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अंबानी ने सरकार को नहीं चुकाई 492 करोड़ रुपए की स्पेक्ट्रम फीस

Vodafone, Idea, Jio, Airtel ने चुकाए 10 हजार करोड़ रुपए का बकाया, रिलायंस कम्यूनिकेशन्स बकाएदारों की सूची में शामिल

Vodafone, Idea, Jio, Airtel paid Rs 10 thousand crore in arrears, Reliance Communications still owe

स्पेक्ट्रपम घोटाले में फंस चुके मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एरिक्सन मामले में बड़े भाई ने मदद की थी, तब जाकर वे जेल जाने से बच पाए थे। अब नया मामला स्पेक्ट्रम फीस न चुकाने का है।

नई दिल्ली. स्पेक्ट्रपम घोटाले में फंस चुके मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एरिक्सन मामले में बड़े भाई ने मदद की थी, तब जाकर वे जेल जाने से बच पाए थे। अब नया मामला स्पेक्ट्रम फीस न चुकाने का है। कर्ज में डूबी रिलायंस कम्युनिकेशन्स अभी तक 492 करोड़ रुपये का बकाया नहीं जमा करा पाई है। जबकि देश की प्रमुख टेलिकॉम कंपनियों वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने सरकार को अप्रैल महीने का 10,000 करोड़ से अधिक रुपये का स्पेक्ट्रम बकाया चुका दिया है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

सबसे ज्यादा बकाया वोडाफोन आइडिया ने चुकाया 


 सूत्र ने पीटीआई को बताया कि देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने 6,277.1 करोड़ रुपये का भुगतान दूरसंचार विभाग को किया है। इससे पिछली किस्त के तहत कंपनी ने मार्च में 3,042.7 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। कंपनी फिलहाल 25,000 करोड़ रुपये का राइट इश्यू लाने की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ भारती एयरटेल ने 2,745.8 करोड़ रुपये, जबकि रिलायंस जियो ने 1,109.1 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। हालांकि कर्ज में डूबी अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम (रिलायंस कम्युनिकेशन्स) ने अभी तक अपने 492 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान नहीं किया है। आमतौर पर दूरसंचार विभाग की ओर से कंपनियों को बकाया भुगतान करने के लिए, अदा करने की तारीख से 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाता है।

 

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बैंक गारंटी लौटाने की अपील


भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और रिलायंस जियो को इस संबंध में एक मेल किया गया, हालांकि उनकी ओर से इस पर कोई जवाब नहीं मिल पाया। वहीं रिलायंस कम्युनिकेशंस ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार किया। लेकिन इंडस्ट्री के एक विश्लेषक ने बताया कि आरकॉम ने दूरसंचार विभाग को कई बार पत्र लिखकर अतिरिक्त बैंक गारंटी लौटाने को कहा है। गौरतलब है कि टेलिकॉम ऑपरेटर्स को अगली किस्त सितंबर-अक्टूबर माह में चुकानी है।

 

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