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अंबानी से कोर्ट में भिड़ेंगे मैथ्‍यूज, माफी मांगने से कर चुके हैं इनकार

COAI चीफ ने कहा कि- जो मामला बातचीत से सुलझ सकता था, जियो ने मुकदमा करके उसे बिगाड़ दिया...

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नई दिल्‍ली. टेलिकॉम इंडस्‍ट्री बॉडी COAI (सेल्‍यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के महानिदेशक (DG) राजन मैथ्‍यूज ने जियो के खिलाफ अपने सख्‍त तेवर में नरमी नहीं दिखाने के संकेत दिए हैं। मुकेश अंबानी के स्‍वामित्‍व वाली टेलिकॉम कंपनी की ओर से दिल्‍ली हाईकोर्ट में दायर मानहानि के मुकदमें पर मैथ्‍यूज ने कहा कि जो विवाद बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता था, उसे जियो ने मुकदमेबाजी के जरिए बिगाड़ दिया। 

..तो रिश्‍ते मुश्किल में पड़ जाते हैं

मैथ्‍यूज ने कहा, 'जब कोई सदस्‍य कंपनी ही अपनी एसोसिएशन के खिलाफ मुकदमा दायर करती है तो आपसी रिश्‍ते मुश्किल में पड़ जाते हैं। खासकर तक जब सदस्‍य कंपनी ही मुदकमें का पहल करे। ऐसा करना दोनों (कंपनी और एसोसिएशन) के बीच आपसी टकराव की बड़ी वजह बनता है।' कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस जियो की ओर से दिल्‍ली हाईकोर्ट में दायर मानहानि के मुकदमें के खिलाफ अदालत में अपना जवाब देने के लिए अब COAI कानूनी राय ले रही है।

 

क्‍या है पूरा मामला 
इसी साल फरवरी मे मैथ्‍यूज ने टेलिकॉम रेग्‍यूलेटरी अथॉरिटी यानी ट्राई पर जियो को बैक डोर से मदद देने का आरोप लगाया था। मैथ्‍यूज ने कहा था कि भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसे पुराने ऑपरेटर्स की कीमत पर जियो को फायदा पहुंचाने के लिए ट्राई ने नियमों में बादलाव किया। COAI ने जियो को बैक डोर ऑपरेटर करार दिया था। इसी के बाद जियो ने मैथ्यूज और COAI को माफी मांगने को नोटिस भेजा था। माफी नहीं मांगने के बाद जियो ने COAI और मैथ्‍यूज के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कंपनी की अर्जी स्‍वीकारते हुए COAI और मैथ्‍यूज दोनों के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। 

 

आखिर ट्राई ने किया क्‍या था 

COAI ने आरोप लगाया था कि एक डेढ़ साल के दौरान ट्राई ने ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिसके चलते नए ऑपरेटर्स को फायदा हुआ है। बता दें कि सबसे ज्‍यादा विवाद ट्राई के प्रीडेट्री प्राइसिंग को लेकर हुआ था। इसके तहत ट्राई ने इंटर कनेक्टिक यूजेज चार्ज को कम करते हुए 14 पैसे प्रति मिनट कर दिया था। यह चार्ज ऑपरेटिंग कंपनी उस कंपनी को देती है, जिसपर कॉल खत्‍म होती है। एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया का आरोप है कि इससे सीधा जियो को फायदा हुआ। 

 

आगे पढ़ें- तब भी मैथ्‍यूज ने माफी मांगने से किया था इनकार 

 

 

तब भी मैथ्‍यूज ने माफी मांगने से किया था इनकार 

बता दें कि फरवरी में जियो ने जब मैथ्‍यूज को माफी का नोटिस भेजा था तब भी उन्‍होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया था। उनका तर्क है कि उन्‍होंने जो कुछ भी बयान दिया वह ट्राई के खिलाफ था न कि एक कंपनी के खिलाफ इसलिए माफी मांगने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। हालांकि मैथ्‍यूज ने अब उम्‍मीद जताई है कि मामला सुलझ जाएगा। मैथ्‍यूज ने कहा कि COAI अब भी जियो को एक सदस्‍य कंपनी के तौर पर देखता है। उम्‍मीद है कि टेलिकॉम इंडस्‍ट्री और उपभोक्‍ताओं को ज्‍यादा से ज्‍यादा बेनिफिट पहुंचाने के लिए हम इस मामले से पार पा लेंगे और मिलकर काम करते रहेंगे। 

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