विज्ञापन
Home » Industry » IT-TelecomNCLAT declines to direct SBI to release 259 crore rupees

NCLT ने अनिल अंबानी को दिया बड़ा झटका, जेल जाने का खतरा बढ़ा

19 मार्च तक आरकॉम को करना है 453 करोड़ रुपए का भुगतान

NCLAT declines to direct SBI to release 259 crore rupees

NCLAT declines to direct SBI to release 259 crore rupees: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT) ने रिलायंस कम्यूनिकेशन के मालिक और दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी को बड़ा झटका दिया है। NCLT ने आरकॉम की याचिका पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को 259 करोड़ रुपए का आयकर रिफंड जारी करने के मामले में किसी भी प्रकार का निर्देश देने से इनकार कर दिया है।

नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT) ने रिलायंस कम्यूनिकेशन के मालिक और दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी को बड़ा झटका दिया है। NCLT ने आरकॉम की याचिका पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को 259 करोड़ रुपए का आयकर रिफंड जारी करने के मामले में किसी भी प्रकार का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। 

जेल जाने का खतरा बढ़ा
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले माह एरिक्सन का बकाया 453 करोड़ रुपए चुकाने के लिए अनिल अंबानी के आरकॉम समूह को एक माह का समय दिया था। इसकी समयसीमा 19 मार्च को खत्म हो रही है। यदि अनिल अंबानी इस बकाए का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। तभी से अनिल अंबानी एरिक्सन को बकाया चुकाने के लिए धन का इंतजाम करने में जुटे हैं। अनिल अंबानी ने एरिक्सन को देने के लिए SBI से आयकर रिफंड जारी करने की अपील की थी। इस संबंध में SBI की ओर से कोई कदम नहीं उठाने पर अनिल अंबानी ने NCLT का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में NCLT ने कहा है कि यह उसके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है और वह SBI को आयकर रिफंड जारी करने का निर्देश नहीं दे सकता है। 

तीसरे पक्ष को कोई आदेश नहीं दे सकते
मामले की सुनवाई करते हुए NCLT के चेयरमैन जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय और सदस्य जस्टिस बंसी लाल भट्ट की पीठ ने कहा कि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता की धारा 61 के तहत दायर मामले में किसी भी पक्ष को निपटान के बारे में निर्देश नहीं दिया जा सकता। खास तौर पर तीसरे पक्ष को ऐसा करने को नहीं कहा जा सकता जिससे अन्य पक्षों के बीच निपटान हो सके। पीठ ने कहा कि अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जब तक सुप्रीम कोर्ट से कोई आदेश पारित नहीं होता, तब तक वे अपने अंतरिम आदेश को नहीं हटा सकते।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन