गई है या फिर उन्‍हें डाटा तक असीमित पहुंच का अधिका‍र मिला है। हालांकि उनका कहना है कि यह पार्टनरशिप एक खास कॉन्‍ट्रैक्‍ट के जरिए गवर्न होती है, जिसमें डाटा तक पहुंच से नियम बेहद कड़े हैं। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट