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ई-कॉमर्स / विदेश से कितने गिफ्ट पा सकेंगे आप, इसकी लिमिट तय करेगी सरकार, आधार/पासपोर्ट नंबर का होगा इस्तेमाल

बजट में किया जा सकता है इस प्रस्ताव का ऐलान

Govt mulls cap on overseas gifts received by Indians to prevent misuse of customs norms
  • 5000 रु तक के गिफ्ट पर नहीं लगता है कस्टम ड्यूटी चार्ज। 

नई दिल्ली.

चीनी ई-कॉमर्स कंपनियां सामान पर कस्टम ड्यूटी और जीएसटी बचाने के लिए अपने सामान को भारत में भारत में गिफ्ट के तौर पर भेजती हैं। इसके चलते भारतीय ई-कॉमर्स उद्योग और रिटेल ट्रेडर्स को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार इन चीनी कंपनियों पर अपना शिकंजा कसने के लिए कदम उठा रही है। सरकार इस बारे में विचार कर रही है कि, देश का कोई नागरिक विदेश से कितने तोहफे पा सकता है, इस पर एक लिमिट लगाई जाए। दरअसल गिफ्ट्स पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगती है, इसकी का फायदा चीनी कंपनियां उठा रही हैं।

 

5000 रु तक के गिफ्ट पर नहीं लगता है कस्टम ड्यूटी चार्ज

Economic Times में छपी खबर के मुताबिक सरकार ने गिफ्ट से संबंधित कस्टम शुल्क के नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है। 5 जुलाई को पेश होने वाले बजट में इन नियमों में बदलाव का ऐलान किया जा सकता है। लोग एक साल में कितनी बार विदेश से गिफ्ट पा सकते हैं, इसकी लिमिट लागू करने के लिए आधार या पासपोर्ट नंबर का यूज किया जा सकता है। नियमों के मुताबिक भारतीयों के लिए भेजे गए 5000 रुपए तक के गिफ्ट्स पर कोई टैक्स नहीं लगता है। कोई शख्स एक साल में कितनी बार विदेश से गिफ्ट पा सकता है, इसकी कोई लिमिट नहीं है।

 

राेजाना भारत से होते हैं दो लाख ऑर्डर

हाल ही में खुलासा हुआ था कि भारत से रोजाना चीनी ई-कॉमर्स साइट्स पर दो लाख ऑर्डर दिए जा रहे हैं। ये गिफ्ट कूरियर के माध्यम से आ रहे हैं। हर कूरियर में बड़े-बड़े आइटम होते हैं जो चीन के अलग-अलग प्रांतों से भेजे जाते हैं। यह चीन का भारत में माल भेजने का नया पैंतरा है ताकि शिपमेंट में होने वाले तमाम झंझटों से बचते हुए भारत के बाजार में उनका सामान पहुंच जाए। ये सामान भारत के कारोबारियों को उनके आॅर्डर पर भेजे जा रहे हैं। गिफ्ट के नाम पर माल आने से कस्टम ड्यूटी भी नाममात्र की लगते है जिससे माल आने की लागत भी कम हो जाती है और सामान भी आसानी से भारतीय बाजार में पहुंच जाता है। इस कानून को NRI लोगों के लिए बनाया गया था, ताकि वे अपने घरवालों को तोहफे भेज सकें। लेकिन लंबे समय से चीनी ई-कॉमर्स कंपनियां इस कानून का गलत फायदा उठा रही हैं।

 

तगड़ा मुनाफा कमाती हैं चीनी कंपनियां

Shein, AliExpress, Romwe और Club Factory जैसी चीनी कंपनियां अपना माल बेहद सस्ते दामों पर भारत में बेचती हैं, क्योंकि वे अपना माल गिफ्ट के तौर पर भेजती है। ऐसे में उन्हें कस्टम ड्यूटी नहीं पड़ती है। इन साइट्स पर मिलने वाला सामान न सिर्फ भारतीय ई-कॉमर्स साइट्स से 50-60 फीसदी सस्ता है, बल्कि सरोजिनी नगर जैसे बाजारों की तुलना में भी काफी सस्ता रहता है। इस वजह से भारतीय ग्राहक भी इन साइट्स से सामान खरीदना पसंद करते हैं। इससे यह कंपनियां तगड़ा मुनाफा कमा रही थीं।

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