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35 नहीं 75 रुपए हाे सकता है आपके मोबाइल का न्यूनतम रिचार्ज, जानिए कौन सी कंपनियां बढ़ाने जा रही हैं रेट्स

इनकमिंग चालू रखने के लिए ग्राहकों को हर 28 दिनों में यह कीमत चुकानी पड़ेगी

Minimum prepaid mobile recharge value may increase from 35 rs to 75 rs

नई दिल्ली.

आने वाले दिनों में आपको अपने फोन का रिचार्ज कराने के लिए दोगुने से भी अधिक राशि देनी पड़ सकती है। दूरसंचार कंपनियां प्रीपेड प्लान्स के अपने न्यूनतम रिचार्ज अमाउंट को बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। दरअसल Jio के आने के बाद सभी टेलीकॉम कंपनियां वित्तीय संकट से जूझ रही हैं। ऐसे में वे अपने प्रीपेड ग्राहकों से ज्यादा रुपए वसूलकर अपने घाटों को कम करने की योजना बना रही हैं। इसके तहत आपके मोबाइल की मिनिमम बैलेंस राशि 75 रुपए हो जाएगी। ऐसे में इनकमिंग चालू रखने के लिए ग्राहकों को हर 28 दिनों में यह कीमत चुकानी पड़ेगी।

 

ट्राई भी दे सकता है कंपनियों को अनुमति

कंपनियों की इस योजना पर दूरसंचार नियामक ट्राई छह माह तक रोक लगा सकता है, लेकिन अनुमान है कि वित्तीय संकट के मद्देनजर नियामक कंपनियों के खिलाफ ऐसा कदम नहीं उठाएगा। पिछले साल नवंबर में जब न्यूनतम रिचार्ज की दर अचानक 35 रुपये की गई थी, तब ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को नोटिस जारी किया था और ग्राहकों को पूरी जानकारी देने को कहा था। हालांकि तब भी ट्राई ने इन कंपनियों पर कोई शुल्क नहीं लगाया था, न कोई कार्रवाई की थी।

 

एयरटेल कर सकती है रिचार्ज शुल्क में बढ़ोतरी

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल के सीएमडी सुनील भारती मित्तल ने न्यूनतम रिचार्ज की दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि की वैधता के दिन अब लद गए हैं। कभी कंपनियां ग्राहकों को नेटवर्क पर जोड़े रखने के लिए लाइफ टाइम रिचार्ज के ऑफर दिया करती थीं। फिलहाल ग्राहकों को नेटवर्क से जुड़े रहने के लिए कम से कम हर महीने 35 रुपये का रिचार्ज कराना अनिवार्य है, लेकिन मीडिया रिपोट्स की मानें तो जो आने वाले दिनों में प्रति माह 75 रुपये तक पहुंच जाएगा।

 

बीएसएनएल ने नहीं लगाया कोई शुल्क

टेलीकॉम विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां हैं, जिसमें जियो द्वारा सेवाएं शुरू करने पर फ्री इनकमिंग जारी रखने को कोई प्लान नहीं पेश किया गया। इसके बाद वित्तीय संकट झेल रही कंपनियां उन मोबाइल नंबरों के लिए न्यूनतम रिचार्ज की व्यवस्था लेकर आईं, जो कई साल से फ्री इनकमिंग की सुविधा तो ले रहे हैं लेकिन कभी भी रिचार्ज नहीं करा रहे हैं। ऐसे ग्राहकों की संख्या एक करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है। हालांकि, भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने फिलहाल इस मसले पर कोई कदम नहीं उठाया है।

 

 

 

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