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बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-Telecom8-12 साल की उम्र के बच्‍चों पर साइबर खतरे ज्‍यादा, इमर्जिंग इकोनॉ‍मीज में बिगड़ रहे हालात: रिपोर्ट

8-12 साल की उम्र के बच्‍चों पर साइबर खतरे ज्‍यादा, इमर्जिंग इकोनॉ‍मीज में बिगड़ रहे हालात: रिपोर्ट

नई दिल्‍ली. 8-12 साल की उम्र के ज्‍यादातर बच्‍चों पर साइबर बुलिंग और वीडियो गेम एडिक्‍शन जैसे ऑनलाइन खतरे ज्‍यादा हैं। ऐसा बड़े पैमाने पर इमर्जिंग इकोनॉमीज में है और वहां हालात बिगड़ रहे हैं। यह बात DQ इंस्‍टीट्यूट और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक जॉइंट सर्वे रिपोर्ट से सामने आई। 

 

इमर्जिंग इकोनॉमीज में तेजी से बढ़ रहा इंटरनेट का इस्‍तेमाल, निगरानी की है कमी 

रिपोर्ट में कहा गया कि 8-12 साल की उम्र के बच्‍चों में से 50 फीसदी से ज्‍यादा पर साइबर बुलिंग, वीडियो गेम एडिक्‍शन, ऑफलाइन मीटिंग्‍स, गलत जानकारी और ऑनलाइन सेक्‍सुअल ग्रूमिंग का खतरा सबसे ज्‍यादा मंडरा रहा है। इमर्जिंग इकोनॉमी में यह खतरा ज्‍यादा पैदा हो रहा है क्‍योंकि वहां इंटरनेट को इस्‍तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और पेरेंट्स, इंडस्‍ट्री या सरकार द्वारा उपयुक्‍त निगरानी की कमी है। यह सर्वे 38,000 बच्‍चों पर किया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि सर्वे में शामिल बच्‍चों में से 47 फीसदी ऐसे थे जो अतीत में साइबर बुलिंग का शिकार बन चुके हैं। 

 

तुरंत और पॉजिटिव कदम उठाए जाने की जरूरत 

2018 DQ इंपैक्‍ट रिपोर्ट का उद्देश्‍य युवा डिजिटल नागरिकों के समक्ष आ रहे खतरों को रोकने में माता-पिता की मदद करने के लिए सरकार, इंडस्‍ट्री और सिविल सोसायटी द्वारा कदम उठाए जाने की जरूरत दर्शाना है। DQ इंस्‍टीट्यूट, सिंगापुर के फाउंडर व चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव ऑफिसर युयून पार्क ने कहा कि हमें साइबर जोखिमों का सामना कर रहे दुनियाभर के बच्‍चों की मदद करने के लिए तुरंत और पॉजिटिव कदम उठाने की जरूरत है। विशेषकर ऐसे देशों में जहां इंन्‍फॉरमेशन और कम्‍युनिकेशन टेक्‍नोलॉजी को तेजी से अपनाया जा रहा है। हमें मिलकर अपने बच्‍चों की साइबर जोखिमों से निकलने में और कामयाबव जिम्‍मेदार डिजिटल नागरिक बनने में मदद करनी होगी। 

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