Home » Industry » IT-Telecomwhy gionee is going to shut down its business in india if main region is Gambling Debt of Liu Lirong

मालिक की जुए की लत ने जियोनी को किया बर्बाद, कभी थी टॉप मोबाइल कंपनियों में शामिल

मिड रेंज मोबाइल में कभी बड़ा नाम थी जियोनी, कैश की किल्लत ने डब्बा किया बंद

1 of

नई दिल्ली. कभी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल मेकर्स में एक मानी जाने वाली वाली कंपनी जियोनी भारत से अपना कारोबार समेट रही है। इकोनॉमिक्स टाइम्स में पिछले महीने छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जियोनी की भारतीय इकाई में माइनॉरिटी शेयरहोल्डर अरविंद आर वोहरा और भारत की फोन कंपनी कार्बन उसकी हिस्सेदारी खरीदने जा रही हैं।  इससे पहले कार्बन मोबाइल की होल्डिंग यूनिट जैना ग्रुप के एमडी और प्रमोटर प्रदीप जैन और वोहरा ने लेटर ऑफ इंटेंट और नॉन-डिसक्लोजर एग्रीमेंट पर जियोनी की पैरेंट कंपनी जियोनी कम्युनिकेशन इक्विपमेंट के साथ हांगकांग में दस्तखत किए थे। 

 

कैश की किल्लत से जूझ रही कंपनी 
जियोनी भारत में सबसे पहले प्रवेश करने वाली चानी कंपनी थी। वह 2012 में भी भारतीय बाजार में प्रवेश कर गई थी। हालांकि चाइनीज पैरेंट कंपनी की कैश की किल्लत के चलते उसकी भारतीय इकाई कभी अपनी पूरी ताकत के साथ ऑपरेशन को अंजाम नहीं दे पाई। निक्केई एशियन रिव्यू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के एक कोर्ट ने जियोनी में उसके चेयरमैन और सीईओ लियू लिरोंग का 41.4 पर्सेंट स्टेक दो साल के लिए फ्रीज कर दिया है। इसी के बाद वह मुश्किल में आ गई। 

 

जुंए की लत ने किया बर्बाद 
इस बात के ठोस सबूत तो नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि जियोनी के चेयरमैन और सीईओ लियू लिरोंग को जुए की लत ने बर्बाद कर दिया। चीन की कुछ स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि गैंबलिंग के चलते लियू लिरोंग भारी कर्ज में आ आए। इसके चलते कंपनी के वित्तीय हालात खराब हो गए। इसके चलते न सिर्फ चीन बल्कि इसका असर भारत समेत दुनिया भर में उसके ऑपरेशन पर पड़ा। 

 

 

 

भारत में की थी धमाकेदार इंट्री 
जियोनी  ने भारत में  अपने कारोबार की शुरुआत विराट कोहली, आलिया भट्ट और श्रुति हासन सरीखे ब्रांड एंबेसडर्स का सहारा लेकर की थी और सेल्फी फोटोग्राफी को अपने स्मार्टफोन की खासियत के रूप में प्रमोट किया था। हालांकि पिछले पैरेंट कंपनी के लगातार फाइनेंशियल ट्रबल के चलते उसका आक्रामक प्रचार नरम पड़ गया था। 

 

 

सस्ते और मिड रेंज  में भी बड़ी प्लेयर 
सस्ते और मिड रेंज के स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों में जियोनी भारत में एक बड़ा नाम थी।  कंपनी सस्ते एवं मिड रेंज के स्मार्टफोन बाजार में उतारने की वजह से कॉफी पॉपुलर हुई। जानकारों का मानना है कि मिड रेंज के स्मार्टफोन निर्माताओं के लिए लंबे समय तक बाजार में टिके रहना हमेशा से मुश्किल रहा है। जहां उपभोक्ता की बदलती जरुरतों और तेजी से बदली टेक्नोलॉजी के बीच बाजार में प्रतिस्पर्धा लगी रहती है। खासतौर से भारत जैसे मूल्य संवेदनशील बाजार में टिके रहना और भी कठिन होता है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट