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आइडिया-वोडाफोन मर्जर को NCLT की मंजूरी, डील में एक कदम और बढ़ी कंपनियां

नई दिल्‍ली.  नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (एनसीएलटी) ने आइडिया सेलुलर और वोडाफोन के मर्जर प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है। इससे दोनों कंपनिया डील पूरी करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गईं। इसके बाद अब दोनों ग्रुप कंपनियां फाइनल मंजूरी के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम  (DoT) के पास जा सकती हैं। 

 

रेग्‍युलेटरी नोट में आइडिया सेलुलर ने कहा है कि  नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल की अहमदाबाद बेंच ने 11 जनवरी 2018 के अपने आदेश में वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड और आइडिया सेलुलर लिमिटेड के विलय को मंजूरी दे दी। बता दें, वोडाफोन को इसके लिए एनसीएलटी से मंजूरी मिल चुकी है।  इस मर्जर को ‘एकीकरण की योजना’नाम दि‍या गया है। एकीकरण पूरा होने के बाद वोडाफोन इंडि‍या लि‍मि‍टेड (वीआईएल) का पूरा बि‍जनेस और वोडाफोन मोबाइल सर्वि‍सेज लि‍मि‍टेड (वीएमएसएल) आइडि‍या के साथ जुड़ जाएगा।


मर्जर का किसका  कितना शेयर? 

मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी में वोडाफोन की हिस्‍सेदारी 47.5 फीसदी रह सकती है। जबकि शेष हिस्‍सेदारी आइडिया और प्रमोटर आदित्‍य बिड़ला ग्रुप की होगी। टेलिकॉम रेग्‍युलेटर ट्रार्इ की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन और आइडिया के संयुक्‍त रूप से 40 करोड़ से ज्‍यादा मोबाइल सब्‍सक्राइबर हैं और दोनों का साझा मार्केट शेयर इंडस्‍ट्री में सबसे ज्‍यादा है। 
 

मर्जर से बनेगी 88 हजार करोड़ की कंपनी 

इंडिया रेटिंग्‍स एंड रिसर्च के अनुसार, वोडाफोन इंडिया और आइडिया के प्रस्‍तावित मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी का रेवेन्‍यू 77,500 से 80,000 करोड़ इसके अलावा रुपए होगा। यह रेवेन्‍यू साइज उस स्थिति में होगा जब कंपनियां स्‍पेक्‍ट्रम और इन्‍फ्रा कैपेक्‍स का डुप्लिकेशन खत्‍म कर देगी। इसके अलावा, सात सर्किल में वोडाफोन इंडिया और इनमें दो में आइडिया है, के स्‍पेक्‍ट्रम की वैल्‍यू पिछली नीलामी प्राइस के अनुसार करीब 12000 करोड़ रुपए है। इन सर्किल में कंपनियों का स्‍पेक्‍ट्रम परमिट 2011-22 में समाप्‍त होगा। 

 

मर्जर के बाद कैसे बनेगी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी?

1. रेवेन्यू:  अगर वोडाफोन और आइडिया का मर्जर होता है तो यह 80 हजार करोड़ रुपए के रेवेन्यू वाली भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन जाएगी।


2. सब्सक्राइबर्स:  मर्जर के बाद कंपनी सब्सक्राइबर्स के आधार पर भी भारत की सबसे बड़ी कंपनी होगी। यह मार्केट लीडर भारती एयरटेल व रिलायंस जियो को भी पीछे छोड़ देगी। वोडाफोन इंडिया 20.46 करोड़ कस्टमर्स के साथ दूसरी और आइडिया सेल्युलर 19.05 करोड़ कस्टमर्स के साथ तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। दोनों के मिलाकर 40 करोड़ सब्सक्राइबर्स हो जाएंगे। अभी देश में एयरटेल 26.34 करोड़ कस्टमर्स के साथ देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर है।

3. सबसे बड़ी हिस्सेदारी: CLSA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया को मिलाकर बनने वाली नई कंपनी के पास 2018-19 तक मोबाइल मार्केट की 43% हिस्सेदारी होगी, जिससे यह पहले नंबर पर होगी। दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल के पास 33% और रिलायंस जियो की 13% हिस्सेदारी रहेगी।

 



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