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फेसबुक के 1.4 करोड़ यूजर्स का प्राइवेट डाटा हुआ सार्वजनिक, कंपनी ने एक बग को बताया जिम्‍मेदार

कैंब्रिज एनॉलिटिका और मोबाइल कंपनियों को यूजर्स की जानकारी देने के आरोप के बाद एक और विवाद में फंसी सोशल मीडिया जाइंट

A Software bug led some users to post publicly by default in May says Facebook

न्‍यूयॉर्क. एक के बाद एक कई डाटा लीक विवाद से जूझ रही फेसबुक ने कहा है कि सॉफ्टवेयर में आए बग के चलते उनके 1.4 करोड़ यूजर्स का प्राइवेट डाटा पब्लिक हो गया। कंंपनी के मुताबिक, इस बग का असर ऐसा था कि प्राइवेसी सेटिंग के बाद भी लोगों की पोस्‍ट पब्लिक हो गई। यह बग पिछले महीने मई में आया था। कंपनी का कहना है कि इस समस्‍या का समाधान कर लिया गया है। 

 

 

यूजर्स को पोस्‍ट पब्लिक करने का सजेशन देता था

यह बग यूजर्स की नई पोस्‍ट को अपने आप पब्लिक करने का सजेशन देता था। भले ही यूजर ने प्राइवेसी सेटिंग में पोस्‍ट को सिर्फ अपने दोस्‍तों को ही दिखाने की इजाजत दी हो। अगर यूजर ने इस नए डिफॉल्‍ट सजेशन पर गौर नहीं किया तो न चाहते हुए भी उनकी पोस्‍ट प्राइवेट से पब्लिक हो जाती थी।

 

आपको बता दें कि आम तौर पर यूजर्स की पोस्‍ट को फेसबुक फ्रेंड सर्किल से बाहर भी दिखाता है। पर प्राइवेसी सेटिंग में जाकर अपनी पोस्‍ट को सीमित कर सकते हैं। जहां आपको यह विकल्‍प दिया जाता है कि आप जो भी पोस्‍ट कर रहे हैं, वह सिर्फ आपकी फ्रेंड लिस्‍ट में शामिल लोग ही देख सकेंगे।

 

फेसबुक के चीफ प्राइवेसी अधिकारी एरिन एगैन ने कहा कि फिलहाल इस बग की जद में यूजर्स के पुरानी पोस्‍ट नहीं आई हैं। कंपनी उन यूजर्स की पहचान कर रही है, जिसके पोस्‍ट इन बग की जद में आई । उन्होंने ये भी कहा कि सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी 18 मई से 27 मई के बीच सामने आई थी, जिसे 22 मई को ही ठीक कर दिया गया था। 

 

कंपनी पर 60 मोबाइल कंपनियों को बेचा यूजर्स का डाटा 
न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की ताजा रिपोर्ट में हाल में दावा किया गया था कि सोशल मीडिया कंपनी ने एप्‍पल, सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट समेत स्‍मार्टफोन बनाने वाली दुनिया की करीब 60 प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ अपने यूजर्स और उनके संबंधियों की निजी जानकारी साझा की।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक एप के स्‍मार्टफोन प्‍लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर आने से पहले ही फेसबुक ने डिवाइस मेकर्स के साथ डाटा शेयरिंग पार्टनरशिप से जुड़ी यह डील कर ली थी। कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, डिवाइस मेकर्स के साथ की गई यह डील अब भी प्रभाव में है।

 

इस पार्टनरशिप से फेसबुक को अपनी रीच बढ़ाने में मदद मिली। साथ ही फोन मेकर मैसेजिंग या लाइक बटन और एड्रेसबुक जैसे सोशल नेटवर्क से जुड़े पॉपुलर फीचर का ऑफर दे सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल मेकर्स के साथ ये डील 2010 से पहले ही कर ली गई थीं।  जि‍न कंपनियों के साथ डील की गई उसमें ब्‍लैकबेरी भी शामिल है, जो अब बाजार में न के बराबर एक्टिव है। 

 

कैम्ब्रिज एनॉलिटिका ने 5 करोड़ यूजर्स के डाटा का मिसयूज किया था

इससे पहले कैम्ब्रिज एनालिटिका पर 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स का डेटा लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनावों में इसका गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगे थे। इस पर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सफाई भी दी थी।

 

गार्डियन और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फेसबुक को इसकी जानकारी थी,लेकिन उसने यूजर्स को अलर्ट नहीं किया। फेसबुक ने एनालिटिका को अपने प्लेटफार्म से सस्पेंड कर दिया था और ये भरोसा भी दिलाया था कि फर्म ने डेटा डिलीट कर दिया है। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं।

 

 

 

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