Home » Industry » IT-Telecomबिटकॉइन की तरह JioCoin होगा लांच, मुकेश अंबानी की कंपनी ने बनाया बिग प्‍लान - Jio planning its own cryptocurrency called JioCoin

बिटक्‍वॉइन को चैलेंज देगा मुकेश अंबानी का JioCoin, RIL ने बनाया बिग प्‍लान

कंपनी अपनी खुद की क्रिप्‍टोकरंसी लॉन्‍च करने का प्‍लान बना रही है। इसका नाम JioCoin होगा।

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नई दिल्‍ली. टेलिकॉम सेक्‍टर में तहलका मचाने के बाद मुकेश अंबानी की कपंनी Jio अब बिटक्‍वॉइन जैसी क्रिप्‍टोकरंसी के मार्केट में प्रवेश कर सकती है। अंग्रेजी बिजनेस डेली मिंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपनी खुद की क्रिप्‍टोकरंसी लॉन्‍च करने का प्‍लान बना रही है। इसका नाम JioCoin होगा। रिपोर्ट के मुतबिक, मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी JioCoin के प्रोजेक्‍ट को लीड कर रहे हैं। रिलायंस Jio इसके लिए 50 यंग प्रोफेशनल्‍स की एक टीम बना रही है, जो इस क्‍वाइन को पीछे से टेक्निकल सपोर्ट मुहैया कराएंगे। 

ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी पर काम करेगी टीम 
इस प्रोजेक्‍ट से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, कंपनी इस काम के लिए 25 साल की औसत उम्र के यंग प्रोफेशनल्‍स हो हायर करना चाहती है। इस टीम को आकाश अंबानी लीड करेंगे। यह टीम ब्‍लॉकचेन समेत कंपनी के कई टेक्निकल प्रोजेक्‍ट्स पर काम करेगी। दअरसल यह ब्‍लॉकचेन न सिर्फ फाइनेंशियल बल्‍की हर तरह के डाटा को स्‍टोर करेगी। ब्‍लॉकचेन बिना कॉपी किए इन्‍फोर्मेशन को डीसेंट्रलाइज करेगी। यह सबकुछ रियल टाइम बेसिस पर होगा। यह डाटाबेस फिजिलकल सर्वर पर स्‍टोर होने की बजाय क्‍लाउड पर स्‍टोर होगा। सूत्र ने बताया कि मौजूदा दौर में सबसे पॉपुलर टेक्‍नोलॉजी निश्चित तौर पर क्रिप्‍टोकरंसी ही है। रिलायंस Jio का प्‍लान भी अपनी तरह की क्रिप्‍टोकरंसी लाने का है। इसका नाम JioCoin होगा।  

 

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कंपनी का है बड़ा प्‍लान 
हम क्रिप्‍टोकरंसी अप्‍लीकेशन के जरिए एक स्‍मार्ट कॉट्रैक्‍ट तैनात कर सकते हैं। इसका यूज सप्‍लाई चेन मैनेजमेंट के लिए भी किया जा सकता है। अधिकारी के मुताबिक, जियो क्‍वाइन से इमानदारी आ सकती है। हालांकि अभी यह सारी बातें सिर्फ प्रपोजल के लेवल पर हैं। इन्‍हें व्‍यवहारिक रूप दिया जाना बाकी है। यही  नहीं रिलायंस जियो इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स  (IoT) के क्षेत्र में भी उतरना चाहती है। वहीं भी ब्‍लॉक चेन टेक्‍नोलॉजी काम आएगा। बता दें कि IoT स्‍मार्टफोन, वियरेबल डिवाइस, होम अप्‍लीकेशन्‍स और वाहनों जैसी डिवाइस का एक नेटवर्क होता है। इसके जरिए ये डिवाइस आपस में डेटा एक्‍सचेंज और संकर्प स्‍थापित कर सकती  हैं। एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि ब्‍लॉकचेन IoT के सिक्‍यूरिटी रिस्‍क को भी खत्‍म कर सकती है।   

 

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क्‍या है बिटकॉइन 
बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा है। इसे डिजिटल वॉलेट में रखकर ही लेन-देन किया जा सकता है। इसे 2009 में एक अनजान इन्‍सान ने एलियस सतोशी नाकामोटो के नाम से क्रिएट किया था। इसके जरिए बिना बैंक को माध्‍यम बनाए लेन-देन किया जा सकता है। हालांकि भारत में इस मुद्रा को न तो आधिकारिक अनुमति है और न ही इसे रेग्युलेट करने का कोई नियम बना है। 

 

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