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150 कंपनियों के साथ फेसबुक ने की थी डाटा शेयर करने की डील, अब होगी आपराधिक जांच

न्यूयॉर्क टाइम्स ने किया खुलासा, Amazon, Apple, Oppo, Lenovo को बेचा यूजर्स का डाटा

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नई दिल्ली.

सोशल मीडिया कंपनी Facebook ने Amazon, Apple, Microsoft, Sony जैसी तकरीबन 150 टैक कंपनियों के साथ अपने यूजर्स का डाटा शेयर करने की डील की थी। यह खुलासा न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक स्मार्टफोन और अन्य डिवाइस बनाने वाली कम से कम दो कंपनियों को न्यूयॉर्क के एक कोर्ट की ग्रैंड ज्यूरी ने नोटिस भेजा है। इसमें पूछा गया है कि फेसबुक से डील के तहत जो यूजर डाटा उन्हें मिले उसका उन्होंने कैसे इस्तेमाल किया। डिवाइस बनाने वाली कंपनियों में Huawei, Lenovo और Oppo जैसी चाइनीज कंपनियां भी शामिल थीं। फेसबुक ने इन कंपनियों को करोड़ों यूजर्स का डाटा दिया था। इन कंपनियों के साथ डाटा शेयर करने के मामले में फेसबुक के खिलाफ आपराधिक जांच हो सकती है।

 

इससे पहले भी उठ चुका है फेसबुक पर सवाल

दिसंबर में भी न्यूयॉर्क टाइम्स में इस तरह की एक रिपोर्ट छपी थी। तब फेसबुक ने यह कहते हुए अपना बचाव करने की कोशिश की थी कि उस समय उसका अपना ऐप नहीं था। इसलिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फेसबुक की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डाटा शेयर किया गया था। फेसबुक ने कहा था कि ये डाटा विज्ञापनदाताओं के लिए शेयर नहीं किए गए। तब शेयर किए गए डाटा की पूरी तरह जांच भी की गई थी।

 

 

डाटा शेयरिंग के बारे में अनजान थे यूजर्स

इस डील के तहत लोगों को ब्लैकबेरी और विंडोज मोबाइल फोन जैसे प्लेटफॉर्म पर फेसबुक एक्सेस करने की सुविधा मिलती थी। बदले में प्लेटफॉर्म प्रदान करने वाली कंपनियों को यूजर से जुड़ा डाटा मिलता था। हालांकि, यूजर को ये पता नहीं होता था कि उनसे जुड़ा हुआ किस तरह का डाटा जमा किया गया या शेयर किया गया। इनमें से ज्यादातर डील आज की तारीख में खत्म हो चुकी हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि डील के तहत इन कंपनियों को यूजर की फ्रेंड लिस्ट, कॉन्टैक्ट से जुड़ी सूचनाएं और अन्य डाटा उपलब्ध कराया गया था। कई बार ऐसा बिना यूजर की सहमति से होता था।

भारत में हो चुकी है फेसबुक से पूछताछ

फेसबुक पर दुनिया के कई देशों में डाटा प्राइवेसी के उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। साथ ही इस पर चुनावों को प्रभावित करने वाले विज्ञापन और फेक न्यूज को बढ़ावा देने के आरोप भी लगे। इसी सिलसिले में भारत में आईटी मामलों पर बनी संसदीय समिति ने 6 मार्च को Facebook, Instagram और WhatsApp के अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। समिति ने फेसबुक को आगामी लोकसभा चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उसके पूरे प्लान का ब्योरा देने को कहा। इसके लिए कंपनी को 10 दिनों का समय दिया गया।

WhatsApp के को-फाउंडर ने की थी फेसबुक अकाउंट डिलीट करने की अपील

वाट्सएप के को-फाउंडर ब्रायन एक्शन ने Stanford University के छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दें। ब्रायन यहां एक सेमीनार को संबोधित करने आए थे। वहां फेसबुक की पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर एलोरा इसरानी भी मौजूद थी। ब्रायन ने कहा, ‘आप फेसबुक को अपनी शक्ति दे रहे हैं। हम उनके प्रोडक्ट खरीदते हैं। उनके सुझाए वेबसाइट पर साइन अप करते हैं। यह खतरनाक है। आप फेसबुक डिलीट कर दीजिए।’ ब्रायन ने जैन कोम के साथ मिलकर वाट्सएप शुरू किया था। उन्होंने 2014 में 2,200 करोड़ डॉलर (करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए) में इसे फेसबुक को बेच दिया था।

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