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  • NCLAT rejects plea against CCI nod for Flipkart's acquisition

कंपनी /फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के खिलाफ दाखिल कैट की याचिका NCLAT ने की खारिज, गलत तरीके से व्यापार की मंजूरी का लगा था आरोप

  • कोर्ट ने मामले की मेरिट पर सवाल उठाते हुए याचिका को खारिज कर दिया

Moneybhaskar.com

Mar 12,2020 04:17:00 PM IST

नई दिल्ली. नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने व्यापार संगठन कैट (CAIT) की उस याचिका को खारिज किया, जिसमें वॉलमार्ट के 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण को लेकर सीसीआई की मंजूरी को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति एस.जे. मुखोपाध्याय की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि कैट वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे के लिए कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) को मंजूरी देने के खिलाफ अपने आरोपों को साबित करने में विफल रहा।

'वॉलमार्ट के अधिग्रहण से फ्लिपकार्ट की वैल्यू बढ़ी'

एनसीएलटी ने कहा कि कैट की ओर से फ्लिपकार्ट को याचिका में पार्टी नहीं बनाया गया था। ऐसे में कोर्ट ने मामले की मेरिट पर सवाल उठाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने कहा कि वॉलमार्ट के अधिग्रहण से फ्लिपकार्ट की वैल्यू बढ़ी है। बता दें कि पिछले साल जनवरी माह में कैट की याचिका पर एनसीएलएटी ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि सीसीआई ने 8 अगस्त 2018 को अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट को फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण की मंजूरी दी थी। इस डील के बाद वॉलमार्ट के पास इंडियन ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के 77 फीसदी शेयर आ गए थे।

धोखेबाजी गतिविधियों को नजरअंदाज करने का आरोप

डील के बाद मामला एनसीएलएटी पहुंचा, जिसके बाद वॉलमार्ट को भारत में व्यापार करने के तरीके के बारे में विस्तार से ट्रिब्यूनल को जानकारी देने का आदेश दिया गया। कैट ने अपनी याचिका में सीसीआई पर भारत में व्यापार की इजाजत देते वक्त फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट की पहले की पक्षपाती और धोखेबाजी गतिविधियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था।

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