आरोप /1 साल में 30 हजार रिटेल मोबाइल स्टोर बंद, डीलरों ने सरकार से लगाई गुहार

  • कहा- ई-कॉमर्स कंपनियों को पहले स्मार्टफोन देती हैं कंपनियां
  • ऑनलाइन ज्यादा छूट मिलने के कारण भी पड़ रहा कारोबार पर असर

Moneybhaskar.com

Sep 28,2019 03:25:00 PM IST

नई दिल्ली। ऑफलाइन मोबाइल स्टोर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एआईएमआरए) ने ई-कॉमर्स कंपनियों पर उनके धंधे को चौपट करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन ने वाणिज्य मंत्रालय, कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया और डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) को एक पत्र लिखकर कहा है मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की वजह से पिछले एक साल में 30 हजार से ज्यादा स्टोर बंद हो गए हैं और लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। एसोसिएशन ने पत्र में अपना धंधा बचाने की गुहार लगाई है।

ऐसे चौपट हो रहा है धंधा

एआईएमआरए ने पत्र में लिखा है कि ई-कॉमर्स कंपनियां सीधे मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों से समझौता करके स्मार्टफोन को कम कीमत पर बेचती हैं। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर कीमत में भारी अंतर होता है जिससे ऑफलाइन रिटेल स्टोर पर बिक्री नहीं होती है। इसके अलावा कंपनियां भी नए लॉन्च हुए स्मार्टफोन सीधे ई-कॉमर्स कंपनियों को उपलब्ध कराती हैं। जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री कम हो जाती है तब उन्हें ऑफलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध कराया जाता है। इससे इनकी बिक्री नहीं होती है। केवल वही लोग ऐसे स्मार्टफोन की खरीदारी करते हैं जो ऑनलाइन खरीदारी से चूक जाते हैं।

एक प्रोडक्ट, एक कीमत की मांग

एसोसिएशन ने पत्र में कहा है कि मोबाइल फोन निर्माता कंपनियों और ई-कॉमर्स कंपनियों के इस गठजोड़ की वजह से ऑफलाइन स्टोर लगातार बंद होते जा रहे हैं। एसोसिएशन ने पत्र में सभी जगह पर एक प्रोडक्ट और एक समय में सभी जगहों पर एक ही कीमत तय करने का आग्रह किया है। एसोसिएशन ने कहा है कि ऑनलाइन रिटेलर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान नहीं करते हैं जिससे सरकार को राजस्व का भी नुकसान होता है।

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