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सॉफ्टवेयर नहीं साबुन बनाने में अजीम प्रेमजी दे रहे विदेशी कंपनी को टक्कर, छीन लिया ताज

विप्रो ने किया कमाल, संतूर साबुन ने तोड़ी लक्स की बादशाहत

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नई दिल्ली। देश के टॉप आईटी कंपनियों का नाम लेने पर सबसे पहले जिन कंपनियों का नाता है, उसमें टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो प्रमुख है। देश के दूसरे सबसे अमीर शख्स अजीम प्रेमजी की यह कंपनी भारत की तीसरी और और दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी आाईटी कंपनी है। हालां​कि इस बार विप्रो साफ्टवेयर नहीं साबुन बनाने को लेकर चर्चा में हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विप्रो कंज्यूमर केयर के साबुन संंतूर ने लक्स को पीछे छोड़ दिया है। इसी के साथ ही संतूर देश का दूसरा साबसे ज्यादा लोकप्रिय साबुन ब्रांड बन गया है। इसे हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उसका लाइफब्वॉय ब्रांड अब भी देश के टॉप साबुन  बना हुआ है।  

 
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि  संतूर साबुन ब्रैंड ने एचयूएल के लक्स को पीछे छोड़ दिया है। इसी के साथ ही संतूर वॉल्यूम के हिसाब से देश का दूसरा सबसे बड़ा सोप ब्रैंड बन गया है। जून में संतूर का वॉल्यूम शेयर 14.9 पर्सेंट रहा और लक्स का 13.9 पर्सेंट। एचयूएल का लाइफबॉय 18.7 पर्सेंट वॉल्यूम मार्केट शेयर के साथ इस सेगमेंट देश का सबसे पॉपुलर ब्रैंड बना हुआ है। रिसर्च फर्म केंटार आईएमआरबी हाउसहोल्ड पैनल के डेटा का हवाला देते हुए इंडस्ट्री के दो एग्जिक्यूटिव्स ने यह जानकारी दी है। 
 
कभी साबुन, सर्फ ही बेचती थी ये कंपनी
विप्रो की शुरुआत 29 दिसंबर, 1945 में मोहम्‍मद हशम प्रेमजी ने मुंबई में वेस्‍टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्‍ट्स लिमिटेड के तौर पर की थी, जो आज विप्रो के नाम से फेमस है। फोर्ब्‍स ने वर्ल्‍ड 100 रिचेस्‍ट टेक बिलियनेयर्स, 2016 की जो लिस्‍ट जारी की है, उसमें कंपनी के चेयरमैन अजीम प्रेमजी 13वें नंबर पर हैं। आइए जानते हैं कैसे वेजिटेबल ऑयल बनाने वाली कंपनी आज देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी बन गई...
 
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मोहम्‍मद हशम प्रेमजी ने शुरू की थी कंपनी
देश को आजादी मिलने से दो साल पहले मोहम्‍मद हशम प्रेमजी ने वेस्‍टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्‍ट लिमिटेड शुरू की थी। इसे आज देश और दुनिया में लोग विप्रो लिमिटेड के नाम से जानते हैं। इत्‍तेफाक से अजीम प्रेमजी का जन्‍म भी इसी साल हुआ था। अभी वह विप्रो कंपनी के चेयरमैन हैं। यह कंपनी शुरुआत में वेजिटेबल और रिफाइंड ऑयल का प्रोडक्‍शन करती थी। इस बिजनेस में बदलाव करके अजीम प्रेमजी ने भारतीय सॉफ्टवेयर इंडस्‍ट्री में कदम रखा।
 
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अजीम प्रेमजी ने कंपनी का नाम रखा विप्रो
अजीम प्रेमजी ने अपने पिता की मौत के बाद वेजिटेबल प्रोडक्‍ट्स बनाने वाली कंपनी में बड़ा बदलाव किया। जो बेकरी, हेयर केयर शॉप, बेबी टॉयलेटरी और लाइटिंग आदि प्रोडक्‍ट्स बनाती थी। 1980 के बाद अजीम प्रेमजी ने आईटी सेक्‍टर में बढ़ती संभावनाओं को पहचाना और हाई टेक्‍नोलॉजी वाले इस सेक्‍टर में कदम रखा। इसके बाद उन्‍होंने अपनी कंपनी का नाम बदलकर मिनी कम्‍प्‍यूटर बनाने का काम शुरू किया, जिसके बाद भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो का जन्‍म हुआ। 
 
21 की उम्र में अजीम प्रेमजी ने संभाली कमान
1961 में पिता की मौत के बाद अजीम प्रेमजी ने 21 साल की उम्र में विप्रो की बागडोर संभाली। उस वक्‍त प्रेमजी स्‍टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे।
 
दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी आइटी कंपनी विप्रो
विप्रो भारत की आईटी सर्विसेज प्रदान करने वाली तीसरी सबसे बड़ी पब्लिक ट्रेडिंग कंपनी है। इतना ही नहीं यह दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी आईटी कंपनी है।
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