रणनीति /मुकेश अंबानी चीनी तरीका अपनाकर अमेजन को देंगे मात, पांच काम करके बनेंगे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति!

  • रिलायंस जियो के 30 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता है। वह इन उपभोक्ताओं को अपनी ऑनलाइन शॉपिंग से जोड़ सकती है। 
  • सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको को करीब 25 प्रतिशत शेयर बेचकर फंड जुटाया जा सकता है। 

money bhaskar

Apr 20,2019 04:01:30 PM IST

नई दिल्ली. भारत के सबसे अमीर और दुनिया के 13 वें रईस व्यक्ति मुकेश अंबानी जब भी कुछ करते हैं तो दुनिया को चौंका देते हैं। रिलायंस जियो लाकर दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को शीर्षासन करवा चुके अंबानी अब दुनिया की दिग्गज ई कॉमर्स कंपनी अमेजन और अलीबाबा को मात देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए चीनी कंपनी अलीबाबा की तर्ज पर भारत में अपना नेटवर्क बनाएंगे। वे भी भारत में ऑनलाइन सामान बेचने के मार्केट के बड़े खिलाड़ी बनना चाहते हैं। जानिए क्या है अंबानी की प्लानिंग और कैसे देंगे दुनिया के दूसरे रईसों को मात...

प्लान नंबर एक


मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से रिलायंस रिटेल आदि का संचालन कर रही है। शहरों में कई जगह रिलायंस के स्टोर्स हैं। स्टोर्स पर सामान सप्लाई करने वाले वेंडर भी हैं। बस अब इन्हें ऑनलाइन शॉपिंग से जोड़ना है।

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प्लान नंबर दो


रिलायंस जियो के 30 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता है। वह इन उपभोक्ताओं को अपनी ऑनलाइन शॉपिंग से जोड़ सकती है। हालांकि तकनीकी दिक्कत है जियो प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं कर सकती है। इसलिए संभव है कि जियो और रिटेल का मर्ज कर दिया जाए।

प्लान नंबर तीन

रिलायंस इंडस्ट्रीज पर करीब तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। रिलायंस ने कर्ज लेकर Jio में पैसा लगाया। अब जियो मुनाफे में आ रहा है इसलिए कर्ज तो चुक जाएगा लेकिन काफी वक्त लगेगा। ई कॉमर्स और कंपनी के दूसरे विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी चाहिए। लिहाजा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के कुछ शेयर बेचे जा सकते हैं। ऐसी चर्चा है कि सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको को करीब 25 प्रतिशत शेयर बेचकर फंड जुटाया जाए।

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प्लान नंबर चार

अंबानी का प्लान है कि वो एक ऐसा अनोखा प्लेटफॉर्म तैयार करें जिसके माध्यम से ग्राहकों को 24 घंटों के भीतर ही डिलीवरी मिल सके और उससे संबंधित अपनी शिकायत को ऑफलाइन दर्ज कर सकें। ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के फाउंडर और चेयरमैन जैक मा का भी यही प्लान था। उन्होंने साल 1999 में छोटे दुकानदारों के साथ मिलकर एक चेन बनाई थी। इसी प्लान से जैक मा की कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी थी।

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प्लान नंबर पांच

वहीं अगर दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस की बात करें, तो बेजोस अब तक 75 से भी ज्यादा कंपनियों में निवेश कर चुके हैं। पिछले दो साल से अंबानी ने भी 25 छोटी-बड़ी कंपनियों में निवेश किया है। महिंद्रा ग्रुप के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने कहा था कि, 'जब ई-कॉमर्स बिजनेस के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस का बड़ा रिटेल डिविजन जियो के नेटवर्क से मिलेगा, तो वह अमेजन को भी कड़ी टक्कर देगा।'

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एक साल में इतनी बढ़ी इन दिग्गजों की संपत्ति

मार्च 2018 में जेफ बेजोस, मुकेश अंबानी और जैक मा की नेट वर्थ क्रमश: 7.77 लाख करोड़, 2.78 लाख करोड़ और 2.70 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं अप्रैल 2019 के आंकड़ों के अनुसार इन तीनों दिग्गजों की नेट वर्थ क्रमश: 10.62 लाख करोड़, 3.81 लाख करोड़ और 2.76 लाख करोड़ रुपये है। इसका मतलब मार्च 2018 से लेकर अप्रैल 2019 तक जेफ बेजोस की संपत्ति में 36.6 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं मुकेश अंबानी और जैक मा की संपत्ति में क्रमश: 37.5 और 2.5 फीसदी का इजाफा हुआ है। बड़े सपने देख भारत में अपनी एक अनोखी पहचान बनाने वाले अंबानी ने साल 2018 में अलीबाबा के चेयरमैन जैक मा को भी पछाड़ दिया था।

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