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Airtel का अलर्ट: SIM स्वैपिंग के नाम पर आ रहा है फोन, समझिए हो रहा है फ्रॉड

एयरटेल ने कहा कि ऐसी कॉल से सावधान रहें, जिसमें आधार वेरिफिकेश के नाम पर आप से सिम स्‍वैप करने को कहा जाए...

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नई दिल्‍ली। सेफ OTP बेस्‍ड फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन का मॉडल आने के बाद जालसाजों ने लोगों से फ्रॉड का नया तरीका खोज लिया है। अब वे आधार वेरिफिकेशन के नाम पर सिम स्‍वैपिंग का झांसा लेकर लोगों को चूना लगा रहे हैं। पिछले दिनों हैदराबाद में इस तरह के मामले सामने आने के बाद देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने लोगों को आगाह किया है। कंपनी ग्राहकों को जागरूप करने के लिए मैसेज भेज रही है। मैसेज में इस तरह की कॉल से सवाधान रहने की हिदायत दे जा रही है। अगर सवाधानी नहीं बरती तो आप भी फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। 

 

एयरटेल ने कहा- ऐसी कॉल से सावधान रहें 
एयरटेल ने अपने ग्राहकों को भेजे संदेश में कहा है कि ऐसी कॉल से सावधान रहें, जिसमें आधार वेरिफिकेश के नाम पर आप से सिम स्‍वैप करने को कहा जाए। कंपनी के मुताबिक अगर आपको कोई ऐसी कॉल आए, तो आप किसी भी सूरत में OTP और नया सिम नंबर 121 पर न भेजें। एयरटेल ने कहा है कि इस पर कोई डीटेल तब ही भेजें, अगर नया सिम आपके हाथ में हो। कंपनी ने चेताया है कि आप फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। आपके फोन का गलत इस्‍तेमाल हो सकता है। 

 

सबसे पहले बेंगलूरू हैदराबाद में आए थे इस तरह के मामले 
कार्ड स्‍वैप के शुरुआती मामले बेंगलूरू और हैदराबाद में आए थे। बेंगलूरू पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसमें कहा गया कि एयरटेल की ओर से सिम बदलने का ऑफर आया था। इसके लिए आधार वेरिफिकेशन के नाम पर ओटीपी भेजा गया। ओटीपी बताते ही फोन हैक हो गया और अकाउंट से पैसे गायब कर दिए गए।

 

एक तरह की फोन हैकिंग है सिम स्‍वैप 
दरअसल यह एक तरह से आपके फोन की हैकिंग हैं। इसके जरिए आपके फोन नंबर का कंट्रोल हैकर्स के पास आ जाता है। इसके बाद आपके फाइलेंशियल ट्रांजेक्‍शन का ओटीपी उनके पास आने लगता है। इसकी मदद से वो आपके अकाउंट और डेबिट-क्रेडिट कार्ड के पैसे को खाली कर देते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में सिम हैंकिंग से जुड़े फ्रॉड सबसे ज्यादा होते हैं। अमेरिकी ट्रेड कमीशन के मुताबिक 2013 में सिम स्वैप के जरिए चोरी की 1,038 शिकायतें देश में दर्ज की गईं, लेकिन जनवरी 2016 ये मामले बढ़कर 2,658 हो गए। इस तरह के फ्रॉड की दस्‍तक अब भारत में भी देखी जा रही है। 

 

आगे पढ़ें- क्या है ये सिम कार्ड स्वैप

 

 

क्या है ये सिम कार्ड स्वैप
सिम कार्ड में यूजर का डाटा स्टोर होता है। यह एक तरीके से यूजर को ऑथेन्टिकेट करता है। यही कारण है कि आप बिना सिम के किसी दूसरे नेटवर्क से कनेक्ट नहीं हो सकते। कोई भी ऑपरेटर जब आपकी सिम स्‍वैप करता है, यानी आपके पुराने नंबर के लिए ही नई सिम जारी करता है तो ओटीपी के जरिए इसे वेरिफाई करता है। हालांकि यह वेरिफिकेशन दूसरी सिम जारी करने और इसे ग्राहकों को देने के बाद ही होता है। 

 

आगे पढ़ें- आखिर हैकर क्‍या करते हैं 

 

 

 

लेकिन हैकर क्‍या करते हैं 
हैकर आधार वेरिफकेशन का झांसा देते हैं। इसके चलते आपको लगता है कि आधार आने के चलते आपकी पुरानी सिम बेकार हो चुकी है। हैकर आपको कहता है कि कंपनी आपको दूसरी सिम भेजेगी। पर ऐसा होता नहीं है। दरअसल दूसरी सिम उसके पास होती है। हैकर सिम स्‍वैप को पूरा वही प्रोसेस अपनाता है जो टेलिकॉम कंपनी का कस्‍टमर फोन एग्‍जीक्‍यूटिव अपनाता है। पर सिम आपको नहीं देता। वह आपके नंबर को अपनी सिम में ट्रांसफर कर लेता है। इसके बाद वह फ्रांड को आंजाम देना शुरू करता है। 

 

आगे पढ़ें- कुछ ऐसी बातों के बारे में, सिम स्‍वैप फ्रॉड से बचने के लिए जिन्‍हें याद रखना जरूरी है... 

 

 

 

ये बात जरूर रखें याद 
किसी भी सूरत में ओटीपी किसी दूसरे इंसान को नहीं बताएं। मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने की डेडलाइन अब भी खत्म नहीं हुई है। ऐसे में कोई भी इस तरह का झांसा दे तो समझिए यह फ्रॉड कॉल है। कोई भी डीटल साझा करने से पहले एक बार टेलिकॉम कंपनी के कस्टमर केयर से जरूर कन्‍फर्म कर लें। 

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