बिज़नेस न्यूज़ » Industry » IT-Telecomएयरसेल ने दि‍वालि‍या घोषि‍त करने के लि‍ए NCLT को कि‍या आवदेन

एयरसेल ने दि‍वालि‍या घोषि‍त करने के लि‍ए NCLT को कि‍या आवदेन

कंपनी कर्ज के भारी बोझ तले दबी है।

Aircel Filed for Bankruptcy in the National Companies Law Tribunal

नई दि‍ल्‍ली। देश के छठे सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर एयरसेल ने अपनी यूनि‍टों - एयरसेल सेलुलर और डि‍शनेट वायरलैस के साथ नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) में खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन दिया है। कंपनी कर्ज के भारी बोझ तले दबी है। सितंबर 2016 में मुकेश अंबानी के जि‍यो के आने के बाद से यह चौथी कंपनी है, जि‍सने अपना बि‍जनेस समेट लि‍या है। नॉर्वे की टेलि‍नॉर अपनी संपत्‍तियां एयरटेल को ट्रांसफर कर रही है। टाटा टेलीसर्वि‍सेज का बि‍जनेस भी इसी राह पर है। कंपनी को यह फैसला तब लेना पड़ा जब मलेशि‍या की कंपनी मैक्सिस अपने शेयरहोल्डर्स और कर्जदाताओं के बीच कोई भी आम सहमति बनाने में नाकामयाब रही।   

 

नीरवGST इम्पैक्ट: सरकार को मिले 36 लाख नए टैक्सपेयर, महाराष्ट्र-यूपी सबसे आगे

 


270 दिनों के भीतर तैयार होगा प्‍लान 
अगर नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल एयरसेल की दिवालिया घोषित करने की अपील पर विचार करता है तो वह एक इनसॉल्वेंसी रेजॉलूशन प्रोफेशनल नियुक्त करेगा जिसे 270 दिनों के भीतर कंपनी के रीपेमेंट प्लान तैयार करना होगा। अगर रेजॉलूशन प्रफेशनल ट्राइब्यूनल को रीपेमेंट प्लान देने में या उसपर सहमति बनाने में नाकामयाब रहता है तो कंपनी को बैंकरप्ट घोषित करके इसके लिक्विडेशन की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी। 


कोई रास्‍ता नहीं बचा 

एयरसेल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि‍ कर्जदाताओं और शेयरधारकों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद भी कर्ज और वित्तपोषण को लेकर कंपनी किसी आमसहमति पर नहीं पहुंच सकी।  कंपनी का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन करना ही सही कदम होगा। 

 

 

 मोदी ने जांच के लिए आने से CBI को मना किया, ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट