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खाली हो गया अनिल अंबानी वाली रिलायंस कंपनी का खजाना, बैंक खाते में सिर्फ 19 करोड़

भारी कर्ज के बोझ तले दबी है कंपनी

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नई दिल्ली.

देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी जहां साल दर साल और अमीर होते चले जा रहे हैं, वहीं उनके भाई अनिल अंबानी की कंपनियाें का खजाना खाली हो गया है। उनके बैंक खातों में सिर्फ 19 करोड़ रुपए रह गए हैं। हाल ही में Reliance Communications Ltd और उसकी यूनिट Reliance Telecom Ltd ने दिल्ली हाईकोर्ट में एफिडेविट जमा कराया है जिसके मुताबिक इन कंपनियों के कुल 144 बैंक अकाउंट्स में सिर्फ 19.34 करोड़ रुपए रह गए हैं।

 

अमेरिकी कंपनी ने दर्ज कराया केस

पिछले साल कंपनी ने मंद पड़ते राजस्व, बढ़ते नुकसान और 46,000 रुपए के ऋण के चलते अपनी वायरलेस सेवाओं को बंद कर दिया था। अनिल अंबानी की कंपनी पर अमेरिका के बोस्टन की American Tower Corp ने केस दर्ज कराया था। कंपनी का कहना है कि Rcom ने उसके 230 करोड़ रुपए अब तक नहीं चुकाए हैं। अमेरिकी कंपनी द्वारा दाखिल किए गए केस के बाद ही Rcom ने अपने खातों की डिटेल कोर्ट को सौंपी।

 

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और भी मामलों में फंसी है Rcom

ATC ने अपने भुगतानों की पूर्ती कराने के लिए फरवरी में हाईकोर्ट में अपील की थी। हालांकि Rcom ने सुप्रीम कोर्ट ने ATC की अपील पर नवंबर को स्टे ऑडर्र दे दिया। अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगीउसके बाद ही इस मामले पर अगला फैसला आएगा। इसके साथ ही ATC ने दिल्ली हाई कोर्ट के दिसंबर के आदेश का पालन न करने पर Rcom के खिलाफ कोर्ट की अवहेलना करने का केस दर्ज करा दियाजिसमें कोर्ट ने Rcom को आदेश दिया था कि Sistema Shyam Teleservices का अधिग्रहण करने के बाद रिलायंस को Sistema कंपनी की तरफ से एक्जिट फीस के तौर पर 88 करोड़ की बैंक गारंटी देनी होगी। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने Rcom को 15 दिसंबर तक का समय दिया है कि वह स्वीडिश कंपनी Ericsson को 550 करोड़ रुपए चुकाए।

 

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गिर रहे हैं Rcom के शेयर

मंगलवार को BSE के इंडेक्स में Rcom के शेयरों की कीमत 1.8 फीसदी कम होकर 13.81 रुपए रह गई। इतना ही नहीं इन सब विवादों के चलते Rcom अपने वायरलेस असेट्स को Reliance Jio Infocomm को और रियल ऐस्टेट होल्डिंग्स को Brookfield के सुपुर्द करके 18,000 करोड़ जुटाने की याेजना पर काम नहीं पर रही है। इस रकम से ही कंपनी Ericsson और अन्य देनदारों के पैसे चुकाने के बारे में सोच रही है। एक तरफ Rcom ने अपने स्विचिंग नोड्स अौर ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क जियो को 5,000 करोड़ में बेच दिए हैंइसके बावजूद स्पेक्ट्रम की बिक्री पर दूरसंचार विभाग ने अभी तक अपनी स्वीकृति नहीं दी है। इसके लिए विभाग को Rcom से बतौर बैंक गारंटी 2,947.68 करोड़ रुपए चाहिए।

 

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