ई-कॉमर्स /कई कंपनियां उपभोक्ता हितों से कर रहीं खिलवाड़

  • कानूनन अनिवार्य होने के बावजूद नहीं बता रहीं एमआरपी और एक्सपायरी डेट

Moneybhaskar.com

Aug 22,2019 03:09:35 PM IST

नई दिल्ली. कई कंपनियां उपभोक्ता हितों के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रही हैं। वे उत्पादों की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) और इस्तेमाल की आखिरी तारीख (एक्सपायरी डेट) नहीं बता रही हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक ऐसा करने वालों में अधिकतर ऑनलाइन फार्मेसी, सिंगल ब्रांड रिटेल स्टोर तथा छोटी कंपनियां औन कुछ ऑनलाइन मार्केटप्लेस शामिल हैं। जबकि कुछ बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस उपभोक्ता हितों से जुड़ी ये जानकारियां दे तो रहे हैं, लेकिन इन्हें अलग मेन्यू में डाल रहे हैं, जिसके कारण इसे देख पाना साधारण तौर पर कठिन हो जाता है।

सरकार ने कानून बनाकर इन सूचनाओं को किया है अनिवार्य

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज)(अमेंडेड रूल्स) 2017 बनाकर इन बातों की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया है। यह कानून पहली जनवरी 2018 से लागू हो चुका है। सरकार ने नियमों का पालन नहीं करने वाले कुछ मार्केटप्लेस पर छापा भी मारा था। उपभोक्ता मामलों के विभाग के तहत आने वाला लीगल मेट्रोलॉजी डिवीजन इन मामलों पर नजर रखता है।

54 फीसदी ग्राहकों ने ही कहा कि एमआरपी और एक्सपायरी डेट दिखाए जा रहे

कम्युनिटी प्लेटफॉर्म लोकल सर्कल्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक सिर्फ 56 फीसदी लोगों का मानना है कि ई-कॉमर्स साइट्स और एप्स एमआरपी दिखा रहे हैं। जबकि महज 54 फीसदी ने कहा कि वे एक्सपायरी डेट की जानकारी दे रहे हैं। लोकल सर्कल्स के संस्थापक और चेयरमैन सचिन टापरिया ने कहा कि बड़े साइट्स तो एमआरपी से जुड़े नियमों का पालन कर रहे हैं, लेकिन कई वर्टिकल ई-कॉमर्स साइट्स या तो इन नियमों का पालन नहीं कर रहे, या इस जानकारी को इस तरह से दे रहे हैं कि इसे ढूंढ पाना मुश्किल हो रहा है। एक्सपायरी डेट के मामले में बड़े साइट्स पर भी चुनिंदा सेलर्स ही यह जानकारी दे रहे हैं।

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