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वोडाफोन-आइडिया को होगा करोड़ों का फायदा, मोदी सरकार ने लिया ये फैसला

वोडाफोन और आइडिया को सरकार के एक फैसले से करोड़ों रुपए का फायदा होने वाला है।

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नई दिल्‍ली. वोडाफोन और आइडिया को सरकार के एक फैसले से करोड़ों रुपए का फायदा होने वाला है। दरअसल सरकार ने स्‍पेक्‍ट्रम नीलामी में खरीदे गए स्‍पेक्‍ट्रम के लिए पेमेंट की अवधि को बढ़ा दिया है। अभी तक स्‍पेक्‍ट्रम के लिए भुगतान की अवधि 10 साल थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16 साल कर दिया गया है। इस फैसले से बाकी टेलीकॉम कंपनियों को भी फायदा पहुंचेगा लेकिन सबसे ज्‍यादा फायदा वोडाफोन और आइडिया को होगा। यह बात दाइचे बैंक की एक रिपोर्ट में कही गई है। 

 

कैसे होगा इतना फायदा

दाइचे बैंक ने रिपोर्ट में कहा कि स्‍पेक्‍ट्रम पेमेंट की अवधि बढ़ने से वोडाफोन-आइडिया मर्जर पर स्‍पेक्‍ट्रम के सालाना इन्‍स्‍टॉलमेंट का बोझ 30 फीसदी कम हो जाएगा। यह बाकी की टेलीकॉम कंपनियों से सबसे ज्‍यादा फायदा है। 

 

आगे पढ़ें- एयरटेल रहेगी कितने फायदे में 

एयरटेल को कितना होगा फायदा

सरकार के इस फैसले पर मॉर्गन स्‍टेनले ने भी अपनी राय पेश की है। मॉर्गन स्‍टेनले ने रिसर्च नोट में कहा कि स्‍पेक्‍ट्रम के लिए पेमेंट की अवधि बढ़ने से एयरटेल का सालाना स्‍पेक्‍ट्रम पेमेंट 1,400-1,700 करोड़ रुपए घट जाएगा यानी उसे वित्‍त वर्ष 2019-20 में 20 फीसदी कम बोझ उठाना होगा। 

 

आगे पढ़ें- स्‍पेक्‍ट्रम के लिए साल में कितना इन्‍स्‍टॉलमेंट भरती हैं कंपनियां 

कितना है टेलीकॉम कंपनियों का सालाना इन्‍स्‍टॉलमेंट 

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि आइडिया-वोडाफोन मर्जर का स्‍पेक्‍ट्रम के लिए सालाना इन्‍स्‍टॉलमेंट लगभग 16,000 करोड़ रुपए का है, जबकि मौजूदा EBITDA (अर्निंग्‍स बिफोर इंटरेस्‍ट, टैक्‍स, डेप्रिसिएशन एंड अमोर्टाइजेशन) 10,000 करोड़ रुपए का। वहीं भारती एयरटेल के लिए स्‍पेक्‍ट्रम का सालाना इन्‍स्‍टॉलमेंट 9,000 करोड़ रुपए का और EBITDA 23,000 करोड़ रुपए का है। रिलायंस जियो की बात करें तो इसका सालाना इन्‍स्‍टॉलमेंट 4,500 करोड़ रुपए है। 

 

आगे पढ़ें- कंपनियां रख पाएंगी अब ज्‍यादा स्‍पेक्‍ट्रम

स्‍पेक्‍ट्रम होल्डिंग की सीमा भी बढ़ी 

स्‍पेक्‍ट्रम के लिए पेमेंट की अवधि बढ़ाने के साथ सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए स्‍पेक्‍ट्रम होल्डिंग की सीमा भी बढ़ा दी है। यानी अब कंपनियां ज्‍यादा स्‍पेक्‍ट्रम ले सकेंगी। अभी तक किसी टेलीकॉम सर्किल या जोन में टेलीकॉम कंपनियां उपलब्‍ध स्‍पेक्‍ट्रम या एयरवेव का 25 फीसदी ही ले सकती थीं। लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 35 फीसदी कर दिया गया है। 

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