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Tech in gadgets: अमेजन के बाद अब गूगल भी मैदान में, AI ऐसे बदलेगा आपकी लाइफ

नई दिल्‍ली। अमेजन के बाद अब गूगल ने भारत में अपना स्‍मार्ट स्‍पीकर हाल में लॉन्‍च कर दिया है। अमेजन की तरह यह भी आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस या AI से लैस स्‍पीकर होगा। मतलब एक बार आपके स्‍मार्टफोन फोन से जुड़ जाने के बाद यह यह स्‍पीकर आपकी वाइस कमांड पर काम करेगा। किसी बटन को पुश करने या स्‍टार्ट करने के लिए इसे ऑन या ऑफ करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और टेक कंपनियां इस टेक्‍नोलॉजी से लैस स्‍पीकर या अन्‍य प्रोडक्‍ट मार्केट में उतार सकती हैं। गूगल और उबर की मशहूर बिना ड्राइवर वाली कारें भी इसी टेक्‍नोलॉजी से लैस हैं।

 

मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस हमारी-आपकी रोजमर्रा की जिंदगी की हिस्‍सा बनने जा रहा है। ऐसे में हमारे आपके लिए जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर यह टेक्‍नोलॉजी है क्‍या और यह कैसे काम करती है। टेक इन गैजेट के इस अंक में आज हम इसी के बारे में जानेंगे। इस बारे में हमने टेक एक्‍सपर्ट विकास खिरवडकर से बात की। विकास के मुताबिक, भारत के लिए यह टेक्‍नोलॉजी भले ही नई हो, लेकिन फिलहाल अमेरिका और यूरोप के मार्केट में यह तेजी से जगह बना रही है। जल्‍द ही भारत में भी हम आप इससे दो-चार हो जाएंगे। 

 

आखिर क्‍या है आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले दौर का एक ऐसा प्रोडक्‍ट है, जो आपके बहुत से कामों को अंजाम देगा। बुनियादी तौर पर यह एक वॉयस असिस्‍टेंट है। मतलब आपके कहने पर  आपके फोन या स्‍पीकर में गाना बजाएगा। आपको बताएगा कि आज बिल भरने की लास्‍ट डेट है। आप पिछले हफ्ते किन लोगों से मिले थे। आपका बच्‍चा किस दिन स्‍कूल नहीं गया था। पिछले महीने आपने घर की किश्‍त भरी थी या नहीं। घर के पास कौन सा रेस्‍टोरेंट है, जहां आप को वेज खाना मिलेगा। वह आपका टीवी भी ऑपरेट करेगा और कहेंगे तो आपके लिए ऑनलाइन शॉपिंग भी कर लेगा। फिलहाल कंपनियां टीवी, स्‍पीकर, फोन, लैपटॉप, कार से लेकर रोबोट तक में में इस टेक्‍नोलॉजी का यूज कर रही हैं।  


किस कंपनी के AI का क्‍या नाम है ? 
फिलहाल मार्केट में जिन कंपनियों के आर्टिफिशिएल इंटीलिजेंस सामने आए हैं, उनमें अमेजन, गूगल, एप्‍पल और माइक्रोसॉफ्ट के नाम शामिल हैं। इसमें अमेजन के AI का नाम एलेक्‍सा है तो गूगल के AI का नाम असिस्‍टेंट है। एप्‍पल ने अपने AI का नाम शीरी  रखा है तो माइक्रोसॉफ्ट ने इसका नाम टे या बूट रखा है।  
 
आपसे बात भी कर सकता है यह 
इसमें कई ऐसी खूबिययां हैं जो आपको बोर नहीं होने देती हैं। विकास के मुताबिक, चाहे अमेजन का एलेक्‍सा हो या फिर गूगल का असिस्‍टेंट हो। इनकी सबसे ज्‍यादा चर्चा इसलिए हो रही है, क्‍योंकि ये आपसे बात भी कर सकते हैं। आप इनसे मौसम का हाल पूछ सकते हैं। अपने लिए सामान की लिस्‍ट बनवा सकते हैं। कुछ आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस खास काम के लिए बने होते हैं। जैसे ड्राइवरलेस कारों में यूज होने वाले आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस कार चलाने में माहिर है, तो रोबोट में यूज होने वाला AI आपकी वाइक कमांड पर प्रतिक्रिया देने में। 

जल्‍द में हिंदी और भारतीय भाषाओं में दे सकेंगे कमांड 
भारत में सबसे ज्‍यादा चर्चा जिन दो AI  की हो रही है, उसमें अमेजन और गूगल के नाम हैं। दोनों कंपनियां इन्‍हें भारत की देसी भाषाओं के हिसाब से डेवलप कर रही हैं पिछले साल ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आप एलेक्‍सा से पूछेंगे कि स्‍वतंत्रा दिवस कब है तो वह 15 अगस्‍त बताएगा न कि 4 जुलाई (अमेरिका का स्‍वतंत्रता दिवस)। उसे हल्‍दी और मसाले के बीच उतना ही अंतर पता है जितना किचेन में काम करने वाली आपकी मां और पत्‍नी को। अमेजन ने भारतीय भाषाओं में बात करने वाले ऐसे बहुत से स्‍पीकर भारत में भेजे भी हैं। यह अंग्रेजी भी भारतीय लहजे में बोलता है। ब्‍लूमबर्ग के मुताबिक, इसे हिंग्लिश बोलने की ट्रेनिंग दी गई है। अभी तक इंडियन मार्केट में गूगल का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गूगल असिस्‍टेंट और एप्‍पल का शीरी भी आ चुका है, लेकिन ये दोनों अब भी अमेरिकन या ब्रिटिश लहजे में बात करते हैं, लेकिन एलेक्‍सा देसी भाषा में बात करेगा। 

 


 

 

 

 

 

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