Ola-फ्लि‍पकार्ट से बाहर नि‍कलेगी टाइगर ग्‍लोबल, सॉफ्टबैंक को 6500 करोड़ में बेचेगी हि‍स्‍सा

ओला-फ्लि‍पकार्ट में बढ़ जाएगा सॉफ्टबैंक का हि‍स्‍सा। ओला-फ्लि‍पकार्ट में बढ़ जाएगा सॉफ्टबैंक का हि‍स्‍सा।

न्‍यूयॉर्क की इन्‍वेस्‍टमेंट कंपनी टाइगर ग्‍लोबल मैनेजमेंट ओला और फ्लि‍पकार्ट से बाहर नि‍कलने की तैयारी में हैं। टाइगर ग्‍लोबल ओला और फ्लि‍पकार्ट में मौजूद अपनी हि‍स्‍सेदारी को जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक को बेच सकती है।

MoneyBhaskar

Nov 23,2017 11:15:00 AM IST

नई दि‍ल्‍ली। न्‍यूयॉर्क की इन्‍वेस्‍टमेंट कंपनी टाइगर ग्‍लोबल मैनेजमेंट ओला और फ्लि‍पकार्ट से बाहर नि‍कलने की तैयारी में हैं। टाइगर ग्‍लोबल, ओला और फ्लि‍पकार्ट में मौजूद अपनी हि‍स्‍सेदारी को जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक को बेच सकती है। यदि‍ ऐसा होता है तो टाइगर ग्‍लोबल को ओला और फ्लि‍पकार्ट का स्‍टेक बेचने पर करीब 1 अरब डॉलर (6500 करोड़ रुपए) मि‍ल सकते हैं। यह चर्चा इसलि‍ए सामने आई है क्‍योंकि‍ टाइगर ग्‍लोबल मैनेजमेंट पार्टनर ली फि‍क्‍सल ने ओला के बोर्ड से इस्‍तीफा दे दि‍या है जिससे सॉफ्टबैंक के लिए कंपनी के बोर्ड में अपनी ताकत बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया।

ओला में कि‍तना हि‍स्‍सा बेचेगी टाइगर ग्‍लोबल

फिलहाल ओला में टाइगर ग्लोबल की 21 से 22 फीसदी हिस्सेदारी है। मीडि‍या रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, सॉफ्टबैंक की ओर से ANI टेक्‍नोलॉजीज में 10 से 12 फीसदी की अति‍रि‍क्‍त हि‍स्‍सेदारी खरीदने के अंति‍म दौर में है। ANI टेक्‍नोलॉजीज के पास ओला का मालि‍काना हक है। इन डील्‍स के बाद ओला में सॉफ्टबैंक की हि‍स्‍सेदारी एक-ति‍हाई हो जाएगी। सॉफ्टबैंक ने ओला में करीब 40 से 50 करोड़ डॉलर का इन्‍वेस्‍टमेंट भी किया था।

अगर सॉफ्टबैंक और टाइगर ग्‍लोबल की यह डील पूरी हो जाती है तो ओला में सॉफ्टबैंक के पास सबसे ज्‍यादा शेयर्स हो जाएंगे। ओला में हि‍स्‍सेदारी बढ़ाने के लि‍ए सॉफ्टबैंक की ओर से टाइगर ग्‍लोबल के साथ इस साल मई में ही बातचीत शुरू कर दी थी।

डील के बाद फ्लि‍पकार्ट-ओला में सॉफ्टबैंक की हि‍स्‍सेदारी

माना जा रहा है कि‍ फ्लि‍पकार्ट में 60 से 70 करोड़ डॉलर के शेयर्स को टाइगर ग्‍लोबल बायबैंक के जरि‍ए बेच सकती है। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबि‍क, इन डील्‍स के बाद ओला में सॉफ्टबैंक की हि‍स्‍सेदारी एक-ति‍हाई हो जाएगी और फ्लि‍पकार्ट में 20 फीसदी।

टाइगर ग्‍लोबल क्‍यों नि‍कल रही है बाहर?

ओला और फ्लि‍पकार्ट में कि‍ए गए इन्‍वेस्‍टमेंट के भाग्‍य पर सवाल खड़े होने के बाद टाइगर ग्‍लोबल ने भारत में फ्यूचर इन्‍वेस्‍टमेंट के बारे में दोबारा सोचना शुरू कि‍या। 2015 के अंत से इस साल की शुरुआत तक (करीब 18 माह के दौरान) टाइगर ग्‍लोबल केवल दो पोर्टफोलि‍यो कंपनि‍यों में फंडिंग राउंड को फोलो कर रही थी। वहीं, इसकी तुलना में 2014-15 के दौरान टाइगर ग्‍लोबल ने 18 नए इन्‍वेस्‍टमेंट को पूरा कि‍या था। ली फि‍क्‍सल को यह अहसास होने लगा कि‍ भारत की इंटरनेट इकोनॉमी चीन की तरह नहीं बढ़ रही है। जब भारत में कंपनी एक्टि‍व नहीं थी तक टाइगर ग्‍लोबल अमेरि‍का और चीन जैसे मार्केट्स में इन्‍वेस्‍टमेंट कर रही थी जहां उसे फेसबुक और जेडी.कॉम में कि‍ए इन्‍वेस्‍टमेंट से बेहतरीन रि‍टर्न मि‍ला।


दो दर्जन भारतीय कंपनि‍यों में टाइगर ग्‍लोबल की हि‍स्‍सेदारी

अगरी दो दर्जन से ज्‍यादा भारतीय स्‍टार्टअप्‍स में टाइगर ग्‍लोबल की हि‍स्‍सेदारी है इसमें बि‍लि‍यन डॉलर कंपनि‍यां - क्‍वि‍कर, शॉपक्‍लूज और हाइक के अलावा पॉलि‍सीबाजार और फ्रेशवर्कस जैसे कंपनि‍यां शामि‍ल हैं। फ्लि‍पकार्ट और ओलो से बाहर नि‍कलने पर टाइगर ग्‍लोबल ज्‍यादा भारतीय कंपनि‍यों में इन्‍वेस्‍टमेंट कर सकती है।

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ओला-फ्लि‍पकार्ट में बढ़ जाएगा सॉफ्टबैंक का हि‍स्‍सा।ओला-फ्लि‍पकार्ट में बढ़ जाएगा सॉफ्टबैंक का हि‍स्‍सा।
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