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Google ने यौन उत्पीड़न के आरोपी को दिया 312 करोड़ एक्जिट पैकेज, दुनियाभर में हो रहा विरोध प्रदर्शन

कंपनी पर यौन उत्पीड़न के मामले में ढिलाई बरतने का लगा आरोप

Google controversial decision

Google controversial decision: टेक कंपनी गूगल (Google) ने यौन उत्पीड़न के आरोपी कंपनी के एक्जीक्यूटिव रहे अमित सिंघल को 4.5 करोड़ डॉलर (312 करोड़ रुपए) का एक्जिट पैकेज दिया। इसका खुलासा शेयरहोल्डरों की ओर से गूगल पर दायर मुकदमे से हुआ। इसमें गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पर आरोप लगाया गया है कि उसने सिंघल को एक्जिट पैकेज देकर अपनी जिम्मेदारियों से किनारा कर लिया।

नई दिल्ली. टेक कंपनी गूगल (Google) ने यौन उत्पीड़न के आरोपी कंपनी के एक्जीक्यूटिव रहे अमित सिंघल को 4.5 करोड़ डॉलर (312 करोड़ रुपए) का एक्जिट पैकेज दिया। इसका खुलासा शेयरहोल्डरों की ओर से गूगल पर दायर मुकदमे से हुआ। इसमें गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पर आरोप लगाया गया है कि उसने सिंघल को एक्जिट पैकेज देकर अपनी जिम्मेदारियों से किनारा कर लिया। बता दें कि एक्जिट पैकेज तब दिया जाता है जब कंपनी किसी अधिकारी को जॉब से बाहर निकालती है। इसके तहत दी जाने वाली राशि पहले से अनुबंध के शर्तों में तय की जाती है।

Google पर मामले में ढ़िलाई बरतने का आरोप

कंपनी पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों को सख्ती से न निपटने का आरोप भी लगा है। बता दें कि यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद सिंघल से 2016 में इस्तीफा दिया था। खुलासे के मुताबिक गूगल ने सिंघल को नौकरी से निकाले जाने के पहले दो साल 1.5-1.5 करोड़ डॉलर (104-104 करोड़ रुपए) और तीसरे साल 50 लाख डॉलर (35 करोड़ रुपए) से 1.5 करोड़ डॉलर देने की सहमति जताई थी। शर्त यह थी कि वह तीन साल तक प्रतिस्पर्धी कंपनी ज्वाइन नहीं करेंगे। लेकिन गूगल से बाहर होने के बाद सिंघल ने एक साल बाद ही उबर ज्वाइन कर लिया था। कुछ ही सप्ताह में जब यौन उत्पीड़न वाली बात सार्वजनिक हो गई तो उसे यह जॉब भी छोड़नी पड़ी। टेक्नोलॉजी वेबसाइट टेक क्रंच के मुताबिक इस तरह गूगल ने सिंघल को 1.5 करोड़ डॉलर ही दिए थे।

 

  अमित ने आईआईटी रुड़की से ली कंप्यूटर साइंस में डिग्री 

सिंघल पर एक महिला कर्मचारी ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। गूगल ने इस मामले की जांच कराई और आरोप को सही पाया गया। इसके बाद सिंघल से इस्तीफा लिया गया। शेयरहोल्डरों का कहना है कि जब सिंघल ऐसे मामले में दोषी थे तो उन्हें एक्जिट पैकेज नहीं दिया जाना चाहिए था। झांसी में जन्मे सिंघल ने आईआईटी रुड़की से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की। इसके बाद उन्होंने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी से एमएस की डिग्री ली। वे 15 साल तक गूगल की कोर सर्च टीम के प्रमुख रहे हैं।


गूगल ने एंडी रुबिन को दिया था 625 करोड़ का एक्जिट पैकेज

गूगल पर दायर इस मुकदमे में सिंघल के अलावा एंड्रॉयड प्रोजेक्ट के हेड एंडी रुबिन का भी जिक्र है। रुबिन पर भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था और मुकदमे के मुताबिक गूगल ने उन्हें 9 करोड़ डॉलर (करीब 625 करोड़ रुपए) का एक्जिट पैकेज दिया था। यह रकम चार साल तक हर महीने बराबर किस्तों में दी गई थी। पिछले साल अक्टूबर में एंडी रुबिन का मामला उजागर होने के बाद दुनियाभर में गूगल की महिला कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। रुबिन को 2014 में कंपनी से हटाया गया था।
 


 

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