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Foxconn के चेयरमैन ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भारत आमंत्रित किया है, अब iPhone का बड़े पैमाने पर होगा प्रोडक्शन

फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी Apple के हैंडसेट असेंबल करने वाली सबसे बड़ी कंपनी

Mass iPhone Production To begin In India Soon, Big Shift From China
  • पिछले कई वर्षों से आईफोन के पुराने मॉडल का प्रोडक्शन बेंगलुरू स्थित प्लांट में कर रही थी।
  • अब इसके नए मॉडल भी भारत में बनेंगे।
  • कंपनी को चीन में लोकल ब्रांड Huawei और Xiaomi से कड़ी चुनौती मिल रही है।

नई दिल्ली.

Foxconn Technology (फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी) ग्रुप के चेयरमैन Terry Gou ने कहा कि इस साल से भारत में आईफोन का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी एपल (Apple) के हैंडसेट असेंबल करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। यह अब तक चीन में ही आईफोन (iPhone) का मास प्रोडक्शन करती रही है। गोउ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भारत आमंत्रित किया है।

 

नए मॉडल भी बनेंगे भारत में

एजेंसी की खबरों के मुताबिक एपल पिछले कई वर्षों से आईफोन के पुराने मॉडल का प्रोडक्शन बेंगलुरू स्थित प्लांट में कर रही थी। अब इसके नए मॉडल भी भारत में बनेंगे। फॉक्सकॉन चेन्नई में फुल स्केल असेंबलिंग शुरू करने से पहले भारत में लेटेस्ट आईफोन का ट्रायल प्रोडक्शन करेगी। गोउ ने कहा, ‘हम भविष्य में भारत की स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं।’

 

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चीन में अपना बाजार खो रही है कंपनी

भारत इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन मार्केट है। चीन में इसकी रफ्तार थम गई है। साथ ही चीन में एपल वहां की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों हुवावे (Huawei) और शाओमी (Xiaomi) से मार्केट शेयर गंवा रही है। आईफोन की अधिक कीमत के कारण एपल भारत में बड़ी प्लेयर नहीं है। लेकिन भारत में प्रोडक्शन होने से कंपनी 20% आयात शुल्क से बच जाएगी। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एनालिस्ट कर्ण चौहान ने कहा, ‘फॉक्सकॉन के लिए चीन के मार्केट में अब बहुत कुछ बचा नहीं है। साथ ही वहां लेबर कॉस्ट भारत की तुलना में तीन गुना ज्यादा है। भारत अब भी उभरता हुआ स्मार्टफोन मार्केट है। यहां घरेलू क्षमता बहुत ज्यादा है साथ ही यह इस क्षेत्र में निर्यात हब के रूप में भी काम कर सकता है।’

 

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चीन से बाहर बिजनेस फैलाने में मदद मिलेगी

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत में प्रोडक्शन बढ़ाने से एपल का चाइनीज ऑपरेशन कितना प्रभावित होगा। चीन वर्षों से कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग बेस रहा है। वहां फॉक्सकॉन की सबसे बड़ी प्रोडक्शन यूनिट होने के साथ-साथ एपल के अन्य पार्टनर्स का घरेलू बेस है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में फॉक्सकॉन की दो असेंबली यूनिट पहले से है। वहां कंपनी शाओमी और नोकिया के डिवाइस बनाती है। भारत में ज्यादा प्रोडक्शन यूनिट खोलने से एपल और फॉक्सकॉन दोनों को चीन से बाहर बिजनेस फैलाने में मदद मिलेगी। यह चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर के बीच और अहम हो जाता है। पिछले साल भारतीयों ने 14 करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन खरीदे। इसमें एपल की हिस्सेदारी महज 17 लाख रही।

 

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