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Home » Industry » IT-TelecomAnil Ambani To Pay Dues By 19 March To Avoid Jail Term

अगर छह दिन में नहीं किया यह काम, तो जेल में मनानी पड़ सकती है अनिल अंबानी को होली

कंपनी पर फिर चल सकती है दिवालिया होने की कार्रवाई

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नई दिल्ली.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने की 20 तारीख को Reliance Communication के मालिक अनिल अंबानी को वे चार हफ्ते में Ericsson कंपनी काे 453 करोड़ रुपए चुकाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अंबानी को चेतावनी दी थी कि अगर वे पैसा नहीं चुका पाते हैँ तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। अब अनिल अंबानी के पास सिर्फ सात दिन बचे हैं। अगर वे इन सात दिनों में एरिक्सन को उसका बकाया भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें होली जेल में मनानी पड़ सकती है। मंगलवार को कोर्ट ने रिलायंस के लेंडर्स को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने रिलायंस के टैक्स रिफंड रिलीज नहीं किए और कंपनी समय रहते भुगतान नहीं कर पाई तो कोर्ट कंपनी को दिवालिया घोषित करने करने का आदेश पारित कर देगा।

 

रिलायंस ने मांगी थी लेंडर्स से मदद

अनिल अंबानी ने कोर्ट से अपील की थी कि कंपनी के लेंडर्स के ट्रस्ट फंड में मौजूद 260 करोड़ रुपए को रिलीज कर दिया जाए, जिससे कंपनी Ericsson के कुछ पैसे लौटा सके। Reliance को Ericsson के कुल 571 करोड़ रुपए चुकाने हैं। इसमें से 453 करोड़ रुपए चुकाने की अंतिम तारीख 19 मार्च है।

 

 

जेल की सजा के साथ जुर्माना भी लगेगा

पिछले महीने जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने अनिल अंबानी और उनकी कंपनी Reliance Communication को कोर्ट की अवमानना करने का दोषी ठहराया। कोर्ट ने अंबानी को एरिक्सन कंपनी का भुगतान करने को कहा था, लेकिन अनिल अंबानी तब तक यह राशि अदा नहीं कर पाए थे। ऐसे में कोर्ट ने अंबानी और समूह की कंपनियों के डायरेक्टर्स को चार हफ्ते का समय दिया था। कोर्ट के आदेश के मुताबिक अगर इस अवधि में भी वे भुगतान नहीं कर पाते, तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल जाना पड़ेगा और 1 करोड़ रुपए का अतिरिक्त जुर्माना चुकाना होगा। यह अविध 19 मार्च को खत्म हाे रही है।

दिसंबर में भुगतान करने का मिला था आदेश

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम को 15 दिसंबर 2018 तक यह रकम चुकाने के लिए कहा था लेकिन कंपनी उक्त राशि का भुगतान नहीं कर पाई। एरिक्सन का कहना है कि यह अदालत की अवमानना है। सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल 2 अक्टूबर को आरकॉम को कहा था कि वह एरिक्सन को 15 दिसंबर 2018 तक भुगतान करे। रकम चुकाने में देरी हुई तो सालाना 12% के हिसाब से ब्याज देना पड़ेगा। इस दौरान आरकॉम ने जियो के साथ असेट बिक्री की डील अटकने का हवाला देते हुए कोर्ट से और समय मांगा था और कोर्ट ने उसे 15 दिसंबर तक भुगतान का आखिरी मौका दिया था।

क्या है पूरा मामला

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन पर स्वीडन की टेलीकॉम कंपनी Ericsson के 550 करोड़ रुपए बकाया हैं। 2014 में एरिक्सन ने रिलायंस कम्युनिकेशन के साथ सात साल की डील साइन की थी जिसके तहत Ericsson कंपनी देशभर में Rcom के टेलीकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करती। 2016 से रिलायंस की तरफ से भुगतान न किए जाने पर एरिक्शन कंपनी ने सितंबर, 2017 में National Company Law Tribunal (NCLT) में Rcom और उसकी दो सब्सिडियरी कंपनियों Reliance Infratel और Reliance Telecom के खिलाफ केस दर्ज कराया। रिलायंस कम्युनिकेशन की तरफ से कई बार भुगतान की बात कही गई है, लेकिन अब तक भुगतान रुका हुआ है।

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