Home » Industry » IT-Telecomपांच टेलिकॉम कंपनियों से DoT करेगा 2578 करोड़ की रिकवरी: DoT to issue notice to five telcos to recover Rs 2,578 cr

DoT पांच टेलिकॉम कंपनियों से करेगा 2578 करोड़ की रिकवरी, Jio को भी भेजेगा नोटिस

डीओटी पांच टेलिकॉम कंपनियों से 2,578 करोड़ रुपए की रिकवरी के लिए नोटिस भेजेगा।

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नई दिल्‍ली. डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम (डीओटी) पांच टेलिकॉम कंपनियों से 2,578 करोड़ रुपए की रिकवरी के लिए नोटिस भेजेगा। इनमें टाटा टेलिसर्विसेज, टेलिनॉर और रिलायंस जियो भी शामिल हैं। कैग की तरफ से इन कंपनियों द्वारा रेवेन्‍यू कम मिलने की रिपोर्ट के बाद डीओटी यह एक्‍शन लेने जा रहा है। नोटिस जनवरी में भेजा जा सकता है।

 

ऑफिशियल सोर्सेज के अनुसार, पांच टेलिकॉम कंपनियों से डीओटी 2,578 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस भेजेगा। इस माह की शुरुआत में कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (सीएजी) ने अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया था। यह डिमांड नोटिस अकाउंट्स से मिलान करने के बाद भेजने का फैसला किया गया है।

 

क्‍या कहती है कैग रिपोर्ट? 

संसद में 19 दिसंबर को पेश की गई कैग की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा टेलिसर्विसेज, टेलिनॉर, वीडियोकॉन टेलिकॉम, क्‍वाडरेंट (वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनी) और रिलायंस जियो ने 14,800 करोड़ रुपए से ज्‍यादा कम रेवेन्‍यू दिखाया, जिसके चलते सरकारी खजाने को 2,578 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को 1015.17 करोड़ रुपए कम लाइसेंस फीस, 511.53 करोड़ रुपए कम स्‍पेक्‍ट्रम यूजेज चार्ज और पेमेंट में देरी पर 1052.13 करोड़ रुपए बतौर ब्‍याज कम मिले हैं।   

 

किस कंपनी से कितने कम रुपए मिले? 

कैग की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा टेलिसर्विसेज से 1,893.6 करोड़, टेलिनॉर से 603.75 करोड़, वीडियोकॉन से 48.08 करोड़, क्‍वाडरेंट से 26.62 करोड़ और जियो से 6.78 करोड़ रुपए लाइसेंस फीस, स्‍पेक्‍ट्रम यूजेज चार्ज और अप्‍लीकेबल इंटरेस्‍ट चार्ज कम मिला है। 


जनवरी में जा सकता है नोटिस 

सूत्रों के अनुसार, सरकार पांचों टेलिकॉम ऑपरेटर्स को जनवरी में नोटिस भेज सकती है। कैग की टेलिकॉम कंपनियों से सरकारी रेवेन्‍यू कम मिलने का आंकड़ा टाटा टेलिसर्विसेज व टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्‍ट्र) लिमिटेड के 2010-11 से 2014-15 के ऑडिट के आधार पर है। इसी तरह क्‍वाडरेंट टेलिवेंचर्स का ऑडिट 2006-07 से 2014-15, वीडियोकॉन टेलिकॉम का 2009-10 से 2014-15, टेलिनॉर का 2009-10 से 2014-15 और रिलायंस जियो इन्‍फोकॉम का 2012-13 से 2014-15 के दौरान का है। इनमें से वीडियोकॉन टेलिकॉम, टेलिनॉर (टेलिविंग्‍स) और टाटा टेलिसर्विसेज ने अपने मोबाइल बिजनेस भरती एयरटेल को बेच दिए हैं। जबकि क्‍वाडरेंट ने अपनी मोबाइल सर्विस बंद कर दी है। 

 

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