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Tech In Gadgets: स्‍मार्टफोन को 4 गुना स्‍मार्ट बना देती है रूटिंग, पर ध्‍यान रखें ये बात

आपको अपने स्‍मार्टफोन को रूट करना होगा। इसके बाद फोन का हर पुर्जा आपके कब्‍जे में...

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नई दिल्‍ली। यूं तो एंड्रॉयड के चलते हमारा फोन पहले के मुकाबले और स्‍मार्ट हो चुका है। बैंकिंग करनी हो या फिर बिजली पानी का बिल भरना हो अब एक टच में सबकुछ संभव है। पर क्‍या आपको पता है‍ कि आपके स्‍मार्टफोन की भी अपनी सीमा है। आप इसे वहीं तक ही इस्‍तेमाल कर सकते हैं, जहां तक गूगल या एंड्रॉयड इसकी इजाजत देता है। मसलन अगर प्‍ले स्‍टोर ने किसी एप को ब्‍लॉक कर दिया है, तो आप चाहकर भी उस एप को इन्‍सटॉल नहीं कर सकते हैं। अगर आप चाहें कि स्‍पीकर बटन से फोन ऑन या ऑफ भी हो, तो यह आपके हाथ में नहीं होता। अब यह हो भी सकता है। बस इसके लिए आपको अपने स्‍मार्टफोन को रूट करना होगा। इसके बाद फोन का हर पुर्जा आपके कब्‍जे में।  

 

आखिर क्‍या है रूटिंग  
टेक्‍स एक्‍सपर्ट विनीत रुपानी के मुताबिक, रूटिंग एक ऐसा प्रॉसेस है, जिसे करने के बाद आप अपने फोन को मन मुताबिक यूज कर सकते हैं। आप कोई स्‍मार्टफोन खरीदते हैं तो उसमें पहले से आपरेटिंग सिस्टम यानी ओएस इन्‍सटॉल होता है। यह ओएस आपको जिन चीजों की इजाजत देते हैं, आप उन चीजों को अपने फोन से अंजाम देते हैं। जैसे फोन करना, रिसीव करना, मैसेज भेजना,, मेल करना, फोटो खींचना आदि। लेकिन जब फोन को रूट करने के बाद आप आपके स्‍मार्टफोन से उनके ओएस का अधिकार खत्‍म हो जाता है। विनीत के मुताबिक, आप अपने एंडरॉयड स्मार्टफोन से उन कामों को भी कर सकते हैं, जिनके लिए कंपनी ने एक्सेस नहीं दे रखा था। रूट किए फोन में आप कस्टम सॉफ्टवेयर (कस्टम रोम) इन्‍सटॉल कर सकते हैं। इसे इन्‍सटॉल करने के बाद आप फोन में कमांड भी बदल सकते हैं। आप चाहें तो होम बटन को बैक के लिए और वॉल्यूम बटन को कैमरे के लिए यूज कर सकते हैं। मतलब रूट करने के बाद फोन पर आपका कंट्रोल होता है। आईफोन में इसे जेलब्रेक के कहा जाता है। हालांकि जेलब्रेक और रूटिंग में थोड़ा अंतर है।

 

हर फोन की रूटिंग का अलग पैटर्न 
अगर आप अपने फोन को रूट करना चाहते हैं तो इसको कोई सेट पैटर्न नहीं होता है। हर फोन और मॉडल के हिसाब से यह अलग अलग होता है। आप गूगल या यूट्यूब पर अपनी डिवाइस के मॉडल के हिसाब से रूटिंग सर्च सकते हैं। विनीति के मुताबिक, कुछ फोन की सेटिंग में भी रूट का ऑप्‍शन होता है।  

 

तभी करें अपने फोन की रू‍टिंग 
अगर आप अपने स्‍मार्टफोन से कॉलिंग, मैसेजिंग और इंटरनेट जैसी बेसिक सर्विस यूज कर रहे हैं तो रूटिंग आपके लिए फायदेमंद नहीं है। अगर आप टेक सेवी हैं, और अपने स्‍मार्टफोन को अनलिमिटेड एक्‍सपीरिएंस लेना चाहते हैं, तभी यह आपके लिए फायदेमंद है। रूपानी के मुताबिक, जो लोग अपने फोन पर पूरी तरह कन्‍ट्रोल चाहते हैं, वो ही लोग रूट का ऑप्‍शन चूज करें। अगर आप टेकसेवी नहीं है या आपको डिवाइस की ठीक- ठाक जानकारी नहीं है, तो आप इसे ट्राई नहीं करें।   

 

रूटिंग के फायदे 

 

1. कस्टम थीम
फोन जब आप लेते हैं तो उसमें डिफाल्ट थीम होता है। आप वॉलपेपर और कलर बदल सकते हैं, लेकिन रूट किए गए फोन में आप सब कुछ बदल सकते हैं। आप होम स्क्रीन पर दिए जानें वाले चार बटन को कहीं भी रख सकते हैं। सेटिंग पेज के बैकग्राउंड को बदल सकते हैं।  मेन्यू का तरीका तक बदल सकते हैं। कुल मिलकार यह कहा जा सकता है कि पूरा लुक और फील बदल सकते हैं।

 

2. परफॉर्मेंस होगा बेहतर
रूट किए गए फोन के लिए कई ऐसे कस्टम रोम और एप्स उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से आप फोन का परफॉर्मेंस बेहतर कर सकते हैं। इतना ही नहीं रूट किए गए फोन में आप बैटरी परफॉर्मेंस भी बेहतर कर सकते हैं। कई डेवलपर्स हैं जो कर्नेल लेयर कोड में बदलाव कर फेन के परफॉर्मेंस को बेहतर कर देते हैं।

 

3. बेसबैंड
रूट किए गए फोन में आप बेसबैंड को अपडेट कर सकते हैं। बेसबैंड का उपयोग खास तौर से फोन के रेडियो सिग्नल को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। मतलब रूट किए गए फोन में सिग्नल को बेहतर कर सकते हैं।

 

4. नया एंडरॉयड
यदि आपका फोन पुराना है और फोन निर्माता ने एंडरॉयड का नया अपडेट नहीं भी दिया है तो भी आप रूट किए गए फोन में नए ऑपपरेटिंग सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं। टेकसेवी लोगों के लिए यह रूट का सबसे बड़ा फायदा यही है कि पुराने फोन पर नए फीचर्स का उपयोग कर पाएंगे।

 

5. डिवाइस बैकअप
रूट किए गए फोन में आप आसानी से डिवाइस में उपलब्ध सभी एप्स का बैकअप ले सकते हैं। यह फीचर्स स्टॉक एंडरॉयड में नहीं है लेकिन रूट डिवाइस में आप अपने फोन में सबकुछ बैकअप ले सकते हैं। टाइटेनियम बैकअप रूट फोन के लिए पेश किया गया एंडरॉयड एप्लिकेशन है जो पूरी तरह से फोन का बैकअप ले सकता है।

 

6. फीचर्स करें अनलॉक
रूट किए गए फोन में आप उन फीचर्स को भी अनलॉक कर सकते हैं जिसे आपके सर्विस प्रदाता और फोन निर्माता द्वारा लॉक किया गया है जैसे फ्री वाईफाई और यूसबी टेथरिंग इत्यादि।

 

7. एड ब्लॉक
इंटरनेट के उपयोग के समय आने वाले विज्ञापनों को भी आप रूट किए गए फोन में पूरी तरह से बंद कर सकते हैं।

 

8. अतिरिक्त सिक्योरिटी
रूट किए गए फोन में आप एडिशनल सिक्योरिटी लेवल का उपयोग कर सकते हैंं। कई बेहतरीन सिक्योरिटी एप हैं तो सिर्फ रूट किए गए फोन के साथ कार्य करते हैं।

 

क्या हैं  नुकसान

 

1. वारंटी खत्म
फोन यदि आप रूट करते हैं तो वारंटी खत्म हो जाएगी। अथार्त रूट किए गए फोन में खराबी आने पर मोबाइल निर्माता आपकी कोई मदद नहीं करेंगे।

 

2. फोन हो सकता है बेकार
यदि रूट के दौरान थोड़ी भी गड़बड़ी होती है तो आपका फोन पूरी तरह से बेकार हो सकता है। अर्थात उसमें आप कुछ भी नहीं कर सकते।

 

3. सिक्योरिटी

रूट किए गए फोन के लिए कई एडिशनल सिक्योरिटी एप्स हैं लेकिन इस दौरान कई ऐसे एप्स आप इंस्टॉल कर लेते हैं जो फोन को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

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