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कंसन्‍ट्रेशन बढ़ाने के काम आती है पोमोडोरो, भारत में बढ़ रहा यूज

आमतौर पर देखा गया है कि लोगों को किसी एक काम पर लंबे समय तक फोकस करने की आदत नहीं होती है।

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नई दिल्‍ली। आमतौर पर देखा गया है कि लोगों को किसी एक काम पर लंबे समय तक फोकस करने की आदत नहीं होती है। खासतौर पर बच्‍चे पढ़ाई के लिए देर तक नहीं बैठ पाते। लेकिन एक ऐसी टेक्‍नोलॉजी भी है जिसका इस्‍तेमाल कर अपने आप को किसी काम में  लंबे समय तक फोकस कर सकते हैं। भारत में भी इस टेक्‍नोलॉजी का यूज बढ़ रहा है।  आज हम आपको इस रिपोर्ट में इस खास टेक्‍नोलॉजी के बारे में बताने जा रहे हैं।  

 

इस टेक्‍नोलॉजी का नाम पोमोडोरो है। दरअसल, पोमोडोरो  एक तरह का टाइमर ऐप है जो टेक्‍नोलॉजी के जरिए टाइम मैनेजमेंट के तरीके सीखाता है। वैसे तो इस ट्रिक की खोज 80 के दशक में Francesco Cirillo ने की थी। इसे डिवाइस का रूप बाद में दिया गया।  पोमोडोरो टेक्‍नोलॉजी को एक उदाहरण से समझते हैं। 

 

ऐसे समझिए इस डिवाइस का इस्‍तेमाल 


मान लीजिए कि आप इस टाइमर डिवाइस को पढ़ाई के लिए यूज करना चाहते हैं । तो सबसे पहले आप अपना एक लक्ष्य निर्धारित कर लीजिए।  जैसे कि आपको किसी विषय के 2 चैप्टर 25 मिनट के अंदर तैयार करने हैं। ऐसे में इस टाइमर डिवाइस का इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

 
- सबसे पहले प्रोमोडोरो टाइमर को 25 मिनट के लिए सेट करना होगा। 


- टाइमर सेट होने के बाद आप जब पढ़ने बैठेंगे तब 25 मिनट के लिए दुनियादारी से दूर हो जाएंगे और आप अपनी पढ़ाई पर फोकस करने लगेंगे।   

 

तकनीक कैसे काम करती है 


दरअसल, यह तकनीक हमारे दिमाग के उस सोच पर वार करती है जिसमें हर वक्‍त ध्‍यान भटकने वाले ख्‍याल आते हैं। पोमोडोरो तकनीक आपके दिमाग को रिलैक्‍स मोड में ले जाती है और यह महसूस कराती है कि आप कुछ देर में ब्रेक लेने वाले हैं।   इस तकनीक के इस्‍तेमाल से दिमाग में डोपामाइन हार्मोन रिलीज़ होता है, जिससे ध्यान कम भटकता है। 


ऐसे होता है इस्‍तेमाल 


टेक एक्‍सपर्ट विनीत रुपानी बताते हैं कि वैसे तो कलाई में बांधने वाले टाइमर में पोमोडोरो तकनीक का इस्‍तेमाल होता है लेकिन आजकल बहुत से पोमोडोरो टेक्‍नोलॉजी एंड्राइड एप्प भी आते हैं, जिससे इसे आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। उन्‍होंने बताया कि यह ऐप में ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे ब्‍लूटूथ के जरिए कॉलिंग की जाती है। इस तकनीक के इस्‍तेमाल से दिमाग में फ्रेशनेस भी महसूस होती है। 

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