विज्ञापन
Home » Industry » IT-TelecomOnline streaming platforms signed self-censorship code

Netflix, Hotstar, Jio पर अब नहीं दिखेगा भड़काऊ और आपत्तिजनक कंटेंट, लागू होंगे नए सेंसरशिप नियम

Sacred Games और गंदी बात जैसी वेब सीरीज के कंटेंट पर चलेगी कैंची  

1 of

नई दिल्ली.

लीक से हटकर शो और कंटेंट परोसने वाले ऑनलाइन स्ट्रामिंग प्लेटफॉर्म भी जल्द ही सेंसरशिप के दायरे में आने वाले हैं। Netflix, Hotstar, Jio, Voot, Zee5, Arre, SonyLIV, ALT Balaji and Eros Now ने self-cencorship कोड साइन किया है, जिसके तहत इन over-the top (OTT) प्लेटफॉर्म्स पर अब आपत्तिजनक और भड़काऊ कंटेंट नहीं दिखाया जा सकेगा। साथ ही इसके तहत लोगों की कंप्लेंट्स को दूर करने के लिए प्रणाली बनाई जाएगी। Internet and Mobile Association of India (IAMAI) ने कोड का ड्राफ्ट तैयार करने में मदद की है। इन नियमों का पालन अगर होता है तो Netflix के Sacred Games शो के दूसरे सीजन में लोगों को पहले जितना बोल्ड कंटेंट देखने को नहीं मिलेगा। इंटरनेट के जरिए वीडियो कंटेंट डिलीवर करने वाली इंडस्ट्री 2023 तक 5 अरब डॉलर (35,572 करोड़ रुपए) का होने की उम्मीद है।

 

ये कंटेंट नहीं दिखाया जा सकेगा

इस कोड के तहत इन ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म्स पर भारतीय न्यायालयों द्वारा बैन किया गया कंटेंट नहीं दिखाया जा सकेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय प्रतीक, तिरंगे का अपमान करने वाला कंटेंट, आतंकवाद या हिंसा को बढ़ावा देेन वाला कंटेंट और बच्चों को सेक्शुअल एक्ट करते दिखाने वाला कंटेंट भी बैन होगा।

 

ग्राहकों के हितों का रखा जाएगा ध्यान

IAMAI ऑनलाइन क्युरेटिड कंटेंट (OCC) प्रोवाईडर्स के लिए नियम बनाती है, जिससे कि ये स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स खुद को एक जिम्मेदार और ट्रांसपेरेंट तरीके से खुद को संचालित करें। इसके साथ ही संस्था इस बात का भी ध्यान रखती है कि लोगों के हितों की रक्षा हो। संस्था का कहना है कि ग्राहकों को age-appropriate कंटेंट चुनने में मदद करना और उनकी शिकायतों का निवारण करना उसका उद्देश्य है। इसके साथ ही IAMAI ने यह भी साफ किया कि कोड इस बात का भी ध्यान रखेगा कि कंटेंट क्रीएटर्स और आर्टिस्ट्स की रचनात्मक आजादी न छिने और लोगों की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की आजादी का भी पालन हो।

 

अमेजन ने नहीं साइन किया कोड

Amazon Prime नाम से ऑनालाइन स्ट्रीमिंग कंटेंट देने वाली Amazon ने इस कोड पर साइन करने से मना कर दिया है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा नियम काफी हैं। Internet Freedom Foundation (IFF) ने कोड पर साइन करने वाले सभी वीडियो प्लेटफॉर्म्स को दोबारा सोचने को कहा है। IFF का कहना है कि टीवी के हिसाब का सेल्फ सेंसरशिप सिस्टम ग्राहकों की पसंद और बोलने की आजादी को प्रभावित करेगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss