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समस्या /सरकारी हेल्पलाइन पर हर पांच में से एक शिकायत ई-कॉमर्स वेबसाइट के खिलाफ, फ्लिपकार्ट सबसे आगे  

  • कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने जारी किए आंकड़े
  • ई-कॉमर्स के बाद बैंकिंग और टेलीकॉम के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें

Moneybhaskar.com

Nov 19,2019 01:14:28 PM IST

नई दिल्ली. सरकार की नेशनल हेल्पलाइन पर ग्राहकों द्वारा की गई शिकायतों में से सबसे ज्यादा शिकायतें ई-काॅमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ की गई हैं। हर पांच में से एक शिकायत किसी ई-कॉमर्स कंपनी के खिलाफ दर्ज कराई गई है। इसमें फ्लिपकार्ट शीर्ष पर है। कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, ई-कॉमर्स के अलावा बैंकिंग और टेलीकॉम के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एक लाख शिकायतें

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, फ्लिपकार्ट, रिलायंस जियो और अमेजन और एक पब्लिक सेक्टर बैंक सबसे ज्यादा शिकायत पाने वाली शीर्ष कंपनियों में शामिल हैं। इस वित्त वर्ष में 5 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिसमें से एक लाख से ज्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ दर्ज हुई हैं। बैंकों के खिलाफ 41,600 शिकायतें, टेलीकॉम के खिलाफ 29,400 शिकायतें दर्ज की गई हैं। पिछले वित्त वर्ष में दर्ज हुई 5.65 लाख शिकायतों में से एक लाख शिकायतें ई-कॉमर्स के खिलाफ दर्ज की गईं।

पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी बढ़ सकती हैं शिकायतें

अधिकारी ने बताया कि ई-कॉमर्स का कंज्यूमर बेस तेजी से बढ़ा है और उसी अनुपात में शिकायतें भी बढ़ी हैं। इस वित्त वर्ष के चार महीने अभी बाकी हैं और पिछले साल की तुलना में शिकायतों में 40-50 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ मिलीं शिकायतों में ज्यादातर नकली प्रोडक्ट, सामान को एक्सचेंज करने में हो रही दिक्कत और डिलीवरी में देरी से जुड़ी हैं। टेलीकॉम कंपनियों से जुड़ी कंप्लेंट अधिक बिल, डाटा में कटौती और खराब कनेक्टिविटी के बारे में हैं।

मंत्रालय ने लॉन्च किया मोबाइल ऐप

उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते असंतोष को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शिकायत निवारण की प्रक्रिया को मजबूत करने की कोशिश की है। पिछले महीने मंत्रालय ने मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इस पर ग्राहक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उसका समाधान 60 दिनों में किया जाएगा। कंप्लेंट मिलने पर उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय संबंधित कंपनी को उसे भेजता है। तय समयसीमा में समाधान करने को कहा जाता है।


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