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मोदी सरकार लगाएगी 4072 मोबाइल टावर, ये है पूरा प्‍लान

देशभर में टेलिकॉम नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने नए मोबाइल टावर इन्‍स्‍टॉल करने का प्‍लान बनाया है।

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नई दिल्‍ली. टेलिकॉम नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने नए मोबाइल टावर इन्‍स्‍टॉल करने का प्‍लान बनाया है। 4000 से ज्‍यादा मोबाइल टावर 10 राज्‍यों में लगाए जाएंगे। ये राज्‍य नक्‍सल प्रभावित हैं। टेलिकॉम कमीशन ने 4072 मोबाइल टावर 10 राज्‍यों में मोबाइल टावर फेज-2 स्‍कीम के तहत लगाने के प्रपोजल को मंजूरी दे दी है। इसको लेकर एक कैबिनेट नोट जल्‍द सर्कुलेट होगा।

 


क्‍यों लगाए जाएंगे ये टावर? 
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट से भी इस प्रपोजल को जल्‍द मंजूरी मिलने की उम्‍मीद है। पहले फेज में 3,167 करोड़ रुपए की लागत से 2329 मोबाइल टावर लगाए गए। यह फेज करीब दो साल पहले पूरा हो चुका है और टावर आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्‍तीसगढ़, झारखंड, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्‍तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में लगाए गए। अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्‍त टावर से नक्‍सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत होगा। नक्‍सल इकालों में सिक्‍युरिटी एक बड़ा चैलेंज है।
 
कितना होगा खर्च? 
अधिकारी ने बताया कि 4072 मोबाइल टावर लगाने पर कितना खर्च होगा इसका अभी पता नहीं लगा पाया है लेकिन इस पर होने वाला खर्च दूरसंचार विभाग के यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड की ओर से उठाए जाने की उम्‍मीद है। टावर को चलाने के लिए होने वाला खर्च भी प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट का हिस्‍सा होगा। 

 

कहां-कितने टावर लगेंगे? 
अधिकारी ने बताया कि 4072 मोबाइल टावर में से 1054 झारखंड में लगाए जाएंगे। इसके अलावा 1028 छत्‍तीसगढ़, 483 ओडिशा, 429 आंध्र प्रदेश, 412 बिहार, 207 पश्चिम बंगाल, 179 उत्‍तर प्रदेश, 136 महाराष्‍ट्र, 118 तेलंगाना और 26 मध्‍य प्रदेश में लगाने का प्‍लान है। 

 

 

 

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अभी कितने जिलों में है नक्‍सल समस्‍या 
अभी देश के 90 जिले माओवाद की समस्‍या से जूझ रहे हैं। 30 जिलों में हालात बेहद खराब हैं। गृह सचिव राजीव गाबा का कहना है कि देश में 44 जिले अब लंबे समय तक माओवाद की समस्‍या से नहीं दो-चार होंगे या वहां उनकी मौजूदगी न के बराबर होगी। अधिकांश वाम धड़े के चरमपंथी केवल 30 जिलों तक सिमट कर रह गए हैं। 

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