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अगर आप भी हैं बिजनेसमैन, तो ऐसे करें खुद को इंटरनेट फ्रॉड से सुरक्षित

दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने यह गाइडलाइन्स जारी की हैं।

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नई दिल्ली.

आए दिन खबरें आती रहती हैं कि लोग इंटरनेट पर धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। कभी हैकर्स लोगों के अकाउंट में सेंध मार लेते हैं तो कभी फोन कॉल के जरिए अकाउंट डिटेल्स निकाल लेते हैं। व्यापारियों के लिए तो इंटरनेट पर अपना बिजनेस करना और मुश्किल हो गया है क्योंकि बिजनेस नेटवर्क पर ऑफिस के तकरीबन सभी इंप्लाॅयीज का डाटा मौजूद होता है। ऐसे में आपको दिल्ली पुलिस के साइबर सेल की इन गाइडलाइन्स को फॉलो करना चाहिए, जिससे आप इंटरनेट पर फ्रॉड से सुरक्षित रहें।

 

-अपने कंप्यूटर्स को सुरक्षित रखें। अपने सभी सॉफ्टवेयर्स (Web Browser समेत) को ऑटोमैटिक अपडेट पर रखें। अपने IT डिपार्टमेंट के कहे मुताबिक सभी सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करें। एंटीवायरस, एंटीस्पैम, एंटीस्पायवेयर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें और फायरवॉल को एक्टिवेट करें।

 

-कोई भी संवेदनशील जानकारी शेयर करते समय सतर्क रहें। वेब पेज सेफ है कि नहीं, इस बात को चेक करें। सिक्योर वेब पेज का एड्रेस https से शुरू होगा। इसमें 's’ का मतलब है secure. कभी भी किसी ईमेल या इंस्टेंट मैसेज के जवाब में संवेदनशील जानकारी न दें।

 

-क्लिक करने से पहले दस बार साेचें। बिना सोच-समझे कोई अटैचमेंट न खोलें या ईमेल में आए किसी लिंक पर क्लिक न करें, भले ही आप संदेश भेजने वाले काे जानते हों। ऐसे संदेश जालसाजी वाले हो सकते हैं। संदेश भेजने वाले से कंफर्म करें कि क्या वह संदेश सही है या फिर उस एड्रेस को खुद टाइप करके वेबसाइट को ओपन करें। पॉप-अप विंडो में भी किसी बटन को क्लिक करने से बचें।


 

-हमेशा स्ट्रॉन्ग पासवर्ड का इस्तेमाल करें। अपने ऑनलाइन अकाउंट, फोन और अन्य डिवाइसेज को कम से कम आठ या उससे ज्यादा कैरेक्टर वाले पासवर्ड से सिक्योर करें। पासवर्ड में अल्फाबेट्स को कैपीटल और स्मॉल लेटर्स में रखें और नंबर व चिह्नों का भी इस्तेमाल करें। अपने सभी पासवर्ड और PIN नंबर को सीक्रेट रखें। अपने पासवर्ड्स को कभी भी अपने सहकर्मियों को न बताएं। हर जगह एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल न करें।

 

-खुद को ईमेल स्कैम से बचाकर रखें। ऐसे मैसेज से सावधान रहें जिसमें स्पेलिंग की गलतियां हों या व्याकरण गलत हो, जिनमें ऐसी डील दी जा रही हो जो अविश्वसनीय हो, जो साइट्स अकाउंट नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी मांगें। अपने कंप्यूटर पर ऐसा काेई फिल्टर टर्न ऑन करें जो आपको संदेहजनक वेब साइट्स के बारे में चेतावनी दे।

 

-अगर आप पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सबसे सिक्याेर ऑप्शन का चयन करें, भले ही आपको उसके लिए पेमेंट करना पड़े। इसके लिए आप पासवर्ड-प्रोटेक्शन और इंक्रिप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप जिस वायरलेस नेटवर्क से कनेक्टिड हैं उसकी सही स्पेलिंग देख लें। उस स्पेलिंग से मिलते-जुलते नकली नेटवर्क से सावधान रहें। सारा डाटा अपने लैपटॉप या USB Flash drive पर इंक्रिप्ट कर लें, ताकि डाटा चोरी या गुम होने की स्थिति में उसे रिकवर किया जा सके। अपने लैपटॉप, स्मर्टफोन को बिलकुल अपने वॉलेट की तरह की तरह सुरक्षित करके रखें।

अपने कर्मचारियों के लिए बनाएं ये नियम

 

-ऐसी वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दें जिनसे आपको डर है कि आपका नेटवर्क खतरे में आ सकता है। अपने इंप्लॉईज को ऐसी साइट्स से दूर रहने के लिए कहें।

-अपने कर्मचारियों को सलाह दें कि कौन से सॉफ्टवेयर अपने कंप्यूटर पर इंस्टॉल करने हैं।

-जब आपके बिजनेस के बाहर का कोई व्यक्ति आपसे कोई पर्सनल या बिजनेस की जानकारी मांगे तो सुनिश्चित कर लें कि उस व्यक्ति को जानकारी भेजना सुरक्षित रहेगा।

- अपने दफ्तर में हर जगह Internet Usage Policy को लगाएं ताकि लोग उसे देख सकें और उसे फॉलो कर सकें।

-कुछ रूल्स बनाएं कि बिजनेस संबंधी किस तरह की जानकारी आपके कर्मचारी ऑनलाइन शेयर कर सकते हैं।

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