बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-Telecomकोलगेट-मैगी के बाद इस विदेशी कंपनी का मार्केट बिगाड़ेंगे रामदेव, टारगेट पर 23 करोड़ इंडियन

कोलगेट-मैगी के बाद इस विदेशी कंपनी का मार्केट बिगाड़ेंगे रामदेव, टारगेट पर 23 करोड़ इंडियन

पतंजलि अपना मैसेजिंग एप किमहो लॉन्‍च कर रही है। मार्केट में इसकी सीधी टक्‍कर व्‍हाट्सएप जैसे विदेशी ब्रांड से होगा....

baba ramdev patanjali is ready to launch its new messaging app kimho within weeks it will substitute of whatsapp in indai

 

नई दिल्‍ली। दंतकांति मंजन से कोलगेट और आटा नूडल्‍स से मैगी जैसे विदेशी FMCG ब्रांड का मार्केट बिगाड़ने के बाद अब एक और विदेशी कपंनी बाबा रामदेव के निशाने पर है। बाबा ने इस बार दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक को टक्‍कर देने का प्‍लान बनाया है। ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ हफ्तों में पतंजलि अपना मैसेजिंग एप 'किमहो' लाने की तैयारी कर रही है। 

 

व्‍हाट्सएप से होगी सीधी टक्‍कर 
ब्‍लूमबर्ग ने बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि के CEO आचार्य बालकृष्‍ण के हवाले से बताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में पतंजलि का मैसेजिंग एप किमहो लॉन्‍च हो जाएगा। बताया जा रहा है कि इसकी सीधी टक्‍कर व्‍हाट्सएप से होगी। व्‍हाट्सएप की ओनरशिप इस समय फेसबुक के पास है। पतंजलि ने हाल में गूगल प्‍लेस्‍टोर पर किमहो को डाला था। कुछ ही घंटों में इसे करीब 3 लाख लोगों ने डाउनलोड भी कर लिया था। बाद में इसे वापस ले लिया गया। बालकृष्‍ण के मुताबिक, सिक्‍युुरिटी से जुड़ी टेस्टिंग के लिए इसे प्‍लेस्‍टोर पर डाला गया था।   


23 करोड़ इंडियन्‍स होंगे टारगेट पर 
भारत में इस समय मैसेजिंग एप कंपनियों में व्‍हाट्सएप सबसे बड़ी कंपनी है। देश में इसके पास करीब 23 करोड़ कस्‍टमर हैं। पतंजलि का दावा है कि उनका एप व्‍हाट्सएप से ज्‍यादा सिक्‍योर और फीचर वाला होगा। बालकृष्‍ण के मुताबिक, यह एप देश के लोगों का डाटा देश में ही रखेगा। उनकी कंपनी तब तक एप लॉन्‍च नहीं करेगी, जब तक कि हैकिंग और सिक्‍युरिटी से जुड़ी टीम यूजर्स की सुरक्षा और निजता से जुड़ी खामियों को पूरी तरह से दूर नहीं कर देती है। किमहो और व्‍हाट्एस दोनों की हिंदी मीनिंग एक ही होती है। इन दोनों का मतलब 'कैसे हो' होता है।     


बाबा रामदेव की पुरानी रणनीति 
एड गुरु दिलीप चेरियन के मुताबिक, पतंजलि के पास देश भर में उसके समर्थकों का बड़ा नेटवर्क है। बाबा रामदेव की मार्केटिंग स्‍ट्रैटेजी हमेशा  सेंटिमेंट बेस्‍ड रही है। बाबा रामदेव ने पहले स्‍वदेशी का माहौल बनाया। इसके बाद उन्‍होंने अपने मंजन के जरिए कोलगेट का मार्केट बिगाड़ा। तय मात्रा से ज्‍यादा रसायनिक पदार्थों की मिलावट के चलते जब मैगी के खिलाफ माहौल बना तो उन्‍होंने आटा नूडल्‍स निकाल दिया। अब जब डाटा सिक्‍यूरिटी को लेकर फेसबुक के खिलाफ माहौल बन रहा है तो पजंजलि मैसेजिंग एप लेकर आ रही है। 

 

देसी पर ज्‍यादा जोर 

चेरियन के मुताबिक, इस बार भी बाबा रामदेव का जोर देसी पर ही होगा। पतंजलि ने जब अपना मंजन निकाला तो उसने मिंट या फ्रेशनेस  की जगह लौंग, पुदीना और तोमर जैसेे एनग्रीडिएंट का प्रचार-प्रसार किया। नेस्‍ले मायदे से मैगी बनाती थी। बाबा ने पारंपरिक आटे का नूडल्‍स परोसा । अब बालकृष्‍ण का कहना है कि उनका जो एप मार्केट में आएगा वह पूरी तरह से स्‍वदेसी होगा। उसका सर्वर देश में होगा। इंजीनियर भारतीय होंगे और यूज करने वाले भी भारतीय होंगे। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट