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मोबाइल फोन क्‍लोनिंग पर सरकार गंभीर, GSM एसोसिएशन के साथ 17 अप्रैल को होगी मीटिंग

मोबाइल फोन क्‍लोनिंग मुद्दे पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट ग्‍लोबल इंडस्‍ट्री बॉडी GSM एसोसिएशन के साथ चर्चा करने वाला है।

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नई दिल्‍ली. मोबाइल फोन क्‍लोनिंग मुद्दे पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट ग्‍लोबल इंडस्‍ट्री बॉडी GSM एसोसिएशन के साथ चर्चा करने वाला है। यह चर्चा अगले हफ्ते 17 अप्रैल को होगी। यह जानकारी एक आधिकारिक सूत्र से मिली है। अधिकारी के मुताबिक, GSMA के साथ टेलीकॉम डिपार्टमेंट सिम क्‍लोनिंग के मुद्दे पर भी चर्चा करेगा। हालांकि GSMA अकेली इस मामले में मदद नहीं कर सकती। नकली सिम के मसले को अलग से अन्‍य बॉडीज के समक्ष भी रखा जाएगा। 

 
बता दें कि टेलीकॉम मंत्री मनोज सिन्‍हा ने फरवरी माह में बार्सिलोना, स्‍पेन में हुए मोबाइल वर्ल्‍ड कांग्रेस में कुछ मुद्दे उठाए थे। उनमें मोबाइल हैंडसेट्स के यूनीक आईडेंटिटी नंबर, IMEI और सिम की क्‍लोनिंग की वजह से सामने आ रही चुनौतयां भी शामिल थीं। यह मीटिंग उसी का परिणाम है। IMEI नंबर मोबाइल का एक 15 डिजिट का यूनीक सीरियल नंबर होता है। इसे GSMA व अन्‍य ऑथराइज्‍ड ऑर्गेनाइजेशंस एलोकेट करती हैं। मोबाइल खोने की स्थिति में इसे IMEI नंबर से ट्रैक किया जा सकता है। 
 

मोबाइल खोने पर सर्विस ब्‍लॉक करने के लिए सरकार ला रही CEIR

सरकार C-DoT के माध्‍यम से एक सिस्‍टम सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्‍टर (CEIR) भी विकसित कर रही है। यह सिस्‍टम मोबाइल फोन खोने या चोरी हो जाने की स्थिति में किसी भी नेटवर्क पर सभी तरह की सर्विसेज को ब्‍लॉक कर देगा। ऐसा सिम कार्ड हटा दिए जाने या IMEI नंबर बदल जाने पर भी किया जा सकेगा। यह भी उम्‍मीद है कि CEIR कंज्‍यूमर के हितों की रक्षा करेगा और लॉ इन्‍फोर्समेंट अथॉरिटीज के कानूनी अवरोधों को दूर करने में मदद करेगा। 
 

CEIR के लिए 15 करोड़ रु का एलोकेशन 

यूनियन बजट 2018-19 के मुताबिक, CEIR को स्‍थापित करने के लिए सरकार ने 15 करोड़ रुपए का एलोकेशन प्रस्‍तावित किया है। इससे नकली हैंडसेट्स बनाने के मामलों में कमी आएगी और चोरी पर लगाम लग सकेगी। सूत्र के मुताबिक, टेलीकॉम डिपार्टमेंट CEIR को लागू करने के लिए भी GSMA से मदद की मांग करेगा। 
 

कैसे काम करेगा CEIR

CEIR सभी मोबाइल ऑपरेटर्स के IMEI डाटाबेस को कनेक्‍ट कर देगा। यह सभी नेटवर्क ऑपरेटर्स के लिए ब्‍लैकलिस्‍ट मोबाइल टर्मिनल्‍स शेयर करने के लिए सेंट्रल सिस्‍टम के तौर पर काम करेगा। इससे इन कैटेगरी में आने वाली किसी भी नेटवर्क की डिवाइसेज अन्‍य नेटवर्क पर काम नहीं कर पाएंगी। यहां तक कि सिम कार्ड बदल लेने पर भी ऐसा नहीं हो सकेगा।  
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