मुसीबत /भारत में 2 अक्टूबर से 6 प्लास्टिक प्रोडक्ट पर लग जाएगा पूर्ण प्रतिबंध, शुरुआती 6 माह तक जुर्माने में दी जाएगी ढ़ील

  • देश में सालाना उपयोग होने वाली कुल प्लास्टिक में से करीब 40 प्रतिशत खपत ई-कॉमर्स सेक्टर में होती है।
  • यह प्रतिबंध प्लास्टिक की मैन्युफैक्चरिंग के साथ उसके उपयोग और प्लास्टिक प्रोडक्ट के आयात पर होगा।

Moneybhaskar.com

Aug 29,2019 12:46:31 PM IST

नई दिल्ली. भारत में इस साल 2 अक्टूबर यानी महात्मा गांधी की जयंती से प्लास्टिक बैग, कप समेत 6 प्लास्टिक प्रोडक्ट पर पूर्ण प्रतिबंध लग जाएगा। पीएम मोदी की साल 2022 तक देश को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाने की योजना है। इसकी शुरुआत इस साल 2 अक्टूबर से हो सकती है। प्लास्टिक के जिन प्रोडक्ट पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, उनमें प्लास्टिक बैग, कप, प्लेट, छोटी बोतल, प्लास्टिक स्ट्रा और कुछ टाइप की पैकिंग प्लास्टिक है। यह प्रतिबंध प्लास्टिक की मैन्युफैक्चरिंग के साथ उसके उपयोग और प्लास्टिक प्रोडक्ट के आयात पर होगा।

भारत के पास नहीं प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण तंत्र

भारत में प्लास्टिक अपशिष्ट के मैनेजमेंट का कोई सिस्टम नहीं है। इसकी वजह से भारत के शहरों और गांवों से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक अपशिष्ट निकलता है। एक अनुमान के मुताबिक 6 प्लास्टिक प्रोडक्ट के उपयोग पर प्रतिबंध से भारत में सालाना तौर पर खपत होने वाली 14 मिलियन टन में से मात्र 5 से 10 प्रतिशत पर ही रोक लगाई जा सकेगी। हालांकि बैन के शुरुआती 6 माह में जुर्माने में छूट दी जा सकती है। हालांकि प्लास्टिक उपयोग पर किस तरह का जुर्माना लगाया जाएगा। इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आयी है।

प्लास्टिक पैकेजिंग न करने की नसीहत

अधिकारियों के मुताबिक सरकार की तरफ से ई-कॉमर्स कंपनियों को प्लास्टिक पैकेजिंग न करने का निर्देश दिया जा सकता है। बता दें कि सालाना उपयोग होने वाले प्लास्टिक प्रोडक्ट में करीब 40 प्रतिशत प्लास्टिक की खपत ई-कॉमर्स सेक्टर में होती है।सस्ती स्मार्टफोन कंपनियां और ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे Amazon.com Inc, Walmart Inc's, Flipkart अपने प्रोडक्ट, बुक, मेडिसिन को प्लास्टिक में लपेटकर भेजते हैं।

सिंगल यूज प्लास्टिक का 50 प्रतिशत यूज

रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ रहा है, जो सबसे ज्यादा नुकसान समुद्र को पहुंचा रहा है। यहां करीब 50 प्रतिशत सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट पहुंचता है, जिससे मरीन लाइफ प्रभावित हो रही है और यह प्लास्टिक ह्यूमन फूड चेन तक पहुंचा रहा है।यूरोपियन यूनियन ने साल 2021 तक सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम जैसे स्ट्रा, फोर्क, चाकू और कॉटन बड्स का उपयोग पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य तय किया है। चीन के कॉमर्शियल हब शंघाई ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर साल 2025 तक पूर्ण प्रतिबंध का लक्ष्य तय किया है।

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